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भ्रष्ट मुलाजिम सीधे बर्खास्त या जबरन रिटायर किए जाएंगे, पंजाब सरकार नई नीति लाने पर कर रही विचार

Thu, 15 Aug 2019 04:36 AM IST
देव कश्यप हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: देव कश्यप Updated Thu, 15 Aug 2019 04:36 AM IST
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Corrupt employees directly sacked or forcibly retired, Punjab government considering new policy
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

पंजाब में अब भ्रष्ट कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। सरकार ऐसे कर्मचारियों को सस्पेंड रखकर लंबे समय तक जांच प्रक्रिया में उलझने के मूड में है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, राज्य सरकार ऐसी नीति पर विचार कर रही है कि विजिलेंस ट्रैप के दौरान रंगे हाथों दबोचे जाने वाले रिश्वतखोर कर्मचारियों और अधिकारियों को सीधे बर्खास्त कर घर भेज दिया जाए।

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राज्य में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए सरकार की एजेंसियां लगातार कर्मचारियों व अधिकारियों के कामकाज पर गुपचुप नजर रख रही हैं। ऐसे कर्मचारी व अधिकारी जिनके खिलाफ राज्य सरकार, विजिलेंस विभाग और अन्य एजेंसियों को शिकायतें मिल रही हैं, उनकी गतिविधियों पर अब पैनी नजर रखी जा रही है। विजिलेंस विभाग ऐसे मुलाजिमों को रंगे हाथों दबोचने के लिए समय-समय पर ट्रैप लगा रहा है। सरकार ने फैसला किया है कि ऐसे मुलाजिमों को जांच या गतिविधियों पर नजर रखने के चलते, सरकारी सेवा में देर तक बनाए रखने की बजाए उन्हें जबरन सेवामुक्त कर दिया जाए।
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पता चला है कि राज्य सरकार जल्द ही सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर उनके अधीनस्थ कर्मचारियों और अफसरों के कामकाज व आचरण की रिपोर्ट तलब करने वाली है। इस रिपोर्ट के आधार पर मुलाजिमों के बारे में एक डाटा तैयार किया जाएगा ताकि ईमानदार और कर्मठ मुलाजिमों को जहां आगे बढ़ने का अवसर मुहैया कराया जाए वहीं संदिग्ध और भ्रष्ट प्रवृत्ति के मुलाजिमों को जल्द से जल्द सेवा से बाहर किया जाए।
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इसके साथ ही राज्य सरकार ने उन कर्मचारियों और अफसरों की सूची भी तैयार करनी शुरू कर दी है, जो रिश्वत के मामलों में फंस चुके हैं या दोषी ठहराए जा चुके हैं और अभी तक सेवा में बने हुए हैं। फिलहाल सरकार ने यह फैसला किया है कि रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने वाले मुलाजिमों को अब न तो सेवाकाल में बढ़ोतरी का अवसर दिया जाएगा और न ही डेपुटेशन पर भेजा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, विचाराधीन नीति को अमल में लाए जाने के बाद ऐसे मुलाजिमों को सीधे नौकरी से निकाल दिए जाने का प्रावधान होगा।

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