रामपाल के खिलाफ पंजाब में भी 2 केस
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अदालत की अवमानना समेत अन्य आरोपों का सामना कर रहे सतलाक आश्रम के मुखी संत रामपाल पर पंजाब में 2 केस दर्ज हैं। मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना के समराला इलाके इनपर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज है।
गोबिंदगढ़ में यह मामला स्थानीय शहरवासियों द्वारा पुलिस पर बनाए गए दबाव के बाद ही गोबिंदगढ़ थाना में गत 3 मई 2014 को दर्ज किया गया था जोकि शहर के ज्यादा घनी आबादी वाले हिंदू इलाके, स्कूल, कालेजों व बाजारों में संत रामपाल की किताबें बांट प्रचार कर रहे थे।
जिसमें संत रामपाल के अनुयाई सुरिंदर कुमार निवासी गांधी नगर गली नंबर 5 मंडी गोबिंदगढ़ तथा ज्ञान प्रकाश निवासी गांव महोई, जिला महिजादपुर उत्तर प्रदेश के नाम शामिल है।
विवादित किताबें बांट रहे थे अनुयाई
यह दोनों लोग 3 मई की सुबह संत रामपाल द्वारा रचित किताब ‘हरी आए हरियाणा में’ नामक एक किताब हाथों हाथ मुफ्त बांट रहे थे, पंजाबी में प्रकाशित किताब के पन्ना नंबर 69 तथा हिंदी में 106 नंबर पन्नों पर हिंदू धर्म तथा राधा स्वामी व डेरा सिरसा विरुद्ध कई विवादित टिप्पणियां की हुई थीं।
जैसे ही लोगों ने इस किताब के उक्त पन्नों को खोलकर पढ़ा तो भड़के हुए लोगों ने उक्त दोनों लोगों की धुनाई करने के बाद काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया था और पुलिस ग्रिफ्त में सुरिंदर कुमार नामक अनुयाई ने माना था कि वह पिछले काफी महीनों से आश्रम की 1000 किताबें लाकर लोगों को बांट चुका है।
इस मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस ने संत रामपाल तथा दो अनुयाईयों पर धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में आई.पी.सी. की धारा 295 अधीन मुकदमा नंबर 109 दिनांक 3 मई 2014 को दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी थी।
यहीं नहीं इसके अलावा संत रामपाल का यह धार्मिक विवाद लुधियाना के समराला इलाके से भी जुड़ा हुआ है यहां पर भी रामपाल के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भड़काने का मामला दर्ज है और इसी जगह पर भी सतलोक आश्रम के अनुयाई विवादित किताबें बांट रहे थे।