Haryana: हरियाणा में भ्रष्टाचारियों ने बदला तरीका, अधिकारी रिश्वत में मांग रहे लड्डू, चिप्स और महंगा चश्मा
मामलों के आंकलन में सामने आया है कि फाइल पास करने से पहले अधिकारी बाहर बैठे किसी दलाल से मिलने के लिए कहते हैं। यमुनानगर में ओवरलोडिंग वाहनों से मंथली वसूली के मामलों में यह खुलासा हो चुका है। यमुनानगर-करनाल के आरटीए सुभाष कुमार और अंबाला के रमित यादव को इसी आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
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भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए हरियाणा सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है लेकिन कुछ अधिकारी-कर्मचारी नए-नए रास्ते निकाल रहे हैं। राज्य सतर्कता ब्यूरो का शिकंजा कसता देख रिश्वत मांगने का तरीका बदल लिया है। रिकॉर्डिंग और वीडियो बनने के डर से कोड वर्ड तय कर लिए हैं। जैसे-एक किलो लड्डू, दो पैकेट चिप्स और महंगा चश्मा आदि कोड वर्ड्स का इस्तेमाल करते हैं। हर कोड वर्ड के लिए रिश्वत की राशि तय है। एक किलो लड्डू का मतलब है एक लाख रुपये, चिप्स के दो पैकेट का दो लाख रुपये और महंगा चश्मा का दो लाख से ज्यादा रकम।
कैलकुलेटर या कागज पर लिखकर भी राशि बताई जाती है। इसके अलावा खुद सीधे रिश्वत लेने के बजाय दलालों के माध्यम से पैसा लेना सुरक्षित समझ रहे हैं। यह खुलासा विजिलेंस के पास आईं शिकायतों और गिरफ्तारियों के बाद पूछताछ में हुआ है। हरियाणा में इस साल अब तक 143 ट्रैप में 150 से अधिक भ्रष्टाचारी अधिकारी और कर्मचारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें अधिकतर श्रेणी-1 और 2 के अधिकारी हैं। विजिलेंस अधिकारी ने कहा कि भ्रष्टाचारी कितने भी तरीके बदल लें। रडार पर आने के बाद भ्रष्टाचारी किसी भी सूरत में बच नहीं सकते हैं। तमाम सूबतों को तैयार कर छापा मारा जाता है।
फाइल रोक दलाल से मिलने को कहते हैं
मामलों के आंकलन में सामने आया है कि फाइल पास करने से पहले अधिकारी बाहर बैठे किसी दलाल से मिलने के लिए कहते हैं। यमुनानगर में ओवरलोडिंग वाहनों से मंथली वसूली के मामलों में यह खुलासा हो चुका है। यमुनानगर-करनाल के आरटीए सुभाष कुमार और अंबाला के रमित यादव को इसी आधार पर गिरफ्तार किया गया है। कई अन्य मामलों में भी ऐसा ही कनेक्शन सामने आया है।
भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ शिकायत देने वाले और आरोपियों को पकड़ने वालों को सम्मानित करने की पहल शुरू की है। पिछले सप्ताह ही 17 लोगों को सम्मानित किया गया है। टोल फ्री नंबर 1800-180-2022 और 1064 और व्हाट्सएप नंबर 094178-91064 जारी किए हैं। इन नंबरों पर आम व्यक्ति शिकायत दे सकता है। - शत्रुजीत कपूर, महानिदेशक, राज्य सतर्कता ब्यूरो।