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पंजाब के मुख्यमंत्री बादल की बढ़ी मुश्किलें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 03 Apr 2014 12:03 AM IST
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पंजाब की लग्जरी एसी बसों की चंडीगढ़ में एंट्री को नियमों की अवहेलना बताते हुए एक याचिका दायर की गई है।
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक जनरल (रि.) एस.एफ. रोड्रिग्स, चंडीगढ़ के गृह-कम-परिवहन सचिव, पंजाब के पूर्व परिवहन सचिव डी.एस. जसपाल व परिवहन विभाग के हरमेल सिंह के खिलाफ दायर याचिका को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत ने मंजूर कर लिया।
अदालत ने मामले में शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा बहस के लिए 29 मई की तारीख तय की है। वकील अरविंद ठाकुर द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि नियमों के विरुद्ध जाकर आपराधिक साजिश रच पंजाब की इन लग्जरी एसी बसों के लिए 73 रूट परमिट जारी किए गए हैं।
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याचिका में प्रतिवादी पक्ष द्वारा अपनी शक्तियों के दुरुपयोग की बात कही गई है। याचिका के मुताबिक 5 सितंबर, 2009 को प्रकाश सिंह बादल ने एसएस रोड्रिग्स को चंडीगढ़ में इन प्राइवेट एसी. बसों की एंट्री के संबंध में एक पत्र लिखा था।
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इन सभी बसों को बादल, उनके रिश्तेदारों, मित्रों व शिअद (बादल) के नियंत्रण में बताया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन के 9 जून, 2008 के गजट को आधार बनाते हुए कहा गया है कि इन बसों को चंडीगढ़ में एंट्री के दौरान नियमों से छेड़छाड़ की गई थी।
उस समय यूटी प्रशासन में गृह-कम-परिवहन सचिव नहीं था। क्योंकि हरियाणा से इस पद के लिए पैनल लंबित था। उस समय गृह-कम-परिवहन सचिव की शक्तियां वित्त सचिव रहे आईएएस. संजय कुमार को दी गई थी।
वित्त सचिव का पद पंजाब कैडर से होता है। याचिका के मुताबिक इन बसों की एंट्री की परमिशन देना सुखबीर सिंह बादल द्वारा चलाए जा रहे प्राइवेट ट्रांसपोर्ट माफिया के आगे सरैंडर करने के समान है।
इसे पंजाब रि-आर्गेनाइजेशन एक्ट-1966 की धारा 74 व मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 100 (3) का उल्लंघन भी बताया गया है।