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लगातार मोबाइल देखने से बच्चों में भैंगापन व रोशनी कम होने का खतरा, 5 सवाल डॉक्टरों का जवाब
Sat, 11 Apr 2020 12:04 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 11 Apr 2020 12:04 PM IST
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लॉकडाउन में मरीजों को आ रही परेशानियों को देखते हुए शहर के वरिष्ठ डाक्टरों ने अमर उजाला के माध्यम ने ‘हेलो डॉक्टर’ नाम की एक मुहिम शुरू की है। इस मुहिम के तहत हर दिन एक एक्सपर्ट मरीजों के सवालों के जवाब देंगे। एक्सपर्ट की जानकारी एक दिन पहले अखबार में प्रकाशित की जाएगी, ताकि एक्सपर्ट से संबंधित सवाल पूछे जाएं। वीरवार को बच्चों के विशेषज्ञ सेक्टर 33 स्थित लैंडमार्क हॉस्पिटल के डॉक्टर संजीव सिंगला ने पाठकों के सवालों के जवाब दिए।
सवाल: मेरी बेटी दो साल चार महीने की है, लेकिन वह अभी बाथरूम के बारे में नहीं बता पाती है। इसका क्या कारण है।
- गुरजीत कौर, खरड़
जवाब: इतनी उम्र का बच्चा टायलेट ट्रेनिंग के लिए तैयार नहीं होता। कम से कम सात से आठ महीने का इंतजार करना चाहिए। जिन बच्चों को जल्दी टायलेट ट्रेनिंग दी जाती है, उनमें से कई बच्चों को आगे चलकर कब्ज व दूसरी बिहेवियर प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है।
सवाल: मेरा एक महीने का बच्चा है, जिसे कभी-कभी खांसी आती है। एंटीबायोटिक दे चुके हैं। आयुर्वेद कफ सीरप भी दिया, लेकिन आराम नहीं आया।
- सुनील, गुलमोहर कांप्लेक्स खरड़
जवाब: इतनी कम्र के नवजात में खांसी आना सामान्य बात है। एंटीबायोटिक व आयुर्वेदिक सीरप नहीं देना चाहिए। खांसी से सांस लेने में दिक्कत आती है, शरीर का रंग नीला पड़ता है या बुखार है तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
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सवाल: मेरी बेटी दो साल चार महीने की है, लेकिन वह अभी बाथरूम के बारे में नहीं बता पाती है। इसका क्या कारण है।
- गुरजीत कौर, खरड़
जवाब: इतनी उम्र का बच्चा टायलेट ट्रेनिंग के लिए तैयार नहीं होता। कम से कम सात से आठ महीने का इंतजार करना चाहिए। जिन बच्चों को जल्दी टायलेट ट्रेनिंग दी जाती है, उनमें से कई बच्चों को आगे चलकर कब्ज व दूसरी बिहेवियर प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है।
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सवाल: मेरा एक महीने का बच्चा है, जिसे कभी-कभी खांसी आती है। एंटीबायोटिक दे चुके हैं। आयुर्वेद कफ सीरप भी दिया, लेकिन आराम नहीं आया।
- सुनील, गुलमोहर कांप्लेक्स खरड़
जवाब: इतनी कम्र के नवजात में खांसी आना सामान्य बात है। एंटीबायोटिक व आयुर्वेदिक सीरप नहीं देना चाहिए। खांसी से सांस लेने में दिक्कत आती है, शरीर का रंग नीला पड़ता है या बुखार है तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
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सवाल: मेरा बेटा ढाई साल का है। वह खाना नहीं खाता है। शीशी से दूध पीता है। फल और जूस पी लेता है। खाना खिलाने के लिए क्या उपाय किया जाए।
- राजपाल, चंडीगढ़
जवाब: 24 घंटे में तीन से चार बार से ज्यादा दूध नहीं देना चाहिए। दूध पीने से उसका पेट भर जाता है, इसलिए खाना नहीं खाता। बच्चों को खाना खिलाने पर जोर देना चाहिए। घर पर 15 से 20 चीजें अलग-अलग दिन बनाएं। उसे खिलाएं। उनमें से बच्चे को तीन से चार डिश जरूर पसंद आएंगी और फिर उसी बनाकर खिलाते रहें।
सवाल: मेरी बेटी चार साल की है, लेकिन उसे मोबाइल पर वीडियो देखने की लत पड़ गई है। इसका कोई उपाय बताएं।
- सुनीता, पंचकूला
जवाब: बच्चों के लिए मोबाइल देखना अब खतरनाक साबित हो रहा है। ऐसी कई स्टडी आ चुकी है कि जो बताती है कि मोबाइल, टीवी व लैपटॉप की स्क्रीन ज्यादा देखने से आंखों में भैंगापन और रोशनी कम जाती है। इसके लिए बच्चों के साथ ज्यादा वक्त बिताएं। उनके साथ खेलें। उन्हें अपने साथ इंगेज करें। इससे बच्चे मोबाइल से दूर रहेंगे। साथ ही पेरेंट्स को भी चाहिए कि वे मोबाइल का कम से कम इस्तेमाल करें। बच्चों के सामने तो बिल्कुल नहीं।
सवाल: मेरी बेटी दो साल की है। कोरोना से बचाव के लिए क्या करें। मैं उसे बाहर नहीं ले जाती हूं। खाने-पीने की खास सलाह।
- माही, चंडीगढ़
जवाब: दो साल के बच्चों में कोरोना के लक्षण दिखते नहीं हैं, लेकिन साफ-सफाई और कोरोना से संबंधित मूल नियमों को जरूर फालो करें। यह ध्यान देने वाली बात यह है कि बच्चों से कोरोना बुजुर्गों में फैल सकता है। क्योंकि बच्चों में तो लक्षण नजर नहीं आते हैं और वे बुजुर्गों के साथ ज्यादा रहते हैं। ऐसे में एहतियात ज्यादा बरतने की है।
आज यह हैं हमारे एक्सपर्ट
जीरकपुर स्थित दी स्किन साल्यूशन की स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. आभा भटनागर हैं। आप डॉ. आभा से स्किन से संबंधित सवाल पूछ सकते हैं। सिर्फ उन्हीं सवालों को शामिल किया जाएगा, जो शाम चार बजे तक आएंगे। आप अपने सवाल ई-मेल chd-cityreporter@chd.amarujala.com पर मेल या 8054009839 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं। सवाल के साथ नाम, उम्र, जगह के बारे में जरूर बताएं।
- राजपाल, चंडीगढ़
जवाब: 24 घंटे में तीन से चार बार से ज्यादा दूध नहीं देना चाहिए। दूध पीने से उसका पेट भर जाता है, इसलिए खाना नहीं खाता। बच्चों को खाना खिलाने पर जोर देना चाहिए। घर पर 15 से 20 चीजें अलग-अलग दिन बनाएं। उसे खिलाएं। उनमें से बच्चे को तीन से चार डिश जरूर पसंद आएंगी और फिर उसी बनाकर खिलाते रहें।
सवाल: मेरी बेटी चार साल की है, लेकिन उसे मोबाइल पर वीडियो देखने की लत पड़ गई है। इसका कोई उपाय बताएं।
- सुनीता, पंचकूला
जवाब: बच्चों के लिए मोबाइल देखना अब खतरनाक साबित हो रहा है। ऐसी कई स्टडी आ चुकी है कि जो बताती है कि मोबाइल, टीवी व लैपटॉप की स्क्रीन ज्यादा देखने से आंखों में भैंगापन और रोशनी कम जाती है। इसके लिए बच्चों के साथ ज्यादा वक्त बिताएं। उनके साथ खेलें। उन्हें अपने साथ इंगेज करें। इससे बच्चे मोबाइल से दूर रहेंगे। साथ ही पेरेंट्स को भी चाहिए कि वे मोबाइल का कम से कम इस्तेमाल करें। बच्चों के सामने तो बिल्कुल नहीं।
सवाल: मेरी बेटी दो साल की है। कोरोना से बचाव के लिए क्या करें। मैं उसे बाहर नहीं ले जाती हूं। खाने-पीने की खास सलाह।
- माही, चंडीगढ़
जवाब: दो साल के बच्चों में कोरोना के लक्षण दिखते नहीं हैं, लेकिन साफ-सफाई और कोरोना से संबंधित मूल नियमों को जरूर फालो करें। यह ध्यान देने वाली बात यह है कि बच्चों से कोरोना बुजुर्गों में फैल सकता है। क्योंकि बच्चों में तो लक्षण नजर नहीं आते हैं और वे बुजुर्गों के साथ ज्यादा रहते हैं। ऐसे में एहतियात ज्यादा बरतने की है।
आज यह हैं हमारे एक्सपर्ट
जीरकपुर स्थित दी स्किन साल्यूशन की स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. आभा भटनागर हैं। आप डॉ. आभा से स्किन से संबंधित सवाल पूछ सकते हैं। सिर्फ उन्हीं सवालों को शामिल किया जाएगा, जो शाम चार बजे तक आएंगे। आप अपने सवाल ई-मेल chd-cityreporter@chd.amarujala.com पर मेल या 8054009839 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं। सवाल के साथ नाम, उम्र, जगह के बारे में जरूर बताएं।