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चंडीगढ़ में पटाखों के बेचने और चलाने पर जारी रहेगा प्रतिबंध, प्रशासन की बैठक में बड़ा फैसला

Thu, 12 Nov 2020 02:14 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 12 Nov 2020 02:14 PM IST
सार

  • पिछले साल दो घंटे चले थे पटाखे, तब भी ‘ज्यादा खराब’ की श्रेणी में था एक्यूआई : परिदा
  • एनजीटी के आदेश, डॉक्टरों की सलाह का हवाला देकर अपने आदेश पर कायम प्रशासन

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Cracker ban: bans sale and use of firecrackers in Chandigarh will continue
फाइल फोटो

विस्तार

चंडीगढ़ प्रशासन ने चंडीगढ़ क्रैकर डीलर्स एसोसिएशन की मांग को खारिज कर पटाखों पर प्रतिबंध के आदेश को जारी रखने का फैसला लिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को एसोसिएशन की याचिका का निपटारा करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन को आदेश दिए थे कि वही इस पर कोई अंतिम फैसला लें। इसके बाद गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया।

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प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। परिदा ने अपने आदेश में पांच मुख्य बिंदुओं का जिक्र किया है, जिसके आधार पर चंडीगढ़ क्रैकर डीलर्स एसोसिएशन की मांग को खारिज किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि पटाखों की बिक्री और निकाले गए ड्रॉ की प्रक्रिया के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से आवेदकों को बताया गया था कि वह छह नवंबर से पहले पटाखों की खरीद न करें। 
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इसके अलावा चंडीगढ़ क्रैकर डीलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट को पांच नवंबर को एक पत्र भी लिखा गया था, जिसमें उन्हें पटाखे नहीं खरीदने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि शहर में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में अगर दिवाली पर पटाखे चलाए जाते हैं तो शहर में वायु प्रदूषण बढ़ेगा।
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प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर दो घंटे पटाखे चलाने की इजाजत दी जाती है तो उससे भी काफी प्रदूषण होगा। प्रशासन ने पिछले साल का हवाला देते हुए कहा कि पिछले साल दो घंटे ही पटाखे चलाए गए थे लेकिन तब भी शहर में वायु प्रदूषण ‘ज्यादा खराब’ की श्रेणी में आ गया था। 

प्रशासन ने एनजीटी के आदेश का भी दिया हवाला

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी चंडीगढ़ को ‘नॉन-अटैनमेंट’ शहरों की श्रेणी में रखा है, जिसका अर्थ है कि चंडीगढ़ देश के उन शहरों में है जो केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के मानकों को पूरा करने में प्रयासरत है और इसके लिए काफी पैसा खर्च किया जा रहा है। इसके अलावा शहर के डॉक्टरों का भी यही कहना है कि कोरोना के समय में पटाखे चलाना सेहत के लिए ठीक नहीं है। 

प्रशासन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के एक आदेश का भी हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए जो सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, वह उठाने चाहिए। इन दलीलों का हवाला देते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा है कि वह अपने पुराने आदेश पर कायम है और शहर में दिवाली के मौके पर पटाखे चलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध जारी रहेगा।

पटाखा व्यापारियों का एलान, मनाएंगे काली दीवाली
शहर के पटाखा व्यापारियों का कहना है कि वह इस बार काली दीवाली मनाएंगे क्योंकि उन्हें पहले कोरोना की वजह से नुकसान झेलना पड़ा और अब प्रशासन की वजह से झेलना पड़ा है। एसोसिएशन का कहना है कि लॉकडाउन से वह पहले ही बदहाल आर्थिक स्थित में थे। लॉकडाउन के कारण वह कोई और काम भी नहीं कर पाए थे।

अब जब पटाखे बेचने का उन्हें लाइसेंस जारी कर दिया गया तो प्रशासन ने फिर से उन्हें झटका देकर पटाखे बेचने पर ही पाबंदी लगा दोहरी चोट पहुंचाई है। गौरतलब है कि प्रतिबंध हटाने के लिए पटाखा व्यापारियों ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली।

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