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स्टडी टूर पर जाएंगे पार्षद, गोवा में देखेंगे ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट
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चंडीगढ़। दो साल बाद पार्षद एक बार फिर से स्टडी टूर पर जाने की तैयारी में हैं। इस पूरे टूर पर 14.72 लाख रुपये का खर्च आएगा। चार दिन के इस टूर में निगम के कर्मचारी भी पार्षदों के साथ गोवा जाएंगे।
एजेंडे में बताया गया है कि नगर निगम ने दो साल पहले गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट को अपने कब्जे में ले लिया था, लेकिन कचरा प्रबंधन उस हिसाब से नहीं हो सका जैसे होना चाहिए था। कंपोस्टिंग, बायोमेथेनेशन, आरडीएफ का निस्तारण करने में हम पीछे हैं। गोवा नगर निगम स्रोत स्तर से कचरा उठाकर डंप साइट पर भेजकर बेहतर तरीके से निस्तारित कर रहा है। पहले दिन प्रतिनिधिमंडल गोवा जाएगा, दूसरे दिन प्लांट का निरीक्षण करेगा, तीसरे दिन वहां की नगर निगम का निरीक्षण करेंगे और उसके बाद वापसी है। सदन में प्रस्ताव पास होने के बाद ही इस प्रक्रिया पर आगे काम होगा।
बता दें कि पार्षदों का अंतिम स्टडी टूर काफी विवादों में रहा था। लद्दाख जाने के दौरान टूर के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं मिली थी। उसके बाद वहां से लौटने में देरी हो गई, इस कारण शहर के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भी ज्यादातर पार्षद शामिल नहीं हो सके थे जबकि तत्कालीन प्रशासक ने पार्षदों की शिकायत के बाद ही लावारिस कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए बड़ा आयोजन किया था।
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परियोजनाओं को बेहतर बनाने के लिए होगी विशेषज्ञों की भर्ती
नगर निगम आगामी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुछ विशेषज्ञों की नियुक्ति करने जा रहा है। निगम सीनियर प्रोक्योरमेंट ऑफिसर, प्रोजेक्ट फाइनेंस ऑफिसर, डिप्टी प्रोक्योरमेंट ऑफिसर के पदों पर भर्ती करेगा। इसका एजेंडा शुक्रवार को सदन में आएगा। एजेंडे में बताया गया है कि भविष्य में सातों दिन 24 घंटे पेयजल आपूर्ति, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट में इनकी जरूरत होगी।
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एजेंडे में बताया गया है कि नगर निगम ने दो साल पहले गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट को अपने कब्जे में ले लिया था, लेकिन कचरा प्रबंधन उस हिसाब से नहीं हो सका जैसे होना चाहिए था। कंपोस्टिंग, बायोमेथेनेशन, आरडीएफ का निस्तारण करने में हम पीछे हैं। गोवा नगर निगम स्रोत स्तर से कचरा उठाकर डंप साइट पर भेजकर बेहतर तरीके से निस्तारित कर रहा है। पहले दिन प्रतिनिधिमंडल गोवा जाएगा, दूसरे दिन प्लांट का निरीक्षण करेगा, तीसरे दिन वहां की नगर निगम का निरीक्षण करेंगे और उसके बाद वापसी है। सदन में प्रस्ताव पास होने के बाद ही इस प्रक्रिया पर आगे काम होगा।
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बता दें कि पार्षदों का अंतिम स्टडी टूर काफी विवादों में रहा था। लद्दाख जाने के दौरान टूर के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं मिली थी। उसके बाद वहां से लौटने में देरी हो गई, इस कारण शहर के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भी ज्यादातर पार्षद शामिल नहीं हो सके थे जबकि तत्कालीन प्रशासक ने पार्षदों की शिकायत के बाद ही लावारिस कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए बड़ा आयोजन किया था।
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परियोजनाओं को बेहतर बनाने के लिए होगी विशेषज्ञों की भर्ती
नगर निगम आगामी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुछ विशेषज्ञों की नियुक्ति करने जा रहा है। निगम सीनियर प्रोक्योरमेंट ऑफिसर, प्रोजेक्ट फाइनेंस ऑफिसर, डिप्टी प्रोक्योरमेंट ऑफिसर के पदों पर भर्ती करेगा। इसका एजेंडा शुक्रवार को सदन में आएगा। एजेंडे में बताया गया है कि भविष्य में सातों दिन 24 घंटे पेयजल आपूर्ति, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट में इनकी जरूरत होगी।