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आपत्तिजनक टिप्पणी मामला: पुलिस के सामने युवराज सिंह को होना होगा पेश, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिया आदेश
Wed, 06 Oct 2021 09:08 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 06 Oct 2021 09:08 PM IST
सार
युवराज सिंह ने कहा कि वे शब्द उन्होंने अपने दोस्त के पिता के किसी की शादी में नाचने पर टिप्पणी के रूप में कहे थे जो मजाकिया अंदाज में थे। इसके स्पष्टीकरण के बावजूद याची पर एफआईआर दर्ज की गई।
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युवराज सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अनुसूचित जाति वर्ग पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दर्ज एफआईआर मामले में अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह को पुलिस के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि पेश होने की स्थिति में जांच अधिकारी अपनी संतुष्टि पर उन्हें जमानत दे दें।
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याचिका दाखिल करते हुए युवराज सिंह ने बताया था कि एक अप्रैल, 2020 को वह सोशल मीडिया पर अपने साथी रोहित शर्मा के साथ लाइव चैट कर रहे थे। इस दौरान लॉकडाउन को लेकर चर्चा के दौरान उन्होंने मजाक में अपने साथी युजवेंद्र सिंह और कुलदीप यादव को कुछ शब्द कह दिए थे। इसके बाद यह वीडियो वायरल हो गई और इसके साथ यह संदेश जोड़ा गया कि यह अनुसूचित वर्ग का अपमान है। यह सब एक मजाक का हिस्सा था और इसका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था।
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युवराज सिंह ने कहा कि वे शब्द उन्होंने अपने दोस्त के पिता के किसी की शादी में नाचने पर टिप्पणी के रूप में कहे थे जो मजाकिया अंदाज में थे। इसके स्पष्टीकरण के बावजूद याची पर एफआईआर दर्ज की गई। हरियाणा पुलिस ने बताया था कि स्थानीय लोगों के बीच एक सर्वे में सामने आया है कि यह शब्द अनुसूचित जाति के लोगों के लिए अपमानजनक शब्द के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
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साथ ही पुलिस ने दलील दी कि गूगल करने पर भी गूगल यह बताता है कि यह सब दलित वर्ग के लिए अपमानजनक टिप्पणी के रूप में इस्तेमाल होता है। हाईकोर्ट को बताया गया कि युवराज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जांच में शामिल हो चुके हैं और वीडियो में इस्तेमाल फोन भी सौंप चुके हैं।