फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Coronavirus, Lockdown Effect on Chandigarh Real Estate Business

रियल एस्टेट: अपने घर का सपना होगा पूरा, बैंकों संग मिलकर कारोबार को बूम देने की तैयारी

Wed, 17 Jun 2020 01:03 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 17 Jun 2020 01:03 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus, Lockdown Effect on Chandigarh Real Estate Business
सांकेतिक तस्वीर
ट्राइसिटी का रियल एस्टेट मार्केट फिर से नई रफ्तार पकड़ने लगा है। मोहाली, पंचकूला और जीरकपुर के कुछ डवलपर अपनी स्कीम पर मार्केट को रास्ते पर लाने को तैयार हैं तो दूसरी ओर काफी बिल्डरों ने बैंकों की ब्याज दर के साथ पीएम आवास योजना और आयकर में छूट को अपना मार्केटिंग टूल बना लिया है।
विज्ञापन


नतीजा यह है कि लॉकडाउन के बाद ट्राइसिटी में 180 से ज्यादा फ्लैट बिक चुके हैं। ट्राइसिटी में ढाई सौ से ज्यादा प्रोजेक्ट हैं। इसमें कामर्शियल प्रोजेक्ट भी शामिल हैं और रेजिडेंशियल भी। बिल्डरों के अनुसार अभी ग्राहकों का रुख सिर्फ रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की ओर है। इसकी वजह है कि वह किराया न देकर अपने घर में जाना चाहते हैं।
विज्ञापन


एक बिल्डर के अनुसार लॉकडाउन के पहले प्रतिमाह ट्राइसिटी में चार सौ से ज्यादा फ्लैट सेल होते थे जबकि लॉकडाउन के बाद 180 फ्लैट सेल हो चुके हैं। बिल्डरों की मानें तो फिलहाल घर लेने में लाभ है। इसकी वजह है कि ग्राहक को औसतन पांच लाख रुपये का लाभ मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मसलन, बैंक की ब्याज दर जो पहले नौ फीसदी तक थी अब साढ़े छह फीसदी से सात फीसदी तक ही रह गई है। दूसरी ओर पीएम आवास योजना के अंतर्गत 2.67 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिल रही है। इसके साथ ही आयकर दाता को टैक्स में भी बचत मिल रही है।

एक लाख में अपना घर

लॉकडाउन के बाद रियल एस्टेट ने ग्राहकों को जोड़ने के लिए नई योजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है। एक नामी ग्रुप के एमडी नीरज कंसल ने बताया कि लॉकडाउन के बाद बाजार खत्म नहीं हुआ है। अब वक्त है ग्राहकों को अपने साथ जोड़ने का। ऐसी ही स्थिति के लिए उनके ग्रुप ने लोगों की सबसे अहम मांग अपना घर पर सीधा फोकस कर दिया है।

नीरज कंसल ने बताया कि लोगों के पास रुपये की कमी है और उसी को देखते हुए एक लाख रुपये की राशि और बैंक लोन के साथ रजिस्ट्री करवाने के बाद घर देने की शुरुआत कर दी है। अहम बात यह है कि एक साल की बैंक की किश्त ग्रुप द्वारा दी जाएगी। नीरज कंसल ने कहा कि इसी वजह से कंपनी ने लॉकडाउन के दौरान आठ रेजिडेंशियल और कुछ कामर्शियल प्रॉपर्टी पर बिजनेस किया।

रियल एस्टेट में यह लाभ
- ब्याज दर  6.50 से आठ फीसदी
- पीएम आवास योजना सब्सिडी 2.67 लाख रुपये
- टैक्स की बचत-साढ़े तीन लाख रुपये की आय पर
- कुल प्रोजेक्ट-दो सौ प्रोजेक्ट (रेजिडेंशियल और कामर्शियल)
- ट्राइसिटी में रेडी टू मूव प्रोजेक्ट-15 हजार
- बिल्डरों द्वारा दी जाने वाली छूट-एक से दो फीसदी
- पहले बिकते थे फ्लैट-450 (प्रति माह)
- लॉकडाउन के बाद बिके-180

अब लोग किराए के घर से अपने घर में जाना चाहते हैं। लॉकडाउन के दौरान लोगों को किराए के घर और अपने घर का अंतर स्पष्ट समझ में आ गया है। इसी वजह से रियल एस्टेट मार्केट धीरे धीरे उठ जाएगी। अच्छी बात यह है कि इस समय बेशक बिल्डर छूट न दें पर बैंकों के साथ अन्य छूट इतनी ज्यादा हैं कि एक ग्राहक को पांच लाख रुपये तक का लाभ मिल ही जाता है। ,
- प्रतीक मित्तल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सुषमा ग्रुप

लॉकडाउन के बाद बिल्डिंग मैटेरियल की कीमत काफी ज्यादा बढ़ गई है। इसकी वजह से प्रॉपर्टी आने वाले समय में महंगी हो सकती है। जो भी घर खरीदने की प्लानिंग करते हैं वह हर चीज पर नजर रखते हैं। यदि मैं लॉकडाउन के पहले की बात करूं तो करीब एक हजार खरीदार ट्राइसिटी में ऐसा था जो कि प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहता था। लॉकडाउन के बाद खरीददार फिर बाजार में आ गए हैं। अब ब्याजदर और अन्य स्कीम काफी शानदार हैं। ऐसी स्थिति में बाजार बेहतर होगा।
- हरीश गुप्ता, त्रिशला बिल्डर्स
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed