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नगर निगम के पास फंड की कमी, फिर भी टूर जाना चाहते हैं पार्षद और मेयर
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:14 AM IST
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MC House Meeting
- फोटो : File Photo
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साल 2004 से 2017 तक पार्षदों के स्टडी टूर पर डेढ़ करोड़ से ज्यादा बर्बाद हो चुके हैं। इसका शहर का कोई फायदा भी नहीं मिला। पिछले साल तीन स्टडी टूर गए, लेकिन फायदा कुछ नहीं मिला। वहीं, नए मेयर स्टडी टूर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
पिछले सभी स्टडी टूर की रिपोर्ट भी बनी। सदन में चर्चा भी हुई, लेकिन स्टडी टूर की रिपोर्ट लागू नहीं हुई। पिछले साल पूर्व मेयर आशा जसवाल के कार्यकाल में पार्षदों के तीन स्टडी टूर हुए। इनमें विशाखापट्टनम, मुंबई और पूणे का टूर शामिल है। अभी तक शहर से जितने भी स्टडी टूर गए हैं, उनका एक पैसे का फायदा नहीं मिला है। इस समय नगर निगम की वित्तीय हालत खस्ता है। हर साल लाखों रुपये का बजट टूर के लिए रखा जाता है।
टूर में तबीयत खराब होने से पार्षद की हो चुकी है मौत
साल 2014 में पार्षद चेन्नई, कोलकता और पोर्ट ब्लेयर के स्टडी टूर पर गए थे। इस टूर में उस समय अकाली पार्षद मलकीयत सिंह की तबीयत खराब होने से मौत भी हो गई थी, लेकिन उस टूर में अध्ययन किए गए काम का कोई फायदा अभी तक शहर को नहीं मिला। इसविवादित स्टडी टूर के लिए जिन 13 पार्षदों से 9-9 हजार रुपये की रिकवरी भी ली गई थी।
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जिन 13 पार्षदों से रिकवरी ली गई है, उनमें पूर्व मेयर अरुण सूद के अलावा पूर्व मेयर पूनम शर्मा, पूर्व डिप्टी मेयर गुरबख्श रावत, आशा जसवाल, शीला देवी, सतीश कैंथ, बाबूलाल, गुरचरण दास काला और एमपी कोहली का नाम शामिल है। ये पार्षद अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को सरकारी टूर पर साथ ले गए थे। इससे टूर का खर्चा बढ़ गया था। इस समय दिवगंत मलकीयत सिंह के भाई हरदीप सिंह नगर निगम के पार्षद हैं।
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पिछले सभी स्टडी टूर की रिपोर्ट भी बनी। सदन में चर्चा भी हुई, लेकिन स्टडी टूर की रिपोर्ट लागू नहीं हुई। पिछले साल पूर्व मेयर आशा जसवाल के कार्यकाल में पार्षदों के तीन स्टडी टूर हुए। इनमें विशाखापट्टनम, मुंबई और पूणे का टूर शामिल है। अभी तक शहर से जितने भी स्टडी टूर गए हैं, उनका एक पैसे का फायदा नहीं मिला है। इस समय नगर निगम की वित्तीय हालत खस्ता है। हर साल लाखों रुपये का बजट टूर के लिए रखा जाता है।
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टूर में तबीयत खराब होने से पार्षद की हो चुकी है मौत
साल 2014 में पार्षद चेन्नई, कोलकता और पोर्ट ब्लेयर के स्टडी टूर पर गए थे। इस टूर में उस समय अकाली पार्षद मलकीयत सिंह की तबीयत खराब होने से मौत भी हो गई थी, लेकिन उस टूर में अध्ययन किए गए काम का कोई फायदा अभी तक शहर को नहीं मिला। इसविवादित स्टडी टूर के लिए जिन 13 पार्षदों से 9-9 हजार रुपये की रिकवरी भी ली गई थी।
