फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Craze for Punjabi Jutti of Patiala increasing in foreigne too

पंजाब की शान: विदेशों तक है पटियाला में बनने वाली पंजाबी जुत्ती की धमक, रोजाना बनती हैं 20 हजार जुत्तियां

Wed, 13 Sep 2023 11:03 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 13 Sep 2023 11:03 AM IST
सार

मदन लाल बताते हैं कि एक समय था जब पुराने तरीके से घरों में जुत्ती बनाने का काम होता था, लेकिन समय बदलने के साथ ही अब यह क्षेत्र भी बदल गया है। मुकाबला नामी ब्रैंड से है। ऐसे में इस काम से जुड़े लोगों ने भी खुद में बदलाव किया है। अब वह जमीन पर बैठकर जुत्ती तैयार नहीं करते हैं। कुर्सी पर बैठकर जींस और शर्ट पहनकर जुत्ती तैयार की जाती है।

विज्ञापन
Craze for Punjabi Jutti of Patiala increasing in foreigne too
पंजाबी जूत्ती के कारीगर मदन कुमार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के शाही शहर पटियाला की पंजाबी जुत्ती की दीवानगी केवल सूबे तक सीमित नहीं रह गई है अब इसे विदेशी लोग भी पहनने में अपनी शान समझते हैं। दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश होगा, जहां इस जुत्ती ने अपनी दस्तक न दी हो।
विज्ञापन


पटियाला में रोजाना 20 हजार जुत्तियां तैयार होती हैं। उसमें से करीब 80 फीसदी दिल्ली समेत विदेशों में चली जाती हैं। मिडिल ईस्ट दुबई, यूएई, ओमान और ईस्ट अफ्रीका में पंजाबी जुत्ती का चलन बढ़ा है। इसके अलावा कनाडा में पंजाबी बहुत ज्यादा हैं, तो वहां पर जुत्ती की पहले से ही काफी मांग है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: डॉक्टर से साइबर ठगी: फोन पर कहा-आपके नाम से ड्रग पार्सल ताइवान जा रहा, खाते से उड़ा लिए 1.23 लाख रुपये
विज्ञापन
विज्ञापन


कई पीढ़ियों से जुत्ती बनाने का काम करने वाले कारीगर मदन लाल राठौर मोहाली में चल रहे टूरिज्म समिट एंड ट्रैवल मार्ट में पहुंचे हैं। उन्होंने यहां पर पंजाबी जुत्ती का स्टॉल लगाया हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें यह जगह मुहैया करवाई है। इसी बहाने हम ट्राइसिटी के लोगों को अपना काम दिखा पा रहे हैं।


बदल गया जुत्ती तैयार करने का भी तरीका
मदन लाल बताते हैं कि एक समय था जब पुराने तरीके से घरों में जुत्ती बनाने का काम होता था, लेकिन समय बदलने के साथ ही अब यह क्षेत्र भी बदल गया है। मुकाबला नामी ब्रैंड से है। ऐसे में इस काम से जुड़े लोगों ने भी खुद में बदलाव किया है। अब वह जमीन पर बैठकर जुत्ती तैयार नहीं करते हैं। कुर्सी पर बैठकर जींस और शर्ट पहनकर जुत्ती तैयार की जाती है। जुत्ती बनाने के क्षेत्र में आ रहे अधिकतर युवा पढ़े-लिखे हैं। वे फुटवियर डिजाइनिंग जैसे कोर्स करके आ रहे हैं। वहीं, वर्कशॉप में एक साथ कई मशीनें चलती हैं। दुनिया में चल रहे नए ट्रेंड को फॉलो किया जाता है। इंटरनेट पर लगातार रिसर्च वर्क होता है। इसके बाद उसी हिसाब से जुत्ती तैयार की जाती है। हालांकि लेदर अब बहुत महंगा है। आम आदमी इसे खरीद नहीं सकते हैं। ऐसे में जुत्ती का रेट काफी बढ़ जाएगा। इस चीज में माइक्रो लेदर का चलन काफी बढ़ गया है।

अब पंजाबी जुत्ती में हील भी आ गई
समय के साथ पंजाबी जुत्ती के स्टाइल में भी बदलाव किया गया है। अगर अन्य जुत्ती में हील हो सकती है तो इसमें क्यों नहीं प्रयोग किया जा सकता है। प्रयोग किया गया और यह पूरी तरह से कामयाब रहा है। इसके अलावा जुत्ती पर कई तरह का वर्क किया जाता है। मदद लाल बताते हैं कि भारत में दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद और बंगलुरू में पंजाबी जुत्ती की सबसे ज्यादा मांग है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed