Punjab: एआईजी आशीष कपूर और ASI हरजिंदर सिंह तीन दिन की रिमांड पर, विजिलेंस करेगी खातों की जांच
विजिलेंस की टीम ने एआईजी आशीष कपूर और एएसआई हरजिंदर सिंह का फेज-6 स्थित जिला सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाया। इसके बाद विजिलेंस की टीम दोनों आरोपियों को जिला अदालत लेकर पहुंची।
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एक करोड़ रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार एआईजी आशीष कपूर और एएसआई हरजिंदर सिंह का चार दिन का रिमांड खत्म होने पर मंगलवार को विजिलेंस ब्यूरो ने दोनों को मोहाली की अदालत में पेश किया। इस दौरान विजिलेंस ब्यूरो ने एआईजी का रिमांड लेने के लिए कई दलीलें अदालत में दीं। हालांकि एआईजी के वकील ने उनका जमकर विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एआईजी आशीष कपूर और एएसआई हरजिंदर सिंह को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
विजिलेंस ने अदालत में बताया कि एआईजी आशीष कपूर जांच में सहयोग तो दे रहे हैं लेकिन अभी उन बैंक खातों को खंगालना बाकी है, जिनमें पैसे गए हैं। उन्होंने बताया कि गत दिनों सरकारी छुट्टियां थीं जिसकी वजह से इस काम में दिक्कत आई है। ऐसे में उनके बैंक खाते व लॉकरों की जांच के लिए समय चाहिए। दूसरा कुरुक्षेत्र में महिला के बैंक खाते चेक किए गए। इसके अलावा मामले में अभी तीसरा आरोपी डीएसपी पवन कुमार शर्मा फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस टीम लगातार दबिश दे रही है।
दूसरी ओर एआईजी आशीष कपूर के वकील ने विजिलेंस की दलीलों का जमकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब चार दिन के पुलिस रिमांड के दौरान विजिलेंस को कुछ नहीं मिला तो आगे क्या हासिल होगा। इसके साथ ही विजिलेंस ने अदालत के समक्ष सात दिन के पुलिस रिमांड की मांग रखी। हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद तीन दिन के रिमांड को मंजूरी दे दी। इससे पहले विजिलेंस की टीम ने एआईजी आशीष कपूर और एएसआई हरजिंदर सिंह का फेज-6 स्थित जिला सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाया। इसके बाद विजिलेंस की टीम दोनों आरोपियों को जिला अदालत लेकर पहुंची।
एक अन्य डीएसपी आया विजिलेंस के रडार पर
इस केस में अब एक अन्य डीएसपी भी पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के रडार पर आ गया है। पता चला है कि वह काफी समय तक एआईजी आशीष कपूर के साथ ही सेवाएं दे चुके हैं। विजिलेंस अब उन्हें बुलाकर पूछताछ करने की तैयारी में है क्योंकि कई ऐसे मामले हैं, जिनकी जांच में वह भी शामिल रहे हैं।
यह है मामला
साल 2016 में आशीष कपूर केंद्रीय जेल अमृतसर में अधीक्षक के पद पर थे। उसी दौरान कुरुक्षेत्र निवासी पूनम राजन से उनकी दोस्ती हुई थी जो किसी मामले में न्यायिक हिरासत में चल रही थी। साल 2018 में पूनम राजन, उसकी मां प्रेम लता, भाई कुलदीप सिंह व भाभी प्रीति के खिलाफ जीरकपुर थाने में एक धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। जब सभी पुलिस रिमांड पर चल रहे थे तो उस दौरान आशीष कपूर जीरकपुर थाने पहुंचे।
उन्होंने पूनम राजन की मां प्रेम लता को आश्वस्त किया कि वह उन्हें इस केस में बरी करवाएंगे। इसके बाद कपूर ने थाना जीरकपुर के तत्कालीन एसएचओ पवन कुमार व एएसआई हरजिंदर सिंह के साथ मिलीभगत कर पूनम की भाभी प्रीति को निर्दोष घोषित करवा दिया। धोखाधड़ी के केस में बरी करवाने की एवज में एआईजी आशीष कपूर ने एक करोड़ रुपये की रिश्वत ली। आशीष कपूर ने एएसआई हरजिंदर के माध्यम से एक करोड़ रुपये के चेक पर प्रेम लता के हस्ताक्षर करवाए। वहीं उन चेकों को अपने परिचितों के नाम से जमाकर हरजिंदर के माध्यम से कैश करवाया लेकिन बाद में इसी मामले में कपूर के खिलाफ शिकायत दी गई।