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कोरोना वायरस: लाइफ सेवर उपकरणों का भंडार जुटा रही पंजाब सरकार, मेडिकल मशीनें भी खरीदी
Mon, 30 Mar 2020 04:44 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 30 Mar 2020 04:44 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब सरकार ने कोविड -19 यानी कोरोना वायरस के कारण किसी भी दुखद स्थिति से निपटने के उपाय तेज कर दिए हैं। इसके तहत जीवन बचाने वाले (लाइफ सेवर) उपकरणों जैसे मास्क, दस्तानों, वेंटिलेटरों, पीपीई किटों आदि की भारी मात्रा में खरीद और भंडारण के लिए काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि राज्य सरकार का दावा है कि इन वस्तुओं का बड़ी मात्रा में भंडार पहले ही सरकार के पास मौजूद है, लेकिन अगले कुछ दिनों में और अधिक मात्रा में यह वस्तुएं सरकार के भंडार में आ जाएंगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन के मुताबिक 31 मार्च तक राज्य में 25000 एन-95 मास्क मौजूद होंगे, जबकि 52500 मास्क और एक लाख नाईटरियल दस्ताने पहले ही उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि 26,32,000 ट्रिपल लेयर मास्क तैयार करने का काम आखिरी दौर में है, जबकि पहली अप्रैल तक 12,000 और ऐसे मास्क खरीद कर भंडार में शामिल कर लिए जाएंगे। महाजन ने कहा कि जहां तक इस स्थिति में बेहद जरूरी ‘पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट’(पीपीई) किटों की बात है, सरकार ने कुल 1 लाख किटें तैयार करवाने के आदेश दिए थे, जिनमें से 7640 पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।
बाकी रहती किटें भी जल्द लेने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के पास और महत्वपूर्ण वस्तुओं का भी पूरा भंडार है, जिनमें 10425 हैंड सैनिटाईजर्स और 17000 वीटीएम किटें उपलब्ध हैं और 2000 सैनिटाईजर्स और 10000 वीटीएम किट आ रही हैं, जो पहली अप्रैल तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने आगे बताया कि सरकार अति जरूरी वेंटिलेटर खरीद रही है, ताकि गंभीर मरीजों को राहत दी जा सके।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन के मुताबिक 31 मार्च तक राज्य में 25000 एन-95 मास्क मौजूद होंगे, जबकि 52500 मास्क और एक लाख नाईटरियल दस्ताने पहले ही उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि 26,32,000 ट्रिपल लेयर मास्क तैयार करने का काम आखिरी दौर में है, जबकि पहली अप्रैल तक 12,000 और ऐसे मास्क खरीद कर भंडार में शामिल कर लिए जाएंगे। महाजन ने कहा कि जहां तक इस स्थिति में बेहद जरूरी ‘पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट’(पीपीई) किटों की बात है, सरकार ने कुल 1 लाख किटें तैयार करवाने के आदेश दिए थे, जिनमें से 7640 पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।
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बाकी रहती किटें भी जल्द लेने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के पास और महत्वपूर्ण वस्तुओं का भी पूरा भंडार है, जिनमें 10425 हैंड सैनिटाईजर्स और 17000 वीटीएम किटें उपलब्ध हैं और 2000 सैनिटाईजर्स और 10000 वीटीएम किट आ रही हैं, जो पहली अप्रैल तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने आगे बताया कि सरकार अति जरूरी वेंटिलेटर खरीद रही है, ताकि गंभीर मरीजों को राहत दी जा सके।
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मेडिकल संबंधी बड़ी मशीनें भी खरीद रही सरकार
सरकार द्वारा कोरोना वायरस संकट का मुकाबला करने के लिए खऱीदी जा रही और सामग्री में आटोमेटिड मिड -हाई न्यूक्लिक एसिड प्योरिफिकेशन मशीनें, बड़ी मात्रा में एजीथरोमाइसिन और हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन गोलियों के साथ-साथ लैरीनगोसकोपस -पिडियाट्रिक और एंबु बैग्स, पोर्टेबल एक्सरे मशीनें और एबीजी एल्ट्रोलाइट एनालाइजर्स सहित अन्य शामिल हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव के अनुसार इसके अलावा युरिन ऐनेलाइजर्स और पूरी तरह से स्वचालित बायोकेमिस्ट्री अनालाइजर्स पहले ही राज्य के पास उपलब्ध हैं।
तीनों सरकारी मेडिकल कालेजों में यह है उपलब्धता
विनी महाजन ने बताया कि अमृतसर के सरकारी मेडिकल कालेज के पास 1,06,000 टीएलएम्स, 45000 एजीथरोमाईसिन गोलियों के अलावा 30000 दस्ताने, 4510 एन-95 मास्क और 1200 पीपीई और वीटीएम किटें उपलब्ध हैं। इसी तरह सरकारी मेडीकल कालेज पटियाला के पास 121500 टीएलएम्स, 30000 दस्ताने, 3100 एन-95 मास्क और 800 सैनिटाइजर्स मौजूद हैं।
सरकारी मेडिकल कालेज फरीदकोट को 100000 टीएलएम्स, 30000 दस्तानों के अलावा 1800 एन-95 मास्क, 1200 वीटीएम और 800 सैनिटाइजर्स मिले हैं। इसके अलावा एआरवी की 8000 गोलियां (रीटनोविर और लिपोनोविर) भी इन तीनों ही मेडिकल इकाइयों को मुहैया करवाई गई हैं। महाजन के अनुसार, 36000 टीएलएम और 5000 एजिथरोमाइसिन गोलियों के अलावा एमएस ज्ञान सागर अस्पताल को 280 एन-95 मास्क और 210 वीटीएम किटें प्रदान की गई हैं।
तीनों सरकारी मेडिकल कालेजों में यह है उपलब्धता
विनी महाजन ने बताया कि अमृतसर के सरकारी मेडिकल कालेज के पास 1,06,000 टीएलएम्स, 45000 एजीथरोमाईसिन गोलियों के अलावा 30000 दस्ताने, 4510 एन-95 मास्क और 1200 पीपीई और वीटीएम किटें उपलब्ध हैं। इसी तरह सरकारी मेडीकल कालेज पटियाला के पास 121500 टीएलएम्स, 30000 दस्ताने, 3100 एन-95 मास्क और 800 सैनिटाइजर्स मौजूद हैं।
सरकारी मेडिकल कालेज फरीदकोट को 100000 टीएलएम्स, 30000 दस्तानों के अलावा 1800 एन-95 मास्क, 1200 वीटीएम और 800 सैनिटाइजर्स मिले हैं। इसके अलावा एआरवी की 8000 गोलियां (रीटनोविर और लिपोनोविर) भी इन तीनों ही मेडिकल इकाइयों को मुहैया करवाई गई हैं। महाजन के अनुसार, 36000 टीएलएम और 5000 एजिथरोमाइसिन गोलियों के अलावा एमएस ज्ञान सागर अस्पताल को 280 एन-95 मास्क और 210 वीटीएम किटें प्रदान की गई हैं।
मेड इन पंजाब मेडिकल उपकरणों की तैयारी
उन्होंने कहा कि बाहरी विक्रेताओं पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार ने स्थानीय निर्माताओं की हिमायत की है और उनके द्वारा तैयार नमूने इस समय जांच अधीन हैं। महाजन ने कहा कि केंद्र सरकार ने जेसीटी मिल से 10 लाख देसी हैजमत आर्मर सूट मंगवाए हैं। लॉकडाउन में पंजाब पुलिस ने सैंपल लेकर दिल्ली भेजे, जहां से उन्हें विशेष उड़ान से कोयंबटूर की केंद्रीय जांच प्रयोगशाला ले जाया गया है।
महाजन ने बताया कि पंजाब की इकाइयों द्वारा पीपीई और एन-95 मास्क के नमूने तैयार किये गए हैं, जिन्हें टेस्ट के लिए कोयंबटूर और ग्वालियर के लिए भेजे गए हैं। जबकि दो स्थानीय उद्यमियों की तरफ से वेंटिलेटर बनाने का प्रस्ताव आया है। उन्होंने कहा कि राज्य लगातार स्वास्थ्य मंत्रालय और ओर केंद्रीय मंत्रालयों के साथ विचार -विमर्श कर रहा है ताकि मेड इन पंजाब वेंटिलेटर बनाने के लिए उद्यमियों और फास्ट ट्रैक को मंजूरी मिल सके।
महाजन ने बताया कि पंजाब की इकाइयों द्वारा पीपीई और एन-95 मास्क के नमूने तैयार किये गए हैं, जिन्हें टेस्ट के लिए कोयंबटूर और ग्वालियर के लिए भेजे गए हैं। जबकि दो स्थानीय उद्यमियों की तरफ से वेंटिलेटर बनाने का प्रस्ताव आया है। उन्होंने कहा कि राज्य लगातार स्वास्थ्य मंत्रालय और ओर केंद्रीय मंत्रालयों के साथ विचार -विमर्श कर रहा है ताकि मेड इन पंजाब वेंटिलेटर बनाने के लिए उद्यमियों और फास्ट ट्रैक को मंजूरी मिल सके।