{"_id":"614c51af8ebc3efda202a39f","slug":"10-years-jail-to-retired-punjab-policeman-in-29-year-old-kidnapping-and-illegal-custody-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहाली: 29 साल पुराने अपहरण और अवैध कस्टडी के मामले में रिटायर्ड पुलिसकर्मी को दस साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
मोहाली: 29 साल पुराने अपहरण और अवैध कस्टडी के मामले में रिटायर्ड पुलिसकर्मी को दस साल की कैद
Thu, 23 Sep 2021 03:57 PM IST
Trainee Trainee
अमर उजाला नेटवर्क, मोहाली
अमर उजाला नेटवर्क, मोहाली
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 23 Sep 2021 03:57 PM IST
सार
21 जुलाई 1991 को आरोपियों ने पिता-पुत्र को जालंधर से उठाया था । वासन सिंह थाना ब्यास का इंचार्ज था। हालांकि बाद में चनण सिंह को छोड़ दिया गया। लेकिन बेटे को पुलिस ने नहीं छोड़ा। जब अगले दिन चनण सिंह ने थाने जाकर बेटे का पता किया तो उसे मुठभेड़ कर मारे जाने की जानकारी दी गई ।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
29 साल पुराने अपहरण और अवैध तौर पर कस्टडी में रखने के दोषी रिटायर्ड एएसआई को सीबीआई की विशेष अदालत ने दस साल की सजा सुनाई है। दोषी अमरीक सिंह पंजाब पुलिस से असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर रिटायर हो चुका है। दोषी को 20 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। अदालत द्वारा उसे वीरवार को ही दोषी करार दिया गया। दोषी करार देने के बाद जेल भेज दिया गया है। जबकि इस मामले के एक अन्य आरोपी वासन सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
जालंधर से उठाया था पिता-पुत्र को
जानकारी के मुताबिक मामला 21 जुलाई 1991 का है। उस समय वासन सिंह थाना ब्यास का इंचार्ज था। आरोप है कि 21/22 जुलाई 1992 की रात एएसआई अमरीक सिंह ने जालंधर से चनण सिंह व उसके बेटे गुरबिंदर सिंह को जबरन उठा लिया था । हालांकि बाद में चनण सिंह को छोड़ दिया, लेकिन बेटे को नहीं छोड़ा गया। जब अगले दिन चनण सिंह ने थाने जाकर बेटे के बारे में पूछा तो आगे से जवाब मिला कि पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। उसकी अस्थियां श्मशान घाट में पड़ी हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - पंजाब पुलिस को सफलता: तरनतारन से तीन आतंकी गिरफ्तार, उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए
विज्ञापन
पुलिस अफसरों से लगाई गुहार, नहीं हुई सुनवाई
इसके बाद चनण सिंह श्मशान घाट पहुंचा और अस्थियां उठाई। इसके बाद वह मामले को लेकर पुलिस के सीनियर अधिकारियों से मिला। साथ ही इंसाफ की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की। चनण सिंह ने कहा कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ कर उसके बेटे को मारा है । इसके बाद चनण सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी थी।
सीबीआई ने जांच में पाया था दोषी
इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच की । अधिकारियों ने केस से जुडे़ हर व्यक्ति से तथ्य जुटाए थे। इस दौरान जब आरोप तय किए गए तो अदालत ने एसआई वासन सिंह (अब मृत) पर धारा 302 (हत्या) और 34 (कई लोगों द्वारा सामान्य इरादे से किए गए कार्य) लगा दी थी। जबकि दूसरे आरोपी पर अपहरण व अवैध कस्टडी में रखने का मामला दर्ज किया गया था।