कोरोना की संदिग्ध युवती अस्पताल में भर्ती, लक्षण से उड़ी विभाग की नींद, हाल ही में थाईलैंड से लौटी
- कोराना के सैंपल दिल्ली, पुणे व स्वाइन फ्लू के लिए चंडीगढ़ पीजीआई भेजे सैंपल।
- तीन दिन थाईलैंड में घूमने के बाद 9 फरवरी को लौटी थी युवती।
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चीन में हजारों लोगों की मौत की वजह बने कोरोना वायरस का संदिग्ध स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के गृहक्षेत्र में मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। थाईलैंड से लौटी 20 वर्षीय युवती में पाए गए लक्षणों के चलते आनन-फानन में विभाग ने उसे छावनी के नागरिक अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती कर ड\क्टरों की निगरानी में रखा गया है। हालांकि युवती में पाए जाने वाले लक्षणों को स्वाइन फ्लू से भी जोड़कर देखा जा रहा है। चिकित्सकों ने वायरस की पुष्टि के लिए रिपोर्ट दिल्ली व पुणे और स्वाइन फ्लू के लिए पीजीआई की लैब में भेज गया है।
24 घंटे में रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बताया जाता है कि बीसी बाजार निवासी युवती थाईलैंड घूमने के लिए गई थी। 10 दिन पहले ही वह वापस लौटी तो उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। पहले प्राइवेट अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। जैसे ही युवती को सांस लेने में परेशानी व बुखार आया तो उसे छावनी के नागरिक अस्पताल लाया गया।
बिजनेस में सफलता पर मिला था थाईलैंड का ट्रिप
परिजनों के मुताबिक युवती एक इंश्योरेंस कंपनी से जुड़कर कार्य कर रही थी। टारगेट पूरे करने की सफलता पर उसे थाईलैंड का ट्रिप मिला था। इस ट्रिप में कंपनी से जुड़े कई सदस्य थे, जो अलग-अलग शहरों से थे। 7 फरवरी को वह थाईलैंड पहुंची थी और 9 को वापस अंबाला आई थी। कुछ दिन बाद ही युवती को खांसी, जुकाम हो गया। कुछ दिन बाद हालत में सुधार न होने व छाती में दर्द बढ़ने के बाद उसे छावनी के प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया था।
फिजीशियन, ईएनटी सहित स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का बनाया पैनल
बुधवार देर रात को मरीज के अस्पताल में आते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। आनन-फानन में स्पेशल वार्ड में दाखिल करने के बाद स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का पैनल तैयार किया। इसमें फिजीशियन, ईएनटी सहित स्पेशलिस्ट डॉक्टर शामिल रहे। अस्पताल एसएमओ डॉ. सतीश की निगरानी में मरीज को रखा गया है। साथ ही वार्ड में पूरी एतिहात बरती जा रही है।
संदिग्ध मरीज का वार्ड पूरी तरह से आइसोलेटेड
स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के वार्ड को पूरी तरह से आइसोलेटेड कर दिया है। किसी भी व्यक्ति को कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज तक जाने की इजाजत नहीं है। इसके साथ ही चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ को भी प्रोटेक्शन किट पहनाने के बाद ही मरीज तक भेजा जा रहा है। मरीज को फिलहाल कुछ जरूरी दवाइयां भी दी जा रही हैं। मरीज के कमरे में झाडू नहीं लगाया जा रहा और गीले के साथ-साथ सूखा पोछा लगाया जा रहा है। मरीज के मास्क को भी बायोमेडिकल के तहत नष्ट किया जा रहा है।
मरीज के साथ परिजनों की होगी स्क्रीनिंग
आइसोलेशन वार्ड में मरीज के अलावा उनके परिजन को जाने की इजाजत है। मरीज के साथ उनके समस्त परिजनों की स्क्रीनिंग भी विभाग करवा रहा है। ताकि समय रहते उनका भी उपचार शुरू करवाया जा सके।
कोराना का असर, मास्क पहने दिखे मरीज और तीमारदार
अस्पताल में जैसे ही कोराना व स्वाइन फ्लू के ग्रस्त मरीज की खबर फैली तो हड़कंप मच गया। समस्त स्टाफ के साथ मरीज व उनके तीमारदार भी अस्पताल में मास्क पहने दिखाई दिए। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन में मास्क की संख्या को बढ़ाने के लिए सीएमओ कार्यालय से हजारों मास्क मंगवाए।
कोराना वायरस के लक्षण
कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है। इस वायरस के कारण मरीजों में आमतौर पर जुकाम, खांसी, गले में दर्द एवं सांस लेने में दिक्कत बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखे जाते हैं। इसके बाद यह निमोनिया में बदल जाते हैं । यह वायरस एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में खांसने व छींकने के माध्यम से फैलता है।
ऐसे करें बचाव
- साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
- सर्दी जुकाम वाले लोग भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाएं।
- हाथ को अच्छी तरह साबुन से धोएं।
- नाक, मुंह पर मास्क अथवा रुमाल रखें।
- बीमार व्यक्ति के बर्तन का इस्तेमाल न करें।
- जुकाम के साथ सीने में तेज दर्द हो तो अपने नजदीकी प्राथमिक, सामुदायिक अथवा जिला चिकित्सालय में चिकित्सक को दिखाएं।
बुधवार देर रात को 20 वर्षीय युवती आई थी। 10 दिन पहले वह थाईलैंड से आई थी और खांसी, जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। युवती के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। कोराना वायरस व स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते सैंपल पुणे, दिल्ली व चंडीगढ़ पीजीआई भेजे गए है। -डॉ. सतीश, एसएमओ, नागरिक अस्पताल अंबाला छावनी