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पंजाबः 40 दिन से नांदेड़ में फंसे श्रद्धालु के लिए रवाना हुईं बसें, 14 दिन घर में ही किए जाएंगे क्वारंटीन
Sat, 25 Apr 2020 04:48 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 25 Apr 2020 04:48 PM IST
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श्री हुजूर साहिब
- फोटो : फाइल फोटो
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लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर में फंसे सिख श्रद्धालु 40 दिन बाद आज घर लौट आएंगे, जिन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जाएगा। पंजाब सरकार ने श्रद्धालुओं को लाने के लिए कुछ बसें रवाना की हैं। महाराष्ट्र से भी बसों में श्रद्धालुओं को भेजा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 2500 से ज्यादा श्रद्धालु माथा टेकने श्री हुजूर साहिब गए हुए थे, लेकिन लॉकडाउन लगने से वहीं फंस गए। पिछले दिनों मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर इनके बारे में बताया था। जिसके बाद इन्हें लाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जैसे ही श्रद्धालु पहुंचेंगे, उनकी स्क्रीनिंग करके उन्हें उनके घरों में ही 14 दिन के क्वारंटीन कर दिया जाएगा। इस संबंध में सरकार ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए शनिवार को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) ने 32 एसी और वाल्वो बसों को रवाना किया। इनमें सात वाल्वो बसों को पटियाला के बस स्टैंड से कारपोरेशन के चेयरमैन केके शर्मा ने रवाना किया। इस मौके चेयरमैन ने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ से श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार से बातचीत करके यह प्रयास किया गया है।
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इन बसों में पीआरटीसी के पटियाला डिपो समेत चंडीगढ़, लुधियाना, संगरूर और बठिंडा डिपो की 32 बसें शामिल हैं, जिनमें 15 वाल्वो और 17 एसी बसें हैं। यह सारी बसें बठिंडा से आगे रवाना होंगी। चेयरमैन ने बताया कि इन बसों को पहले अंदर व बाहर से सैनिटाइज किया गया है और ड्राइवरों, कंडक्टरों समेत दो सब इंस्पेक्टरों अमनदीप सिंह व सुरिंदर सिंह तुली को भी अतिरिक्त मास्क, सैनिटाइजर व दस्ताने समेत दवाएं, खाने-पीने का सामान आदि लेकर निगरानी के लिए भेजा है।
सरकार ने इन बसों के खर्चे के तौर पर जरूरी राशि कॉरपोरेशन को भेज दी है। कहा कि पीआरटीसी के कर्मचारियों व अधिकारियों को अप्रैल की तनख्वाह मई के पहले या दूसरे सप्ताह में दे दी जाएगी।
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बताया जा रहा है कि 2500 से ज्यादा श्रद्धालु माथा टेकने श्री हुजूर साहिब गए हुए थे, लेकिन लॉकडाउन लगने से वहीं फंस गए। पिछले दिनों मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर इनके बारे में बताया था। जिसके बाद इन्हें लाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जैसे ही श्रद्धालु पहुंचेंगे, उनकी स्क्रीनिंग करके उन्हें उनके घरों में ही 14 दिन के क्वारंटीन कर दिया जाएगा। इस संबंध में सरकार ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
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श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए शनिवार को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) ने 32 एसी और वाल्वो बसों को रवाना किया। इनमें सात वाल्वो बसों को पटियाला के बस स्टैंड से कारपोरेशन के चेयरमैन केके शर्मा ने रवाना किया। इस मौके चेयरमैन ने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ से श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार से बातचीत करके यह प्रयास किया गया है।
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इन बसों में पीआरटीसी के पटियाला डिपो समेत चंडीगढ़, लुधियाना, संगरूर और बठिंडा डिपो की 32 बसें शामिल हैं, जिनमें 15 वाल्वो और 17 एसी बसें हैं। यह सारी बसें बठिंडा से आगे रवाना होंगी। चेयरमैन ने बताया कि इन बसों को पहले अंदर व बाहर से सैनिटाइज किया गया है और ड्राइवरों, कंडक्टरों समेत दो सब इंस्पेक्टरों अमनदीप सिंह व सुरिंदर सिंह तुली को भी अतिरिक्त मास्क, सैनिटाइजर व दस्ताने समेत दवाएं, खाने-पीने का सामान आदि लेकर निगरानी के लिए भेजा है।
सरकार ने इन बसों के खर्चे के तौर पर जरूरी राशि कॉरपोरेशन को भेज दी है। कहा कि पीआरटीसी के कर्मचारियों व अधिकारियों को अप्रैल की तनख्वाह मई के पहले या दूसरे सप्ताह में दे दी जाएगी।
बठिंडा से सिख संगत को लाने के लिए 80 बसें रवाना
लॉकडाउन के कारण हजूर साहिब में फंसी तीन हजार से अधिक सिख संगत को पंजाब लाने के लिए शनिवार को सूबा सरकार की तरफ से पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी की 80 एसी बसें बठिंडा से रवाना की गई। इस मौके पर पीआरटीसी के अधिकारी जसविंदर सिंह चाहल और संजीव कुमार ने बताया कि सरकार के आदेशों पर उक्त बसों को हजूर साहिब से संगत को पंजाब लाने के लिए भेजा गया है। इन बसों में खाने पीने का पूरा प्रबंध है। बसों में पुलिस कर्मी भी तैनात किए गए हैं। बस चालकों और सिख संगत को अगर कोई परेशानी आती है तो उसके लिए वित्त मंत्री का नंबर बसों के साथ जाने वाले अधिकारियों को दिया गया है।