{"_id":"597448514f1c1b98068b4798","slug":"crime-branch-report-on-drug-smuggling-in-chandigarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ में नशे की तस्करी पर बड़ा खुलासा, जानिए कहां से हो रही सप्लाई?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ में नशे की तस्करी पर बड़ा खुलासा, जानिए कहां से हो रही सप्लाई?
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:37 PM IST
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पिछले कुछ समय में चंडीगढ़ में नशे की तस्करी और बिक्री तेजी से बढ़ी है, जिसे लेकर अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बीते तीन जून को हुई अंतरराज्यीय पुलिस अधिकारियों की बैठक के बाद यूटी पुलिस ने ड्रग्स तस्करी से जुड़े पुराने मामलों को जब खंगाला तो पाया कि शहर में अंबाला से नशीले इंजेक्शन की सप्लाई की जा रही है।
इसके बाद सप्लायर इस इंजेक्शन को मोहाली और पंचकूला में आसानी से ले जाकर बेचे देते हैं। इसकी रिपोर्ट यूटी पुलिस की ओर से अंबाला पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई। तीन जून को हुई अंबाला, पंचकूला, मोहाली और हिमाचल प्रदेश के पुलिस अधिकारियों की मीटिंग में यूटी पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मुद्दे को उठाया था। इसमें राजपुरा, कुरुक्षेत्र, सरहिंद, यमुनानगर और सोलन पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। इनके साथ मिलकर यूटी पुलिस अवैध तरीके से ड्रग्स इंजेक्शन बनाने वाली कंपनियों पर नकेल कसेगी।
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इसके बाद सप्लायर इस इंजेक्शन को मोहाली और पंचकूला में आसानी से ले जाकर बेचे देते हैं। इसकी रिपोर्ट यूटी पुलिस की ओर से अंबाला पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई। तीन जून को हुई अंबाला, पंचकूला, मोहाली और हिमाचल प्रदेश के पुलिस अधिकारियों की मीटिंग में यूटी पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मुद्दे को उठाया था। इसमें राजपुरा, कुरुक्षेत्र, सरहिंद, यमुनानगर और सोलन पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। इनके साथ मिलकर यूटी पुलिस अवैध तरीके से ड्रग्स इंजेक्शन बनाने वाली कंपनियों पर नकेल कसेगी।
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दर्द-निवारक, बिना पर्ची बिक्री
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पुलिस रिकार्ड के अनुसार, बरामद दवाओं में ज्यादातर दर्द-निवारक हैं। जैसे ब्यूपेरोनोफिन और फेनरीरामिन जो बिना पर्ची के बेची जा रही हैं। तस्कर आसानी से प्रतिबंधित इंजेक्शन लेकर पंचकूला, अंबाला और मोहाली आ जाते हैं। यहां से उन्हें चंडीगढ़ पहुंचा दिया जाता है। पुलिस व एनसीबी की जांच में सामने आया है कि नशे के इंजेक्शन का मुख्य स्रोत अंबाला की फर्जी फार्मा कंपनियां हैं।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार, गिरफ्तार तस्करों से 2,104 इंजेक्शन व शीशियां बरामद की गई हैं। जबकि, इस साल यह संख्या 2,050 तक पहुंच चुकी है। वहीं, इसके अलावा शहर के सभी पुलिस स्टेशनों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 111 मामले दर्ज किए गए हैं और 113 तस्करों को इस साल 15 जुलाई तक गिरफ्तार किया गया है। पिछले साल पुलिस ने 149 मामले दर्ज किए थे और 158 लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार, गिरफ्तार तस्करों से 2,104 इंजेक्शन व शीशियां बरामद की गई हैं। जबकि, इस साल यह संख्या 2,050 तक पहुंच चुकी है। वहीं, इसके अलावा शहर के सभी पुलिस स्टेशनों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 111 मामले दर्ज किए गए हैं और 113 तस्करों को इस साल 15 जुलाई तक गिरफ्तार किया गया है। पिछले साल पुलिस ने 149 मामले दर्ज किए थे और 158 लोगों को गिरफ्तार किया था।
10 गुना ज्यादा दाम वसूले जाते हैं
drugs
क्राइम ब्रांच और एनसीबी के हत्थे चढ़ने के बाद तस्करों ने ड्रग्स इंजेक्शनों की कीमत का खुलासा किया है। आरोपियों ने बताया है कि वे अंबाला से 30 से 40 रुपये प्रति इंजेक्शन लाते हैं और चंडीगढ़ के स्लम एरिया में 300 से 400 रुपये तक में बेच देते हैं।
कई राज्यों के अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में आसपास के राज्यों से नशा तस्करी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। जिसके बाद अंबाला से ड्रग्स इंजेक्शन की तस्करी पर नकेल कसने की रणनीति बनाई गई है। जल्द ही चंडीगढ़ आकर नशीले इंजेक्शन बेचने वालों पर लगाम लगाया जा सकेगा।
- पवन कुमार, डीएसपी, क्राइम ब्रांच
कई राज्यों के अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में आसपास के राज्यों से नशा तस्करी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। जिसके बाद अंबाला से ड्रग्स इंजेक्शन की तस्करी पर नकेल कसने की रणनीति बनाई गई है। जल्द ही चंडीगढ़ आकर नशीले इंजेक्शन बेचने वालों पर लगाम लगाया जा सकेगा।
- पवन कुमार, डीएसपी, क्राइम ब्रांच