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कोरोना और चंडीगढ़ः प्रधानमंत्री मोदी की अपील बेअसर, कंपनियां कर्मचारियों को कर रही हैं परेशान
Sat, 28 Mar 2020 12:48 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 28 Mar 2020 12:48 PM IST
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PM Narendra Modi
- फोटो : ANI
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कोरोना वायरस धीरे-धीरे पूरे देश में अपने पैर पसार रहा है। इस संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। तमाम शिक्षण संस्थान, सिनेमा हॉल, जिम, शॉपिंग मॉल्स आदि बंद हैं, ताकि लोग घर पर रहें और कोरोना से बच सकें। प्रधानमंत्री ने भी कंपनियों के मालिकों से यह अनुरोध किया था वह अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दें, लेकिन चंडीगढ़ की कुछ नामी कंपनियां पीएम की इस अपील को दरकिनार कर रही हैं।
शहर की कुछ नामी कंपनियां अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति नहीं दे रही हैं। कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है कि 21 दिन के लॉकडाउन पीरियड को वह छुट्टी के तौर पर बिताएं। इससे कंपनियों को उन्हें तनख्वाह नहीं देना पड़ेगा। शहर के की एक नामी कंपनी में कार्यरत कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि करीब 100 कर्मचारी कर्फ्यू की वजह से दफ्तर नहीं जा पा रहे हैं।
इस वजह से कंपनी उन्हें वर्क फ्रॉम होम देने की बजाय छुट्टी अप्लाई करने का दबाव बना रही है। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें। कर्मचारी का कहना है कि चंडीगढ़ जैसे शहर में एक महीने बिना तनख्वाह के गुजारना काफी मुश्किल है। हालांकि, ऐसी कुछ अन्य कंपनियां भी हैं, जो कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही हैं। एक तरफ देश के बड़े उद्योगपति कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से बचने के लिए कर्मचारियों को बढ़ाकर तनख्वाह देने की बात कर रहे हैं तो दूसरी ओर कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं, जो कर्मचारियों को मानसिक तौर पर परेशान कर रही हैं।
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गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में अधिकतर कंपनियों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई कंपनियों ने कर्मचारियों के वेतन में कटौती शुरू कर दी है तो कई कंपनियों में छंटनी की तैयारी चल रही है। हालांकि, इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने व्यापार जगत से अपील की थी कि यदि उनके कर्मचारी आने वाले कुछ समय में काम पर न आ पाएं तो उनके वेतन में कटौती न की जाए। उन्होंने सभी से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की थी, लेकिन चंडीगढ़ की कुछ कंपनियों पर इस अपील का असर होता नहीं दिखाई दे रहा है।
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शहर की कुछ नामी कंपनियां अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति नहीं दे रही हैं। कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है कि 21 दिन के लॉकडाउन पीरियड को वह छुट्टी के तौर पर बिताएं। इससे कंपनियों को उन्हें तनख्वाह नहीं देना पड़ेगा। शहर के की एक नामी कंपनी में कार्यरत कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि करीब 100 कर्मचारी कर्फ्यू की वजह से दफ्तर नहीं जा पा रहे हैं।
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इस वजह से कंपनी उन्हें वर्क फ्रॉम होम देने की बजाय छुट्टी अप्लाई करने का दबाव बना रही है। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें। कर्मचारी का कहना है कि चंडीगढ़ जैसे शहर में एक महीने बिना तनख्वाह के गुजारना काफी मुश्किल है। हालांकि, ऐसी कुछ अन्य कंपनियां भी हैं, जो कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही हैं। एक तरफ देश के बड़े उद्योगपति कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से बचने के लिए कर्मचारियों को बढ़ाकर तनख्वाह देने की बात कर रहे हैं तो दूसरी ओर कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं, जो कर्मचारियों को मानसिक तौर पर परेशान कर रही हैं।
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गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में अधिकतर कंपनियों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई कंपनियों ने कर्मचारियों के वेतन में कटौती शुरू कर दी है तो कई कंपनियों में छंटनी की तैयारी चल रही है। हालांकि, इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने व्यापार जगत से अपील की थी कि यदि उनके कर्मचारी आने वाले कुछ समय में काम पर न आ पाएं तो उनके वेतन में कटौती न की जाए। उन्होंने सभी से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की थी, लेकिन चंडीगढ़ की कुछ कंपनियों पर इस अपील का असर होता नहीं दिखाई दे रहा है।