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कोरोना और लॉकडाउनः यूटी प्रशासन की योजना, फल-सब्जी ले जाने वाली बसों को ट्रेस करेगा निगम

Tue, 07 Apr 2020 02:01 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो नवदीप शर्मा, चंडीगढ़
नवदीप शर्मा, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 07 Apr 2020 02:01 PM IST
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Corporation will now trace buses carrying fruits and vegetables, coronavirus, lockdown
प्रतीकात्मक तस्वीर
चंडीगढ़वासियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम ने नई योजना तैयार की है। स्मार्ट सिटी ने एक एप तैयार किया है। यह एप सभी वेंडरों व बस चालकों के मोबाइल में डाउनलोड कराया जाएगा। इससे बस व वेंडर की लोकेशन आसानी से ट्रेस हो सकेगी। नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि इस समय हर व्यक्ति तक सब्जी व फल पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।
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सीटीयू की बसों से शहर के सभी सेक्टर व गांवों में सब्जी व फल लगातार भेजे जा रहे हैं, बावजूद इसके कई बार हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत मिलती है कि बस आई नहीं या देरी से पहुंची। अब तय किया गया है कि सभी बस चालकों और उनके साथ जाने वाले वेंडरों के मोबाइल में स्मार्ट सिटी की ओर से तैयार एप डाउनलोड कराया जाएगा।
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मंगलवार से सभी बसों को आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा। कई बार लोगों की शिकायतें आती हैं कि बस कहीं और ले जाकर महंगे दामों पर सब्जियां बेची गई हैं। इन सभी समस्याओं को हल करने के साथ ही हर व्यक्ति तक समान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू की है।
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100 सीटीयू बसों पर 500 वेंडर हैं तैनात
कमिश्नर ने बताया कि वर्तमान में 100 सीटीयू बसों से सब्जी व फल भेजा जा रहा है। 60 बसें सेक्टर व 40 बसें गांवों व कॉलोनियों में सब्जियां व फल लेकर जा रही हैं। बसों के साथ 130 वेंडर जाते हैं। 118 मोबाइल वेंडर हैं, जिन्हें अलग-अलग सेक्टर में निगम ने साइट अलॉट की है। इसके अलावा 250 अन्य वेंडर भी हैं, जो सामान लेकर जाते हैं। इस प्रकार कुल 100 बस चालक व 500 वेंडर इस काम में लगे हैं। लगभग 50 से 60 वेंडर के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं है, इसलिए उनको ट्रेस नहीं किया जा सकता।

गोपनीयता बनी रही, इसलिए सार्वजनिक नहीं किया एप

निगम कमिश्नर ने बताया कि यह व्यवस्था लॉकडाउन तक के लिए है। उसके बाद सभी लोगों से एप अनस्टॉल करा दिया जाएगा। एप को पहले सार्वजनिक करने का विचार था कि सभी लोग अपने क्षेत्र की बसों को देख सकें, लेकिन इससे कर्मचारियों की गोपनीयता भंग हो जाती। क्योंकि काम के बाद लोगों को कोई समस्या न हो, इसलिए इस ट्रैकिंग को केवल अधिकारी ही देख सकेंगे।

जहां जरूरत होगी, ज्यादा बस भेजेंगे
कमिश्नर ने बताया कि अभी सेक्टर, गांव व कॉलोनी की आबादी के हिसाब से सब्जी व फल भेज रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में कई बार सब्जी व फल कम पड़ जाते हैं। इस एप के माध्यम से हमें यह भी जानकारी मिल सकेगी कि कहां कितनी बसों को भेजना है और कितना सामान भेजना है।

लोगों को पूरी सुविधा उपलब्ध हो इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। चूंकि कई जगह समस्या आ रहीं है, इसलिए एप की मदद ली जा रही है। मंगलवार से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
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