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दुष्कर्म मामले में दोषी नाबालिग को 10 साल के लिए भेजा बाल सुधार गृह
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किशोरी से दुष्कर्म मामले में जिला अदालत ने नाबालिग दोषी को 10 साल के लिए बाल सुधार गृह भेजने का फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पर 55 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। बीते शुक्रवार को अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया था। बता दें कि 12 जून 2018 को सेक्टर-34 थाना पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस को सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल से एक नाबालिग केगर्भवती होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने हॉस्पिटल पहुंचकर पीड़िता के बयान दर्ज किए।
पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि उसकी मां घरों में काम करती है। वह घर पर अकेली रहती है। पिछले साल एक लड़के से उसकी अच्छी दोस्ती हो गई। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। शादी का झांसा देकर नाबालिग ने उससे शारीरिक संबंध बनाए। उसके बाद वह गर्भवती हो गई। एक दिन रात के समय पेट में दर्द होने पर उसने अपनी मां को पूरी बात बताई। उसके बाद मां पीड़िता को हॉस्पिटल ले गई। मां की शिकायत पर शिकायत पर पुलिस ने 17 वर्षीय नाबालिग के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म), 420 (धोखाधड़ी) और पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। कुछ बीमारी के कारण प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई थी।
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पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि उसकी मां घरों में काम करती है। वह घर पर अकेली रहती है। पिछले साल एक लड़के से उसकी अच्छी दोस्ती हो गई। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। शादी का झांसा देकर नाबालिग ने उससे शारीरिक संबंध बनाए। उसके बाद वह गर्भवती हो गई। एक दिन रात के समय पेट में दर्द होने पर उसने अपनी मां को पूरी बात बताई। उसके बाद मां पीड़िता को हॉस्पिटल ले गई। मां की शिकायत पर शिकायत पर पुलिस ने 17 वर्षीय नाबालिग के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म), 420 (धोखाधड़ी) और पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। कुछ बीमारी के कारण प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई थी।
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