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करनालः एनडीआरआई में संदिग्ध हालातों में 75 पशुओं की मौत, अफसरों और वैज्ञानिकों में मचा हड़कंप

Tue, 17 Sep 2019 10:47 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 17 Sep 2019 10:47 AM IST
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cows and buffaloes died at national dairy research institute karnal
एनडीआरआई, करनाल - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा में करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान(एनडीआरआई) में संदिग्ध हालातों में एक सप्ताह में करीब 75 पशुओं की मौत हो गई। प्रतिदिन करीब 10 पशुओं की मौत हो रही है। आशंका जताई जा रही है कि पशुओं को खराब फीड दिया जा रहा है।
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मामले की जांच के लिए बरेली से इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों की टीम आई हुई है। संक्रमण रोकने के लिए कैटल यार्ड के गेट पर चूना फैला दिया गया है। संस्थान ने किसी बाहरी व्यक्ति के कैटल यार्ड के बाहर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। उधर, इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर एनिमल प्रोटेक्शन ने मामले में एनडीआरआई के वैज्ञानिकों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में ऑनलाइन शिकायत दी है।
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एनडीआरआई के प्रवक्ता डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि कुछ पशुओं की मौत हुई है। मौत होने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता। उधर, सिविल लाइन थाना के प्रभारी संजीव गौर का कहना है कि मैंने शिकायत नहीं देखी है। शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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आरोप लगाया गया है कि संस्थान की ओर से मरे हुए पशुओं का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस और पशुपालन मंत्री को दी शिकायत में इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर एनिमल प्रोटेक्शन के अध्यक्ष नरेश कादियान ने आरोप लगाया कि संस्थान में पिछले सप्ताह में 75 दुधारू और दूध न देने वाले पशुओं की मौत हो चुकी है।

संस्थान के कैटल यार्ड में 1500 से ज्यादा दुर्लभ प्रजाति की गाय, भैंस और भैंसा हैं, जिन पर संस्थान रिसर्च करता है। मृतक पशु भी इन्हीं मे से थे। एक-एक पशु की कीमत लाखों रुपये में है। इनमें मुर्राह नस्ल के पशु भी शामिल हैं। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर एनिमल प्रोटेक्शन का आरोप है कि संस्थान के जिम्मेदार अधिकारी मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए बिना पोस्टमार्टम के ही मृत पशुओं को दफना दिया गया।

तीन सदस्यीय टीम कर रही जांच
इस पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए बरेली स्थित इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के तीन सीनियर साइंटिस्ट आए हुए हैं। टीम हर एंगल पर जांच कर रही है। सूत्रों का दावा है कि प्रारंभिक तौर पर फीड में खराबी के कारण ऐसा हुआ है। आशंका है कि फीड में माइक्रोटाक्सिन फंगस की आशंका है। माइक्रोटाक्सिन फंगस एक जहर की तरह ही है। उधर, संस्थान के अधिकारी किसी भी बात की पुष्टि करने से बच रहे हैं। प्रबंधन के लोग ये जरूर कह रहे हैं कि हो सकता है कि जहरीली घास खाने से ऐसा हुआ हो।

कैटल यार्ड में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी
इतनी बड़ी घटना के बाद संस्थान ने इस बात को दबाए रखा और कैटल यार्ड में बाहरी व्यक्तियों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यार्ड के गेट के बाहर बकायदा नोटिस चस्पा दिया गया और गार्ड को सख्त हिदायत दी गई कि कोई भी अंदर न जा सके।
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