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विदेश भेजने के नाम 14 लाख रुपये की धोखाधड़ी
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विदेश भेजने के नाम पर डड्डूमाजरा निवासी एक परिवार पर 14 लाख रुपये के धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इतना ही नहीं, पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। मलोया थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पटियाला के गांव सनौर निवासी मेवा सिंह ने पुलिस को शिकायत में बताया कि चंडीगढ़ में उसका दोस्त गगन ड्राइवर का काम करता है। डड्डूमाजरा निवासी गगन के छोटे भाई रॉकी की 23 फरवरी को शादी थी। इसमें वह किसी कारण से शामिल नहीं हो सका। शादी के दस दिन बाद वह और उसकी पत्नी रॉकी के घर पर शगुन देने के लिए पहुंचे। इस दौरान वहां पर रॉकी की सास रानी, सावित्री देवी, विक्रम, संजना, विकास, सुमन और विक्रम के पिता मौजूद थे। इस दौरान मेवा सिंह ने कहा कि वह अपने बच्चों को विदेश भेजना चाहते हैं। उनके परिवार के उक्त सदस्य कहने लगे कि उनका बेटा विक्रम भी विदेश भेजने का काम करता है। सेक्टर-20 में ग्रीन लीफ के नाम से ऑफिस है।
ऐसे में सभी ने मेवा सिंह के बच्चों को झांसा दिया और पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज व्हाट्स एप के जरिए मंगवा लिए गए। मेवा सिंह ने विक्रम के अकाउंट में तीन लाख, पांच लाख, फिर दो लाख और ट्रांसफर करवा दिए। 11 जून को विक्रम ने उन्हें एक ऑफर लेटर की कॉपी भेजी। इसके अलावा उनकी पत्नी गुरमीत कौर व बेटा हरपिन्द्र सिंह चंडीगढ़ में आकर रानी व सावित्री को चार लाख कैश भी दे गए। काफी समय बाद जब विक्रम विदेश नहीं भेज सका तो मेवा सिंह ने अपने रुपये वापस मांगे तो उसे धमकी मिलने लगी। इससे परेशान होकर मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
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पटियाला के गांव सनौर निवासी मेवा सिंह ने पुलिस को शिकायत में बताया कि चंडीगढ़ में उसका दोस्त गगन ड्राइवर का काम करता है। डड्डूमाजरा निवासी गगन के छोटे भाई रॉकी की 23 फरवरी को शादी थी। इसमें वह किसी कारण से शामिल नहीं हो सका। शादी के दस दिन बाद वह और उसकी पत्नी रॉकी के घर पर शगुन देने के लिए पहुंचे। इस दौरान वहां पर रॉकी की सास रानी, सावित्री देवी, विक्रम, संजना, विकास, सुमन और विक्रम के पिता मौजूद थे। इस दौरान मेवा सिंह ने कहा कि वह अपने बच्चों को विदेश भेजना चाहते हैं। उनके परिवार के उक्त सदस्य कहने लगे कि उनका बेटा विक्रम भी विदेश भेजने का काम करता है। सेक्टर-20 में ग्रीन लीफ के नाम से ऑफिस है।
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ऐसे में सभी ने मेवा सिंह के बच्चों को झांसा दिया और पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज व्हाट्स एप के जरिए मंगवा लिए गए। मेवा सिंह ने विक्रम के अकाउंट में तीन लाख, पांच लाख, फिर दो लाख और ट्रांसफर करवा दिए। 11 जून को विक्रम ने उन्हें एक ऑफर लेटर की कॉपी भेजी। इसके अलावा उनकी पत्नी गुरमीत कौर व बेटा हरपिन्द्र सिंह चंडीगढ़ में आकर रानी व सावित्री को चार लाख कैश भी दे गए। काफी समय बाद जब विक्रम विदेश नहीं भेज सका तो मेवा सिंह ने अपने रुपये वापस मांगे तो उसे धमकी मिलने लगी। इससे परेशान होकर मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
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