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निगम के पार्षदों को मिलेगा एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और एक सेवादार
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चंडीगढ़। देश भर में चंडीगढ़ का नगर निगम ऐसा पहला होगा जिसके सभी 26 निर्वाचित पार्षदों को दो कर्मचारियों की सुविधा मिलेगी। इनमें एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और एक सेवादार होगा। फिलहाल यह सुविधा मेयर को ही थी। इन दो नए कर्मचारियों को रखने पर हर पार्षद पर करीब तीस हजार रुपये का खर्च बढ़ जाएगा। मनोनीत पार्षदों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
नगर निगम सदन की गत सोमवार को हुई बैठक में अन्य प्रस्तावों के अलावा डाटा एंट्री ऑपरेटर और सेवादर रखने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। पास किए गए इस प्रस्ताव को अब प्रशासनिक मंजूरी के लिए प्रशासन के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद पार्षदों को यह सुविधा मिलने लगेगी।
नगर निगम के पार्षदों का कहना था कि उन्हें अपनी सुविधा के लिए दो निजी कर्मचारियों की जरूरत है। पार्षदों के अनुसार निर्वाचित पार्षदों को अपने रोजाना के काम करवाने में मुश्किल का सामना करना पड़ता है। यह कर्मचारी निर्वाचित पार्षदों के रूटीन के कामों में मदद करेंगे। इस कारण इन कर्मचारियों की उन्हें जरूरत है।
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एक पार्षद पर हर महीने खर्च होंगे तीस हजार रुपये
हलांकि सभी पार्षदों को डाटा एंट्री ऑपरेटर और सेवादार देने के पक्ष में अधिकारी नहीं थे। लेकिन पार्षदों के आगे अधिकारियों की एक नहीं चली। मिली जानकारी के अनुसार मनोनीत पार्षद इस सुविधा से वंचित ही रहेंगे। बता दें कि नगर निगम में कुल 26 निर्वाचित पार्षद हैं। इन दो नए कर्मचारियों को रखने पर हर पार्षद पर करीब तीस हजार रुपये हर महीने का खर्च बढ़ जाएगा।
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नगर निगम सदन की गत सोमवार को हुई बैठक में अन्य प्रस्तावों के अलावा डाटा एंट्री ऑपरेटर और सेवादर रखने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। पास किए गए इस प्रस्ताव को अब प्रशासनिक मंजूरी के लिए प्रशासन के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद पार्षदों को यह सुविधा मिलने लगेगी।
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नगर निगम के पार्षदों का कहना था कि उन्हें अपनी सुविधा के लिए दो निजी कर्मचारियों की जरूरत है। पार्षदों के अनुसार निर्वाचित पार्षदों को अपने रोजाना के काम करवाने में मुश्किल का सामना करना पड़ता है। यह कर्मचारी निर्वाचित पार्षदों के रूटीन के कामों में मदद करेंगे। इस कारण इन कर्मचारियों की उन्हें जरूरत है।
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एक पार्षद पर हर महीने खर्च होंगे तीस हजार रुपये
हलांकि सभी पार्षदों को डाटा एंट्री ऑपरेटर और सेवादार देने के पक्ष में अधिकारी नहीं थे। लेकिन पार्षदों के आगे अधिकारियों की एक नहीं चली। मिली जानकारी के अनुसार मनोनीत पार्षद इस सुविधा से वंचित ही रहेंगे। बता दें कि नगर निगम में कुल 26 निर्वाचित पार्षद हैं। इन दो नए कर्मचारियों को रखने पर हर पार्षद पर करीब तीस हजार रुपये हर महीने का खर्च बढ़ जाएगा।