नहर में डूबते भाई को बचाने के लिए लगाई छलांग, दोनों डूबे, एक की मिली लाश, दूसरे की तलाश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटियाला के पातड़ां के गांव करीमनगर के रहने वाले दो छात्र अपने दोस्तों के साथ शनिवार सुबह भाखड़ा नहर में नहाते समय डूब गए। खबर लिखे जाने तक इनमें से एक छात्र का शव भाखड़ा नहर से बरामद कर लिया गया था। गोताखोर दूसरे छात्र की तलाश कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक डूबने वाले दोनों नौजवान चचेरे भाई थे।
मामले के जांच अधिकारी थाना शुतराणा के एएसआई शमशेर सिंह ने बताया कि गांव करीमनगर (चिचड़वाला) का रहने वाला गुरप्रीत राम पातड़ां के न्याल कॉलेज में बीए फाइनल ईयर का स्टूडेंट था। वह अपने चचेरे भाई बारहवीं में पढ़ने वाले रवि राम समेत तीन अन्य नौजवानों के साथ सुबह 11 बजे के करीब शुतराणा के नजदीक भाखड़ा नहर पर नहाने गया था।
नहाते समय रवि राम अचानक गहरे पानी में चला गया और वह डूबने लगा। भाई को बचाने के लिए गुरप्रीत सिंह भी गहरे पानी में उतर गया और खुद भी डूब गया।
इनके साथ मौजूद दोस्तों ने शोर मचाया। लेकिन आसपास कोई गोताखोर न होने के कारण कुछ नहीं हो सका। नौजवानों के डूबने की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू की।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों की ओर से नहर से गुरप्रीत सिंह को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत पातड़ां अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि दूसरे लड़के रवि राम की खबर लिखे जाने तक तलाश की जा रही थी।
उधर गांव करीमनगर के सरपंच कुलवंत बाजीगर और पूर्व सरपंच सीबा राम आदि ने रोष जताया है कि पातड़ां प्रशासन की ओर से भाखड़ा नहर में लोगों खास तौर से नौजवानों को नहाने से रोकने के लिए किसी तरह का कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। जिस कारण अब तक कई नौजवान भाखड़ा नहर में डूब कर अपनी जान गंवा चुके हैं।