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Hindi News ›   Chandigarh ›   Councilors of Aam Aadmi Party, who supported BJP in Chandigarh house meeting submitted their reply to party 

चंडीगढ़: सदन में भाजपा का साथ देने वाले आप पार्षदों का जवाब-हम केजरीवाल के सच्चे सिपाही, सदन में असमंजस में उठा दिए थे हाथ

Fri, 06 May 2022 01:01 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 06 May 2022 01:01 PM IST
सार

जवाब मिलने के बाद प्रेम गर्ग और आप के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह व नेता प्रतिपक्ष योगेश ढींगरा के बीच काफी देर तक बैठक चली। अंत में तय हुआ कि दिल्ली हाईकमान ही तय करेगा कि पार्षदों के खिलाफ कोई कार्रवाई करनी है या नहीं।  

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Councilors of Aam Aadmi Party, who supported BJP in Chandigarh house meeting submitted their reply to party 
चंडीगढ़ नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ सदन की बैठक में भाजपा का साथ देकर लॉयंस कंपनी का एजेंडा पास कराने वाले आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने गुरुवार को पार्टी के प्रदेश संयोजक प्रेम गर्ग को अपना जवाब सौंप दिया। पार्षदों ने कहा है कि हम अरविंद केजरीवाल की टीम के सच्चे सिपाही हैं, सदन की बैठक में असमंजस के कारण भाजपा के समर्थन में हाथ उठ गए। जवाब मिलने के बाद प्रेम गर्ग और आप के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह व नेता प्रतिपक्ष योगेश ढींगरा के बीच काफी देर तक बैठक चली। अंत में तय हुआ कि दिल्ली हाईकमान ही तय करेगा कि पार्षदों के खिलाफ कोई कार्रवाई करनी है या नहीं।  

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आप की ओर से पार्षद जसविंदर कौर, सुमन देवी, पूनम, तरुणा मेहता, प्रेमलता और कुलदीप को मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसमें इन सबसे पूछा गया था कि नेता प्रतिपक्ष ने लॉयंस कंपनी को दक्षिण के सेक्टरों में अतिरिक्त काम देने के एजेंडे को आगामी बैठक में लाने के लिए कहा लेकिन आप के इन पार्षदों ने भाजपा का समर्थन कर एजेंडा पास करा दिया। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना और सभी छह पार्षदों को नोटिस देकर जवाब देने को कहा। 
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पार्षदों ने जवाब देते हुए कहा कि पार्टी के नियमों के विरुद्ध जाकर एजेंडा पास कराने की उनकी कोई मंशा नहीं थी। वह अरविंद केजरीवाल की टीम के सच्चे सिपाही हैं। सदन में वोटिंग के लिए कहा गया था, जिसमें एजेंडे को लेकर असमंजस की स्थिति हो गई और उन्होंने हाथ ऊपर कर लिया। जरनैल सिंह सभी पार्षदों का जवाब लेकर दिल्ली चले गए हैं। वहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल आगामी कार्रवाई पर निर्णय लेंगे।

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कात्याल और दमनप्रीत बोले, भविष्य में नहीं होगी ऐसी गलती 

सदन की बैठक में बिना बताए अनुपस्थित रहने वालीं पार्षद अंजू कत्याल और दमनप्रीत बादल ने भी गुरुवार को अपना जवाब पार्टी को सौंप दिया। अंजू कत्याल ने बताया कि उनके घर में शादी थी लेकिन उनसे भूल यह हुई कि पार्टी के पदाधिकारियों को सूचित नहीं किया। इसका वह भविष्य में ध्यान रखेंगी। वहीं दमनप्रीत बादल ने बताया कि उनके घर में किसी का देहांत हो गया था। इस कारण वह जानकारी नहीं दे सके। भविष्य में वह भी पार्टी के अनुशासन का ध्यान रखेंगे।

भाजपा और कांग्रेस की सक्रियता से भी बरती गई नरमी 

आप ने जैसे ही अपने पार्षदों को नोटिस जारी किया भाजपा और कांग्रेस में भी सक्रियता बढ़ गई। किसी भी स्तर पर आप में फूट आती तो भाजपा इसका फायदा जरूर उठाती। क्योंकि वर्तमान में भाजपा के पास 13 पार्षद हैं, एक वोट सांसद का मिलाकर उनके 14 हो जाते हैं। वहीं आप के भी 14 पार्षद हैं, इधर कांग्रेस के सात पार्षद हैं। अपना मेयर बनाने में भी भाजपा को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। वहीं मार्च माह की सदन की बैठक में भी आप ने कांग्रेस की मदद से सदन में एक भी एजेंडा पास नहीं होने दिया था। ऐसे में आप में फूटन का सपना हर राजनीति पार्टी देख रही थी।

सदन में भी आप का कम देखने को मिला अनुशासन 

सदन की बैठक में आप का अनुशासन कम ही देखने को मिला है। आप पार्षद प्रेमलता ने एक बैठक में राष्ट्रगान के दौरान विरोध स्वरूप पोस्टर दिखाकर हाथ ऊपर कर लिया था। अगली बैठक में भाजपा ने इसका विरोध किया तो उन्होंने सदन से माफी मांगी। उसके बाद योगेश ढींगरा ने पार्कों को आरडब्ल्यूए को देने का समर्थन किया, तब भी प्रेमलता ने विरोध करते हुए कहा कि आरडब्ल्यूए पार्कों को बर्बाद कर रहे हैं। वह केवल राजनीतिक रोटी सेकते हैं।

हिमाचल पर नजर 

आप की नजर अब हिमाचल प्रदेश चुनाव पर है। पार्टी के किसी भी नेता पर कार्रवाई हुई तो वहां असर पड़ेगा। ऐसे में मामले को अंदर ही निपटाने के उद्देश्य से जरनैल सिंह खुद चंडीगढ़ आए और पार्षदों को चेतावनी देकर चले गए क्योंकि कार्रवाई होने पर पार्षदों के टूटने का भी डर है और हिमाचल में चुनाव पर भी असर पड़ सकता है इसलिए पार्टी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

पार्टी हाईकमान को सभी पार्षदों के जवाब भेज दिए गए हैं। जो वहां से निर्णय होगा, उस पर अमल किया जाएगा। - प्रेम गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, आप

भ्रष्टाचार के मामले में आप ने पर्दा डालने का प्रयास किया है। अब आप अपने आप को ईमानदार पार्टी कहना छोड़ दे। - सुभाष चावला, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

हम जो प्रस्ताव सदन में लाए, उसे सोच समझकर पास कराया था। जिन पार्षदों को लगा कि प्रस्ताव ठीक है, उन्होंने हमें समर्थन दिया। - सरबजीत कौर, मेयर

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