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लॉकडाउनः घर जाने की चाहत में 14 घंटे में पूरा किया 120 किलोमीटर का पहाड़ी सफर, गिरफ्तार
Mon, 20 Apr 2020 02:11 PM IST
खुशबू गोयल
नरिंदर वैद्य, जालंधर
नरिंदर वैद्य, जालंधर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 20 Apr 2020 02:11 PM IST
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कर्फ्यू तोड़कर अपने घर पहुंचने वाला शख्स
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के चलते सभी राज्यों ने अपनी सीमाएं सील कर रखी हैं, लेकिन घर जाने की चाह में एक व्यक्ति पंजाब से हिमाचल प्रदेश अपने घर पैदल ही पहुंच गया। पहाड़ी रास्तों से होता हुआ वह घर तो पहुंच गया, लेकिन वहां पहुंचते ही पुलिस ने उसको हिरासत में लेकर जांच के लिए भेज दिया। जालंधर स्थित केसर पेट्रोल पंप पर काम करने वाला 43 वर्षीय सुदर्शन कांगड़ा जिले के दरंग गांव का रहने वाला है।
उसे उम्मीद थी कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन में ढील मिलेगी और वह अपने गांव जाकर बीवी-बच्चों से मिल पाएगा, लेकिन पंजाब में कर्फ्यू 3 मई तक बढ़ा दिया गया। इससे परेशान होकर सुदर्शन ने पैदल ही अपने गांव जाने की ठान ली। उसका यह कदम कानून के खिलाफ था, लेकिन उसे बस घर जाने की चाह थी। इसलिए 14 घंटे में 120 किलोमीटर का सफर तय कर वह घर पहुंच गया, लेकिन हिमाचल पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके अस्पताल में कोरोना टेस्ट के लिए भेज दिया।
पुलिस ने जब उसके हिमाचल प्रदेश पहुंचने के बारे में पूछताछ की तो सुदर्शन ने बताया कि वह बुधवार 15 अप्रैल को नेशनल हाईवे नंबर तीन से होशियारपुर की ओर पैदल चला था। कहीं-कहीं उसको लिफ्ट मिल जाती, लेकिन काफी हद तक वह पैदल चलते हुए ही होशियारपुर पहुंचा। होशियारपुर से हिमाचल पहुंचना व हिमाचल का बॉर्डर पार करना मुश्किल काम था, लेकिन जब पुलिस का नाका आता तो वह खाई में उतर जाता व जंगल के रास्ते पहाड़ी क्रॉस करके वापस सड़क पर आ जाता था।
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इसी तरह जंगल और सड़क मार्ग से वह हिमाचल बॉर्डर क्रॉस कर गया। इसके बाद ऊना जिले के मुबारकपुर में नेशनल हाईवे 503 से होते हुए वह आगे बढ़ा। आखिरकार 3.30 घंटे के सफर को 14 घंटों में पूरा करके वह अपने गांव तक पहुंचने में कामयाब हो गया। जालंधर से 120 किमी दूर हिमाचल प्रदेश के दरंग गांव में जब सुदर्शन पहुंचा तो किसी ने पुलिस को सूचना दे दी कि गांव में कोई शहर से आया है। रविवार सुबह पुलिस उसके घर पहुंची व उसके टेस्ट करवाने के लिए ले गई।
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उसे उम्मीद थी कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन में ढील मिलेगी और वह अपने गांव जाकर बीवी-बच्चों से मिल पाएगा, लेकिन पंजाब में कर्फ्यू 3 मई तक बढ़ा दिया गया। इससे परेशान होकर सुदर्शन ने पैदल ही अपने गांव जाने की ठान ली। उसका यह कदम कानून के खिलाफ था, लेकिन उसे बस घर जाने की चाह थी। इसलिए 14 घंटे में 120 किलोमीटर का सफर तय कर वह घर पहुंच गया, लेकिन हिमाचल पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके अस्पताल में कोरोना टेस्ट के लिए भेज दिया।
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पुलिस ने जब उसके हिमाचल प्रदेश पहुंचने के बारे में पूछताछ की तो सुदर्शन ने बताया कि वह बुधवार 15 अप्रैल को नेशनल हाईवे नंबर तीन से होशियारपुर की ओर पैदल चला था। कहीं-कहीं उसको लिफ्ट मिल जाती, लेकिन काफी हद तक वह पैदल चलते हुए ही होशियारपुर पहुंचा। होशियारपुर से हिमाचल पहुंचना व हिमाचल का बॉर्डर पार करना मुश्किल काम था, लेकिन जब पुलिस का नाका आता तो वह खाई में उतर जाता व जंगल के रास्ते पहाड़ी क्रॉस करके वापस सड़क पर आ जाता था।
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इसी तरह जंगल और सड़क मार्ग से वह हिमाचल बॉर्डर क्रॉस कर गया। इसके बाद ऊना जिले के मुबारकपुर में नेशनल हाईवे 503 से होते हुए वह आगे बढ़ा। आखिरकार 3.30 घंटे के सफर को 14 घंटों में पूरा करके वह अपने गांव तक पहुंचने में कामयाब हो गया। जालंधर से 120 किमी दूर हिमाचल प्रदेश के दरंग गांव में जब सुदर्शन पहुंचा तो किसी ने पुलिस को सूचना दे दी कि गांव में कोई शहर से आया है। रविवार सुबह पुलिस उसके घर पहुंची व उसके टेस्ट करवाने के लिए ले गई।