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स्कूल में निजी प्रकाशकों की किताब बेचते रंगे हाथ पकड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को भेजा कारण बताओ नोटिस
Updated Thu, 12 Apr 2018 01:56 AM IST
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दो दिनों के भीतर जवाब नहीं दिया तो स्कूल की मान्यता होगी रद्द
- स्कूल में निजी प्रकाशकों की किताब बेचते रंगे हाथ पकड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को भेजा कारण बताओ नोटिस
- जैनेंद्रा पब्लिक स्कूल में सीबीएसई और शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद भी बेची जा रही थी पाठ्यक्रम से जुड़ी किताबें
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सेक्टर-एक स्थित जैनेंद्रा पब्लिक स्कूल को स्कूल कैंपस में निजी प्रकाशकों की किताबें बेचने के मामले में शिक्षा विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्कूल से जवाब मांगा है कि स्कूली शिक्षा निदेशक के आदेश के बाद भी निजी प्रकाशकों की किताबें क्यों बेची जा रही हैं और स्कूल कैंपस में किसकी परमिशन से किताबें बेची जा रही थीं।
बता दें कि अमर उजाला ने छह अप्रैल को अभिभावकों की शिकायत पर स्कूल कैंपस में बिक रही निजी प्रकाशकों की किताबों का स्टिंग किया था, मामले में तुरंत संज्ञान में लेने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी और उप जिला शिक्षा अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे और स्कूल कैंपस में निजी प्रकाशकों की किताबें बेचते हुए रंगे हाथ एक महिला को पकड़ा और तत्काल स्कूल कैंपस में चल रहे बुक सेंटर को सील कर दिया।
दो दिन में जवाब नहीं दिया तो मान्यता होगी रद्द
स्कूल प्रिंसिपल को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि स्कूल की ओर से निदेशालय के 2003 के नियम संख्या-30 के भाग 17 की उल्लंघना की गई है। वहीं इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल से दो दिन के अंदर जवाब मांगा है। इस पत्र में साफ कहा गया है कि स्कूल की ओर से जवाब नहीं देने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने और सीबीएसई को दी गई एनओसी वापस लेने के लिए स्कूल निदेशालय को सिफारिश की जाएगी।
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क्या कहते हैैं जिला शिक्षा अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. एचएस सैनी ने बताया कि पंचकूला सेक्टर-एक के जैनेंद्रा पब्लिक स्कूल को स्कूल निदेशालय के 2003 के नियम संख्या-30 के भाग 17 की उल्लंघना करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और स्कूल से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
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- स्कूल में निजी प्रकाशकों की किताब बेचते रंगे हाथ पकड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को भेजा कारण बताओ नोटिस
- जैनेंद्रा पब्लिक स्कूल में सीबीएसई और शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद भी बेची जा रही थी पाठ्यक्रम से जुड़ी किताबें
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सेक्टर-एक स्थित जैनेंद्रा पब्लिक स्कूल को स्कूल कैंपस में निजी प्रकाशकों की किताबें बेचने के मामले में शिक्षा विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्कूल से जवाब मांगा है कि स्कूली शिक्षा निदेशक के आदेश के बाद भी निजी प्रकाशकों की किताबें क्यों बेची जा रही हैं और स्कूल कैंपस में किसकी परमिशन से किताबें बेची जा रही थीं।
बता दें कि अमर उजाला ने छह अप्रैल को अभिभावकों की शिकायत पर स्कूल कैंपस में बिक रही निजी प्रकाशकों की किताबों का स्टिंग किया था, मामले में तुरंत संज्ञान में लेने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी और उप जिला शिक्षा अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे और स्कूल कैंपस में निजी प्रकाशकों की किताबें बेचते हुए रंगे हाथ एक महिला को पकड़ा और तत्काल स्कूल कैंपस में चल रहे बुक सेंटर को सील कर दिया।
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दो दिन में जवाब नहीं दिया तो मान्यता होगी रद्द
स्कूल प्रिंसिपल को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि स्कूल की ओर से निदेशालय के 2003 के नियम संख्या-30 के भाग 17 की उल्लंघना की गई है। वहीं इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल से दो दिन के अंदर जवाब मांगा है। इस पत्र में साफ कहा गया है कि स्कूल की ओर से जवाब नहीं देने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने और सीबीएसई को दी गई एनओसी वापस लेने के लिए स्कूल निदेशालय को सिफारिश की जाएगी।
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क्या कहते हैैं जिला शिक्षा अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. एचएस सैनी ने बताया कि पंचकूला सेक्टर-एक के जैनेंद्रा पब्लिक स्कूल को स्कूल निदेशालय के 2003 के नियम संख्या-30 के भाग 17 की उल्लंघना करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और स्कूल से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।