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भ्रष्टाचार मामला: पूर्व एसडीएम शिल्पी पत्तर के पति ने मांगा डिस्चार्ज, 21 जुलाई को होगी सुनवाई
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चंडीगढ़। भ्रष्टाचार के चर्चित मामले में पूर्व एसडीएम (ईस्ट) एवं एचसीएस अधिकारी शिल्पी पात्रा के पति धीरज दत्त ने विशेष सीबीआई अदालत में आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) किए जाने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया है। अदालत ने आवेदन पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई तय की है।
धीरज दत्त ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-250 के तहत दायर आवेदन में कहा है कि उन्हें मामले में गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। उनका दावा है कि 4 अगस्त 2017 को शिकायतकर्ता तरसेम कुमार द्वारा सीबीआई को दी गई शिकायत में उनका नाम तक नहीं था। एफआईआर से पहले की सत्यापन रिपोर्ट में भी उनके खिलाफ कोई आरोप या साक्ष्य दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वह लोक सेवक नहीं हैं और कथित रिश्वत प्रकरण से उनका कोई संबंध नहीं है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया और न ही कोई ऐसा दस्तावेज है, जिससे उन्हें मामले से जोड़ा जा सके। धीरज दत्त का आरोप है कि पत्नी शिल्पी पात्रा की गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करने के कारण उन्हें भी झूठा फंसाया गया।
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यह मामला अगस्त 2017 का है, जब सीबीआई ने तत्कालीन एसडीएम (ईस्ट) शिल्पी पात्रा, उनके पति धीरज दत्त और कथित बिचौलिए जी.एस. बराड़ को संपत्ति विवाद से जुड़े कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने छापेमारी के दौरान दो लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया था। अब अदालत 21 जुलाई को धीरज दत्त के डिस्चार्ज आवेदन पर सुनवाई करेगी।
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धीरज दत्त ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-250 के तहत दायर आवेदन में कहा है कि उन्हें मामले में गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। उनका दावा है कि 4 अगस्त 2017 को शिकायतकर्ता तरसेम कुमार द्वारा सीबीआई को दी गई शिकायत में उनका नाम तक नहीं था। एफआईआर से पहले की सत्यापन रिपोर्ट में भी उनके खिलाफ कोई आरोप या साक्ष्य दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वह लोक सेवक नहीं हैं और कथित रिश्वत प्रकरण से उनका कोई संबंध नहीं है।
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आवेदन में यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया और न ही कोई ऐसा दस्तावेज है, जिससे उन्हें मामले से जोड़ा जा सके। धीरज दत्त का आरोप है कि पत्नी शिल्पी पात्रा की गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करने के कारण उन्हें भी झूठा फंसाया गया।
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यह मामला अगस्त 2017 का है, जब सीबीआई ने तत्कालीन एसडीएम (ईस्ट) शिल्पी पात्रा, उनके पति धीरज दत्त और कथित बिचौलिए जी.एस. बराड़ को संपत्ति विवाद से जुड़े कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने छापेमारी के दौरान दो लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया था। अब अदालत 21 जुलाई को धीरज दत्त के डिस्चार्ज आवेदन पर सुनवाई करेगी।