फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Court issues summons to three including Secretary of Haryana Lokayukta in Baba Ramdev Churna drug

बाबा रामदेव के चूर्ण में ड्रग्स मामला: हरियाणा लोकायुक्त के सेक्रेटरी समेत तीन को कोर्ट से समन जारी

Thu, 09 Jan 2025 12:54 PM IST
अंकेश ठाकुर हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Thu, 09 Jan 2025 12:54 PM IST
सार

वर्ष 2019 में अंबाला निवासी दीपक संधू की ओर से दिव्य फार्मेसी के चूर्ण में ड्रग्स होने संबंधित स्वास्थ्य विभाग में लिखित शिकायत की गई थी। इसी आधार पर चूर्ण के सैंपल लेकर जांच के लिए पंजाब की पटियाला स्थित लैबोरेट्री में भेजे गए थे।

विज्ञापन
Court issues summons to three including Secretary of Haryana Lokayukta in Baba Ramdev Churna drug
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी द्वारा निर्मित चूर्ण में ड्रग्स होने से जुड़े मामले में एक बार फिर से नया मोड़ आ गया है। सेक्टर-17 मिनी सचिवालय में स्थित हरियाणा लोकायुक्त कार्यालय से इस केस से जुड़े 111 महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हो गए थे। एडीजे की कोर्ट ने अब लोकायुक्त कार्यालय के जुगेश कुमार एसपीआईओ कम अंडर सेक्रेटरी, रणजीत कौर पहली अपील अथॉरिटी कम सचिव लोकायुक्त व राजेश कुमार एसपीआईओ कम अधीक्षक मुख्यमंत्री ग्रीवेंस रेडरेसल सेल चंडीगढ़ के नाम समन जारी कर दिए हैं। दस्तावेज गायब होने पर अंबाला कैंट के महेशनगर निवासी दीपक संधू द्वारा लोकायुक्त व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने को लेकर याचिका दायर की गई थी। पहली अपील खारिज होने के बाद रिव्यू पिटीशन डाली गई।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक वर्ष 2019 में अंबाला निवासी दीपक संधू की ओर से दिव्य फार्मेसी के चूर्ण में ड्रग्स होने संबंधित स्वास्थ्य विभाग में लिखित शिकायत की गई थी। इसी आधार पर चूर्ण के सैंपल लेकर जांच के लिए पंजाब की पटियाला स्थित लैबोरेट्री में भेजे गए थे। इस लैब द्वारा कुछ दिनों बाद ही रिपोर्ट भेजी गई कि चूर्ण में ड्रग नहीं है। बाद में शिकायतकर्ता ने आरटीआई के जरिये लैब में करवाई गई जांच की रिपोर्ट की प्रतिलिपि मांगी तो खुलासा हुआ कि लैब द्वारा जो रिपोर्ट संबंधित अथॉरिटी को भेजी गई है, वह फर्जी है। बाद में यह मामला पुलिस तक पहुंचा और कानूनी तौर पर जांच हुई। पुलिस की जांच रिपोर्ट में भी यही सामने आया कि पटियाला लैब द्वारा चूर्ण में ड्रग होने संबंधित जो रिपोर्ट तैयार की गई, वह फर्जी थी।

विज्ञापन

लोकायुक्त कार्यालय से 111 दस्तावेजों की पूरी फाइल की गायब

दीपक संधू ने इस बारे में चंडीगढ़ मिनी सचिवालय में लोकायुक्त के पास शिकायत की। पहले रजिस्ट्रार लोकायुक्त कार्यालय के पास रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए इस मामले से जुड़े 95 दस्तावेज (जिसमें पुलिस द्वारा पटियाला लैब की फर्जी रिपोर्ट भी संलग्न थी) भेजे गए। बाद में मामले से जुड़े अन्य 16 दस्तावेज खुद शिकायतकर्ता ने चंडीगढ़ सचिवालय में लोकायुक्त के कार्यालय में जाकर जमा करवाए जिसकी उसने रसीद भी ली। जांच के लिए 111 महत्वपूर्ण दस्तोवज जमा करवाए गए। लेकिन जनवरी 2020 में जब हरियाणा लोकायुक्त ने इस प्रकरण में आदेश जारी किए तो उसमें इन 111 दस्तावेजों सहित जांच रिपोर्ट का कोई जिक्र ही नहीं था। इसके बाद प्रार्थी ने 23 जनवरी 2020 को आरटीआई के जरिए सवाल-जवाब किए तो खुलासा हुआ कि 111 दस्तावेजों की पूरी फाइल लोकायुक्त कार्यालय से गायब हो गई है।

राज्य सूचना आयोग आयुक्त ने दिए जांच के आदेश

लोकायुक्त कार्यालय के खिलाफ दीपक संधू ने चंडीगढ़ राज्य सूचना आयोग कमिश्नर के पास शिकायत की। जांच में लोकायुक्त कार्यालय स्टाफ ने कहा कि उनके पास कोई दस्तावेज नहीं था। लेकिन चीफ इंफार्मेशन कमिश्नर ने लोकायुक्त कार्यालय से दस्तावेज गुम करने वाले संबंधित कर्मियों के खिलाफ जांच करने सहित कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसके बाद लोकायुक्त कार्यालय ने तीन किस्तों में शिकायतकर्ता को सारे दस्तावेज वापस कर दिए। लेकिन दस्तावेज किसने गुम किए और उस पर क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद फिर से जिम्मेदारी तय करने के लिए शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं।

विज्ञापन

पुलिस की रिपोर्ट में लोकायुक्त सहित अन्य स्टाफ भी दोषी

उधर, पुलिस ने भी जांच की तो सामने आया कि रजिस्ट्रार, लोकायुक्त कार्यालय की ओर से अपनी जांच रिपोर्ट 4 अगस्त 2021 में दर्शाया गया है कि राज्य सूचना आयोग द्वारा जारी किए गए आदेशों के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली। जबकि शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक ई-मेल के जरिए उनके कार्यालय से दस्तावेज गुम होने बारे सूचित होना पाया गया है। इसी प्रकार लोकायुक्त कार्यालय हरियाणा द्वारा लोकायुक्त कार्यालय के एसपीआईओ कम अंडर सेक्रेटरी जुगेश कुमार को दस्तावेज गुम होने के लिए लापरवाही में दोषी पाया गया, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इसी मामले में शिकायतकर्ता ने एडीजे की कोर्ट में याचिका दायर की और बताया कि निचली कोर्ट ने उसके द्वारा दी गई दलीलों को अपने फैसले में लिखे बगैर याचिका को डिसमिस कर दिया। इसी कारण एडीजे की कोर्ट ने अब तीनों को समन जारी कर इन्हें तलब कर लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed