बहुत खूब! देखिए कोर्ट ने नाबालिग आरोपी को क्या सजा सुनाई
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कातिलाना हमला करने के मामले में जिला अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में एक नाबालिग को दोषी ठहराते हुए हफ्ते में कम से 30 घंटे तक सिविल अस्पताल में कम्यूनिटी सेवा करने के आदेश दिए हैं।
उसे अस्पताल में मरीजों की देखभाल में सहयोग देना होगा। यह सेवाएं एक साल तक देनी होगी। यह फैसला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास आशीष सालदी ने सुनाया।
अदालत ने सिविल अस्पताल मोहाली व एसएचओ को आदेश दिए है कि नाबालिग के कामों की समय-समय पर अदालत में रिपोर्ट पेश की जाए। यदि नाबालिग दोषी ने आदेशों की को नहीं मानता तो उसे दो साल जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी।
साल पहले युवक पर किया थ कातिलाना हमला
थाना सदर थाने में 27 मार्च 2014 को केस दर्ज हुआ था। इसमें शिकायतकर्ता शेर सिंह निवासी सकरूलांपुर ने बताया कि वह चंडीगढ़ में बतौर सिक्योरिटी गार्ड नौकरी करता था। 25 मार्च 2014 को मोटरसाइकिल पर आटा लेकर घर जा रहा था। जब वह गांव के मोड़ के पास पहुंचा तो उसके गांव के ही एक नाबालिग लड़के ने अपने पारिवारिक मेंबरों को साथ उस पर हमला कर दिया।
इस दौरान उसने कुल्हाड़ी, किरच, सरिए आदि का प्रयोग कर उसे घायल कर दिया। हमले में उसे बचाते समय उसकी बेटी भी घायल हो गई। पारिवारिक मेंबरों ने उसे गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने उस समय मामले में चार नाबालिग लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। दूसरी तरह बालिग लोगों के खिलाफ खरड़ की अदालत में केस चल रहा है।