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Chandigarh News: अमरूद बाग घोटाले के आरोपियों पर शिकंजा, ईडी ने सरकार से मांगा सभी का रिकॉर्ड

Sat, 03 Aug 2024 05:24 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2024 05:24 AM IST
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Crackdown on Guava Scam accused, ED asks for all records from government
चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमरूद बाग घोटाले की जांच तेज कर दी है। ईडी जालंधर के सहायक निदेशक (एडी) विकास खत्री ने पंजाब सरकार को चिट्ठी लिखकर विजिलेंस की जांच में सामने आए आरोपी अफसरों और गमाडा से मुआवजा पाने वाले किसानों का रिकॉर्ड मांगा है। 66 लोगों को समन भी जारी किए गए हैं।
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पत्र में ईडी ने आरोपी अफसरों के फोटो, बैंक खातों का ब्योरा, आधार व पैन कार्ड और पासपोर्ट डिटेल्स मांगी है। ईडी अब आरोपियों और किसानों के बैंक खातों को सीज करने के साथ सभी के पासपोर्ट को संबंधित अथॉरिटी से कहकर लिंक कराएगा ताकि घोटाले के आरोपी विदेश न भाग सकें। बीते 27 मार्च को ईडी ने इस घोटाले में एक्साइज कमिश्नर वरुण रूजम और फिरोजपुर के डीसी धीमान के आवास समेत पंजाब में 22 स्थानों पर छापे मारे थे। मोहाली, पटियाला, बरनाला, फिरोजपुर, बठिंडा और चंडीगढ़ में भी रेड की गई थी।
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इस मामले में पंजाब विजिलेंस पहले ही जांच कर रही है और अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ईडी ने इन अफसरों के अलावा प्रदेश में कई प्रॉपर्टी डीलर, बिल्डर, कारोबारी और गमाडा के तत्कालीन अफसरों के घर पर भी दबिश दी थी। एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर वरुण रूजम के घर की तलाशी लेने के दौरान ईडी को उनके घर के बाहर एक गार्डन में कुछ दस्तावेज फाड़कर फेंके हुए बरामद हुए थे। इसी कड़ी में ईडी ने अब समन कर आरोपी अफसरों और मुआवजा लेने वालों का रिकॉर्ड मांगा है।
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यह है मामला
यह घोटाला ग्रेटर मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के एयरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट की जमीन के अधिग्रहण से जुड़ा है। गमाडा ने लैंड पूलिंग पॉलिसी के मुताबिक प्रोजेक्ट के लिए रेट घोषित किया। जमीन पर लगे अमरूद के पेड़ों की कीमत अलग मुआवजे के तौर पर दी थी। जमीन पर जितने भी फलदार पेड़ थे, उनकी कीमत बागवानी विभाग की तरफ से निर्धारित की गई थी। गमाडा के अधिकारियों के साथ मिलकर इनकी उम्र 4 से 5 साल दिखाई गई। हाईकोर्ट ने मामले में अलग-अलग दोषी लाभार्थियों को कुल 72.36 करोड़ रुपये की रकम जमा करवाने का आदेश दिया, जिसमें से अब तक 43.72 करोड़ जमा करवाए जा चुके हैं। गमाडा की ओर से अधिग्रहण की जाने वाली जमीन पर नियम से अधिक अमरूद के पौधे लगाए थे। आरोप है कि जिन लोगों ने जमीन पट्टे पर ली, उन लोगों ने प्रति एकड़ दो से ढाई हजार पेड़ दिखाए। आरोप यह भी है कि इन्होंने 2018 में जमीन पट्टे पर ली थी और तभी वहां अमरूद के पौधे लगाए। अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर रिकॉर्ड में इन पौधों को 2016 से दिखाया गया।
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