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Chandigarh News: ट्रिब्यून फ्लाईओवर पर सुप्रीमकोर्ट नहीं जाएगा प्रशासन, लगा फुल स्टॉप
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चंडीगढ़। ट्रिब्यून चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने अब सुप्रीमकोर्ट जाने का रास्ता भी बंद कर दिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के परियोजना रोकने के फैसले के खिलाफ प्रशासन विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल नहीं करेगा। प्रशासन के लीगल रिप्रेजेंटेटिव (एलआर) ने कानूनी राय में एसएलपी दाखिल नहीं करने की सलाह दी है।
मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने एलआर की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भी भेज दी है। इसके साथ ही 214.66 करोड़ रुपये की इस बहुचर्चित परियोजना पर फुल स्टॉप लग गया है। अब प्रशासन ट्रिब्यून चौक पर बढ़ते यातायात दबाव का समाधान फ्लाईओवर के बजाय दूसरे विकल्पों से तलाशेगा। अंडरपास समेत अन्य ट्रैफिक मैनेजमेंट विकल्पों पर नई योजना तैयार की जाएगी। इस चौक से रोज करीब 1.5 लाख वाहन गुजरते हैं। ऐसे में फ्लाईओवर रद्द होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती यातायात व्यवस्था को संभालने की होगी।
1.5 लाख वाहनों का रोज दबाव : ट्रिब्यून चौक ट्राइसिटी के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार यहां से रोज करीब 1.5 लाख वाहन गुजरते हैं।
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लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए प्रशासन ने फ्लाईओवर को जरूरी परियोजना बताया था। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी कई मौकों पर ट्रिब्यून चौक की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए इस परियोजना की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। अब फ्लाईओवर का विकल्प खत्म होने के बाद प्रशासन को इसी दबाव के बीच नया समाधान तलाशना होगा।
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मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने एलआर की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भी भेज दी है। इसके साथ ही 214.66 करोड़ रुपये की इस बहुचर्चित परियोजना पर फुल स्टॉप लग गया है। अब प्रशासन ट्रिब्यून चौक पर बढ़ते यातायात दबाव का समाधान फ्लाईओवर के बजाय दूसरे विकल्पों से तलाशेगा। अंडरपास समेत अन्य ट्रैफिक मैनेजमेंट विकल्पों पर नई योजना तैयार की जाएगी। इस चौक से रोज करीब 1.5 लाख वाहन गुजरते हैं। ऐसे में फ्लाईओवर रद्द होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती यातायात व्यवस्था को संभालने की होगी।
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1.5 लाख वाहनों का रोज दबाव : ट्रिब्यून चौक ट्राइसिटी के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार यहां से रोज करीब 1.5 लाख वाहन गुजरते हैं।
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लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए प्रशासन ने फ्लाईओवर को जरूरी परियोजना बताया था। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी कई मौकों पर ट्रिब्यून चौक की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए इस परियोजना की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। अब फ्लाईओवर का विकल्प खत्म होने के बाद प्रशासन को इसी दबाव के बीच नया समाधान तलाशना होगा।