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फिटनेस जिम में ड्रग कंट्रोलर की छापेमारी 22-15-22
Updated Tue, 25 Jul 2017 01:05 AM IST
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फूड सप्लीमेंट के लिए सैंपल, स्टेरॉयड की जांच को भेजे
सेक्टर-नौ के जिम में ड्रग कंट्रोलर की छापामारी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
फूड सप्लीमेंट्स में स्टेरॉयड की शिकायत पर सेक्टर-नौ स्थित जैकेट फिटनेस जिम में ड्रग कंट्रोलर डिपार्टमेंट ने छापामारी की। इस दौरान वहां मौजूद सप्लीमेंट्स के सैंपल लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया।
असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर डॉ. नरेंद्र विवेक आहुजा की देखरेख में टीम ने पूरा दिन कार्रवाई चली। इस दौरान फिटनेस सेंटर से सप्लीमेंट्स की जांच की गई। विभाग को शिकायत मिली थी कि फूड सप्लीमेंट के साथ स्टेरॉयड मिलाए गए हैं। सैंपल्स की जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे कार्रवाई होगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सप्लिमेंट्स में स्टेरॉयड की मिलावट से इसका इस्तेमाल करने वाले खुद को फिट महसूस करते हैं। लेकिन, स्टेरॉयड की अगर मिलावट होती है तो भविष्य में इसके विपरीत प्रभाव हो सकते हैं।
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भावी खिलाड़ियों को हो सकता है नुकसान
डॉ. आहुजा ने बताया कि स्टेरॉयड की अगर फूड सप्लीमेंट में मिलावट होती है तो कभी भी डोप टेस्ट में इसकी पहचान कर ली जाएगी। इससे भावी खिलाड़ियों के भविष्य पर भी सवाल उठ जाते हैं और उनकी खेल प्रतिभा को भी नुकसान होता है।
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सेक्टर-नौ के जिम में ड्रग कंट्रोलर की छापामारी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
फूड सप्लीमेंट्स में स्टेरॉयड की शिकायत पर सेक्टर-नौ स्थित जैकेट फिटनेस जिम में ड्रग कंट्रोलर डिपार्टमेंट ने छापामारी की। इस दौरान वहां मौजूद सप्लीमेंट्स के सैंपल लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया।
असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर डॉ. नरेंद्र विवेक आहुजा की देखरेख में टीम ने पूरा दिन कार्रवाई चली। इस दौरान फिटनेस सेंटर से सप्लीमेंट्स की जांच की गई। विभाग को शिकायत मिली थी कि फूड सप्लीमेंट के साथ स्टेरॉयड मिलाए गए हैं। सैंपल्स की जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे कार्रवाई होगी।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सप्लिमेंट्स में स्टेरॉयड की मिलावट से इसका इस्तेमाल करने वाले खुद को फिट महसूस करते हैं। लेकिन, स्टेरॉयड की अगर मिलावट होती है तो भविष्य में इसके विपरीत प्रभाव हो सकते हैं।
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भावी खिलाड़ियों को हो सकता है नुकसान
डॉ. आहुजा ने बताया कि स्टेरॉयड की अगर फूड सप्लीमेंट में मिलावट होती है तो कभी भी डोप टेस्ट में इसकी पहचान कर ली जाएगी। इससे भावी खिलाड़ियों के भविष्य पर भी सवाल उठ जाते हैं और उनकी खेल प्रतिभा को भी नुकसान होता है।