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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab News: Court sentences the convict to Life imprisonment

देवी को खुश करने के लिए दी थी चार वर्षीय बच्ची की बलि, अब मरने तक रहेगा जेल में

Fri, 13 Sep 2019 11:53 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 13 Sep 2019 11:53 AM IST
सार

  • दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया 
  • सजा से बचने के लिए दोषी ने कहीं ये बातें 
  • एफआईआर के मुताबिक, मामला 25 फरवरी 2018 का है

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Punjab News: Court sentences the convict to Life imprisonment
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

देवी को खुश करने के लिए चाकू से गला रेतकर चार साल की बच्ची की हत्या करने के दोषी को अदालत ने मृत्यु तक कैद की सजा का सुनाई है। साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजीव गोयल की अदालत ने गुरुवार को सुनाया। बचाव पक्ष के वकील ने दोषी की पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए अदालत से कम सजा देने की मांगी की। 

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इस पर पीड़ित पक्ष ने दलील देते हुए कहा कि बिना किसी वजह के दोषी ने बच्ची की हत्या की है। खेलने के दौरान बच्ची की हत्या की गई है। यह एक गंभीर अपराध है। इसमें दोषी पर दया नहीं की जा सकती। पीड़ित पक्ष ने फांसी की मांग की थी। इस पर अदालत ने कहा कि यह रेयर ऑफ द रेयरेस्ट केस की श्रेणी में नहीं आता है।
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दोषी ने एक गंभीर अपराध किया है लेकिन दोषी ने पहले कभी ऐसा कोई क्राइम नहीं किया, जिससे समाज को कोई खतरा हो इसलिए फांसी नहीं दी जा सकती। यह कहते हुए कोर्ट ने दोषी को मृत्यु तक कैद की सजा सुनाई। गौरतलब है कि दोषी ने अपने बयान में कहा था कि वह देवी को बलि देना चाहता था। दोषी इंडस्ट्रियल एरिया फेस एक की संजय लेबर कालोनी निवासी कमलेश है। वह सेक्टर-51 में गीता प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था।

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सजा से बचने के लिए दोषी ने कहीं ये बातें 
सजा से बचने के लिए दोषी ने बोला कि वह एक गरीब व्यक्ति है। इससे पहले उसके ऊपर किसी भी प्रकार का केस नहीं है। उसके दो नाबालिग बच्चे हैं। जो स्कूल जाते हैं। उसकी पत्नी भी अनपढ़ है। पूरा परिवार उसी पर निर्भर है। उसके बाद परिवार को देखने वाला कोई नहीं है।

यह है पूरा मामला
एफआईआर के मुताबिक, मामला 25 फरवरी 2018 का है। जब आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बच्ची अपने बड़े भाई, भाभी और उनके दो बच्चों के साथ रह रही थी। कमलेश और बच्ची के परिवार एक दूसरे के आसपास झोंपड़ियों में रहते थे। शिकायत के अनुसार, घटना के दिन बच्ची के पिता घर पर नहीं थे। बच्ची अपनी झोपड़ी के बाहर खेल रही थी। 

परिवार के बाकी सदस्य टीवी देख रहे थे। एक पड़ोसी ने बच्ची की माँ को आकर बताया कि कमलेश उनकी बेटी को चाकू से काट रहा है। सभी उस तरफ भागे, उन्होंने देखा कि कमलेश एक हाथ में चाकू और दूसरे में बच्ची को पकड़े हुए था। उन्होंने उसे बचाने की भी कोशिश की लेकिन जब बच्ची को आरोपी से छुड़ाकर अस्पताल ले जाया गया तो उसे वहां पर मृत घोषित कर दिया गया।

 शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पर आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। बीते 3 सितंबर को अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया था। उसके बाद गुरुवार को अदालत ने दोषी को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 

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