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दिल्ली, अंडेमान के बाद चंडीगढ़ में बच्चों के साथ सबसे ज्यादा अपराध
सुशील गंभीर/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 02 Dec 2017 10:58 AM IST
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- फोटो : Demo Pics
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दिल्ली और अंडेमान निकोबार द्वीप के बाद बच्चों के साथ सबसे ज्यादा अपराध चंडीगढ़ में होता है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने 2016 की रिपोर्ट जारी की है। इसमें बच्चों के साथ अपराध में 222 मामलों के साथ चंडीगढ़ को तीसरा रैंक दिया गया है, जबकि 2015 में 271 मामले दर्ज हुए थे।
बच्चों के साथ सबसे ज्यादा अपराध दिल्ली में होता है, जहां 8178 केस दर्ज हुए। दूसरे नंबर पर अंडेमान निकोबार द्वीप है, जहां से 86 केस सामने आए। हरियाणा में बच्चों के साथ अपराध के कुल 3099 मामले दर्ज हुए जो देश में 12वें स्थान पर है जबकि हिमाचल प्रदेश 22 और पंजाब 23वें नंबर पर है।
गौरतलब है कि ये आंकड़े और रैंक एनसीआरबी ने राज्यों और यूटी की आबादी के हिसाब से जारी किए हैं। चंडीगढ़ में भले ही किसी राज्य के हिसाब से कम अपराध हुआ, लेकिन आबादी के लिहाज से हुए क्राइम रेट के लिए इसे तीसरे स्थान पर रखा गया है। ये आंकड़े वाकई में चौंकाने वाले हैं क्योंकि बच्चों के साथ अपराध के अलावा बच्चों द्वारा किए गए अपराध में भी चंडीगढ़ तीसरे नंबर पर है। यानी चोरी या अन्य ऐसे अपराध, जिसमें नाबालिग आरोपी पकड़े गए, ऐसे 96 मामले शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज हुए। पिछले साल यह आंकड़ा 100 का था। बच्चों की ओर से किए अपराध में भी दिल्ली 2499 मामलों के साथ पहले और 7369 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है।
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बच्चों के साथ सबसे ज्यादा अपराध दिल्ली में होता है, जहां 8178 केस दर्ज हुए। दूसरे नंबर पर अंडेमान निकोबार द्वीप है, जहां से 86 केस सामने आए। हरियाणा में बच्चों के साथ अपराध के कुल 3099 मामले दर्ज हुए जो देश में 12वें स्थान पर है जबकि हिमाचल प्रदेश 22 और पंजाब 23वें नंबर पर है।
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गौरतलब है कि ये आंकड़े और रैंक एनसीआरबी ने राज्यों और यूटी की आबादी के हिसाब से जारी किए हैं। चंडीगढ़ में भले ही किसी राज्य के हिसाब से कम अपराध हुआ, लेकिन आबादी के लिहाज से हुए क्राइम रेट के लिए इसे तीसरे स्थान पर रखा गया है। ये आंकड़े वाकई में चौंकाने वाले हैं क्योंकि बच्चों के साथ अपराध के अलावा बच्चों द्वारा किए गए अपराध में भी चंडीगढ़ तीसरे नंबर पर है। यानी चोरी या अन्य ऐसे अपराध, जिसमें नाबालिग आरोपी पकड़े गए, ऐसे 96 मामले शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज हुए। पिछले साल यह आंकड़ा 100 का था। बच्चों की ओर से किए अपराध में भी दिल्ली 2499 मामलों के साथ पहले और 7369 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है।
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महिला के साथ अपराध में चंडीगढ़ नंबर 11
महिला के साथ अपराध में चंडीगढ़ नंबर 11
महिलाओं के साथ अपराध में चंडीगढ़ 11वें नंबर पर है। 2016 में महिलाओं के साथ अपराध जैसे छेड़छाड़, दहेज प्रताड़ना या दुराचार के कुल 414 केस दर्ज हुए। हालांकि 2015 में आंकड़ा 468 था। महिलाओं के साथ अपराध में भी दिल्ली पहले नंबर पर है। जबकि दूसरे नंबर पर आसाम और तीसरे नंबर पर उड़ीसा है। इसके अलावा हरियाणा महिलाओं के साथ अपराध में छठे नंबर पर है। पंजाब 22वें और हिमाचल 24वें नंबर पर आबादी और क्राइम रेट के हिसाब से है।
चंडीगढ़ में रेप के 68 मामले, 41 में पीड़ित नाबालिग बच्चियां
एनसीआरबी 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में रेप के कुल 68 मामले दर्ज हुए। इसमें से 41 मामले ऐसे थे, जिसमें 18 साल से कम उम्र की नाबालिग बच्चियों को शिकार बनाया गया। हरियाणा में कुल 1187 रेप के केस दर्ज हुए, जिसमें से 518 मामले नाबालिग बच्चियों के हैं। पंजाब में दर्ज हुए 838 कुल मामलों से 410 रेप केस में नाबालिग पीड़िता थीं।
(नोट- एनसीआरबी की तरफ से यह रैंक आबादी और क्राइम रेट के हिसाब से जारी किए गए हैं।)
महिलाओं के साथ अपराध में चंडीगढ़ 11वें नंबर पर है। 2016 में महिलाओं के साथ अपराध जैसे छेड़छाड़, दहेज प्रताड़ना या दुराचार के कुल 414 केस दर्ज हुए। हालांकि 2015 में आंकड़ा 468 था। महिलाओं के साथ अपराध में भी दिल्ली पहले नंबर पर है। जबकि दूसरे नंबर पर आसाम और तीसरे नंबर पर उड़ीसा है। इसके अलावा हरियाणा महिलाओं के साथ अपराध में छठे नंबर पर है। पंजाब 22वें और हिमाचल 24वें नंबर पर आबादी और क्राइम रेट के हिसाब से है।
चंडीगढ़ में रेप के 68 मामले, 41 में पीड़ित नाबालिग बच्चियां
एनसीआरबी 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में रेप के कुल 68 मामले दर्ज हुए। इसमें से 41 मामले ऐसे थे, जिसमें 18 साल से कम उम्र की नाबालिग बच्चियों को शिकार बनाया गया। हरियाणा में कुल 1187 रेप के केस दर्ज हुए, जिसमें से 518 मामले नाबालिग बच्चियों के हैं। पंजाब में दर्ज हुए 838 कुल मामलों से 410 रेप केस में नाबालिग पीड़िता थीं।
(नोट- एनसीआरबी की तरफ से यह रैंक आबादी और क्राइम रेट के हिसाब से जारी किए गए हैं।)