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बिना पोस्टमार्टम जला दिए थे शव, जांच के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 23 May 2014 10:04 PM IST
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बठिंडा में सहारा जन सेवा नामक संस्था द्वारा 30 लावारिस शवों का पुलिस को सूचना दिए बगैर और बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिए जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली की डिविजन बेंच ने पंजाब सरकार को दो महीने में जांच कराने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच किसी जिम्मेवार एजेंसी से करवाकर याचिकाकर्ता को सूचित किया जाए।
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नौजवान वेलफेयर सोसायटी ने वकील एचसी अरोड़ा के मार्फत सरकार को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए कानूनी नोटिस भी भेजा था, लेकिन कार्रवाई ना होने के कारण अब जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया है कि सहारा जन सेवा संस्था शहर में से लावारिस शव सिविल अस्पताल बठिंडा में लाती है।
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यहां सरकारी डॉक्टर शव गृह में शव रखने की इजाजत बगैर प्रक्रिया अपनाए देते हैं और बाद में अंतिम संस्कार करने केलिए शवों को संस्था के हवाले कर दिया जाता है। शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं किया जाता। संस्था और डॉक्टरों ने इन शवों के बारे पुलिस को भी सूचित नहीं किया। इसे एक बड़ा घोटाला करार देते हुए याचिका में जांच की मांग की गई थी।
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