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पार्षद कैंथ भाजपा में शामिल, कांग्रेस ने निकाला

Fri, 23 Jan 2015 02:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 23 Jan 2015 02:32 PM IST
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councilor satish Kenth joins BJP

कांग्रेस से बगावत कर बुधवार को दिनभर ‘लापता’ रहे पार्षद सतीश कैंथ वीरवार शाम को भाजपा नेताओं के हाथों मिठाई खाते दिखे। सेक्टर-7 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय में उन्होंने विधिवत भाजपा ज्वाइन करने का ऐलान भी किया। इससे पहले दोपहर 12 बजे बैठक में भी नहीं पहुंचने पर उनकी पार्टी सदस्यता निलंबित कर दी गई।

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वीरवार शाम प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और संगठन मंत्री अजय जमवाल ने कैंथ को पार्टी ज्वाइन करवाई। कैंथ के शामिल होने से कांग्रेस को तगड़ा झटका भी लगा है। नगर निगम हाउस में अब कांग्रेस के महज 8 पार्षद ही बचे हैं जबकि भाजपा-अकाली पार्षदों की संख्या 14 हो गई है। कैंथ ने कांग्रेस के फैसले के खिलाफ जाकर नगर निगम की फाइनेंस एंड कांट्रैक्ट कमेटी(एफएंडसीसी)के चुनाव के लिए पर्चा भरा था।
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कांग्रेस ने इस कमेटी के चुनाव के लिए सुभाष चावला का नामांकन भरवाया था। बाद में कांग्रेसी नेता कैंथ पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाते रहे, लेकिन वे नहीं माने। यहां तक की बुधवार को कैंथ अपना मोबाइल बंद कर लापता भी हो गए और किसी कांग्रेसी से नहीं मिले। वीरवार को कैंथ के साथ जिला कांग्रेस कमेटी-1 के महासचिव मोहम्मद दाउद भी भाजपा में शामिल हुए।
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छाबड़ा पर बोला हमला
पार्टी छोड़ने के बाद सबसे पहले सतीश कैंथ ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को निशाना बनाया। कैंथ ने कहा कि नगर निगम के कई घोटालों में छाबड़ा का हाथ रहा। वे इन घोटालों को उठाना चाहते थे, लेकिन उनकी आवाज दबा दी जाती थी। कैंथ ने कहा कि भाजपा में आकर अब वे इन घोटालों को उजागर करेंगे। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के खिलाफ भी बयानबाजी की। कैंथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में बंसल ही अपनी चलाते हैं। उन्हीं के इशारों पर सब कुछ होता है।

आशा जसवाल ने वापस लिया पर्चा

कैंथ के भाजपा में शामिल होने के बाद आशा जसवाल ने एफएंडसीसी चुनाव से अपना नामांकन वापस लेने का ऐलान किया है। ऐसे में अब कमेटी के सदस्यों का फैसला सर्वसम्मिति से हो जाएगा। भाजपा से सतीश कैंथ, राजिंदर कौर रत्तू, कांग्रेस से सुभाष चावला और मनोनीत पार्षदों से सुरिंदर बाहगा और बाबू लाल ने नामांकन भरे हैं। एफएंडसीसी नगर निगम की सबसे अहम कमेटी होती है और इसकी फाइनेंशियल पावर 50 लाख रुपये होती है।


प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस ने बताया कि हमने दोपहर 12 बजे बैठक कर सतीश कैंथ को पार्टी से निकाल दिया था। अब वे भाजपा में शामिल हो गए हैं, इस पर मैं कोई टिप्पणी करना नहीं चाहूंगा।

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