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जिन 13 पार्षदों से रिकवरी ली गई है, उनमें पूर्व मेयर अरुण सूद के अलावा पूर्व मेयर पूनम शर्मा, पूर्व डिप्टी मेयर गुरबख्श रावत, आशा जसवाल, शीला देवी, सतीश कैंथ, बाबूलाल, गुरचरण दास काला और एमपी कोहली का नाम शामिल है। ये पार्षद अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को सरकारी टूर पर साथ ले गए थे। इससे टूर का खर्चा बढ़ गया था। इस समय दिवगंत मलकीयत सिंह के भाई हरदीप सिंह नगर निगम के पार्षद हैं।
अभी कौन-कौन से टूर गए हैं
MC House Meeting
- फोटो : File Photo
अभी कौन-कौन से टूर गए हैं
साल टूर का स्थल व्यय (लाखों में)
2004 चेन्नई, हैदराबाद और बंगलूरू 125400
2004 गोवा 347100
2004 बंगलूरू और मैसूर 301210
2007 मुंबई 19530
2007 सिंगापुर और बैंकॉक 1510560
2009 गुजरात 586075
2010 केरल 1381600
2010 गंगटोक 1607791
2010 कोलकाता और गंगटोक 1389032
2010 केरल 1381600
2010 संसद 47000
2011 बंगलूरू से कोयंबटूर 1639700
2011 चेन्नई और पुड्डूचेरी 1104744
2011 चेन्नई, पुड्डूचेरी, मदुरै, कोयंबटूर 1104744
2013 गुजरात 389492
2013 जाम नगर, जूनागढ़ और दमनद्वीप 361616
2014 वाटर सप्लाई को देखने के लिए कई शहरी एरिया 1011240
2014 नासिक 365129
2015 तमिलनाडू 350000
2015 स्पेन 285000
साल टूर का स्थल व्यय (लाखों में)
2004 चेन्नई, हैदराबाद और बंगलूरू 125400
2004 गोवा 347100
2004 बंगलूरू और मैसूर 301210
2007 मुंबई 19530
2007 सिंगापुर और बैंकॉक 1510560
2009 गुजरात 586075
2010 केरल 1381600
2010 गंगटोक 1607791
2010 कोलकाता और गंगटोक 1389032
2010 केरल 1381600
2010 संसद 47000
2011 बंगलूरू से कोयंबटूर 1639700
2011 चेन्नई और पुड्डूचेरी 1104744
2011 चेन्नई, पुड्डूचेरी, मदुरै, कोयंबटूर 1104744
2013 गुजरात 389492
2013 जाम नगर, जूनागढ़ और दमनद्वीप 361616
2014 वाटर सप्लाई को देखने के लिए कई शहरी एरिया 1011240
2014 नासिक 365129
2015 तमिलनाडू 350000
2015 स्पेन 285000
पार्षद नए प्रोजेक्ट का अध्ययन कर सकेंगे : मेयर
Mayor Davesh Moudgil
- फोटो : अमर उजाला
विकास के लिए पैसे नहीं, टूर फिर भी जरूरी
एक तरफ नगर निगम के पास विकास कार्य करवाने के लिए ग्रांट नहीं है। दूसरी ओर, लाखों रुपये स्टडी टूर पर खर्चा जा रहा है। पिछले वर्षों में जो भी टूर गए हैं, उनका कोई फायदा शहर को नहीं मिला है। सारी जानकारी ऑनलाइन है। कुछ अध्ययन करना है तो इंटरनेट के माध्यम से किया जा सकता है।
-हितेश पुरी, वाइस चेयरमैन फासवेक
पार्षद नए प्रोजेक्ट का अध्ययन कर सकेंगे : मेयर
पार्षदो का स्टडी टूट इस साल भी जाएगा। मैं शुरू से स्टडी टूर का पक्षधर रहा हूं। पार्षदों को नए प्रोजेक्ट के अध्ययन करने का मौका मिलेगा। इसका शहर को भी फायदा मिलेगा। स्टडी टूर को लेकर हर किसी के अपने-अपने विचार हैं, लेकिन मैं टूर के समर्थन में हूं।
-देवेश मोदगिल, मेयर चंडीगढ़
एक तरफ नगर निगम के पास विकास कार्य करवाने के लिए ग्रांट नहीं है। दूसरी ओर, लाखों रुपये स्टडी टूर पर खर्चा जा रहा है। पिछले वर्षों में जो भी टूर गए हैं, उनका कोई फायदा शहर को नहीं मिला है। सारी जानकारी ऑनलाइन है। कुछ अध्ययन करना है तो इंटरनेट के माध्यम से किया जा सकता है।
-हितेश पुरी, वाइस चेयरमैन फासवेक
पार्षद नए प्रोजेक्ट का अध्ययन कर सकेंगे : मेयर
पार्षदो का स्टडी टूट इस साल भी जाएगा। मैं शुरू से स्टडी टूर का पक्षधर रहा हूं। पार्षदों को नए प्रोजेक्ट के अध्ययन करने का मौका मिलेगा। इसका शहर को भी फायदा मिलेगा। स्टडी टूर को लेकर हर किसी के अपने-अपने विचार हैं, लेकिन मैं टूर के समर्थन में हूं।
-देवेश मोदगिल, मेयर चंडीगढ़