हरियाणाः 20 मई तक घोषित किया जाएगा 10वीं का रिजल्ट, लॉकडाउन के बाद छुट्टियों में होगी कटौती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा सरकार लॉकडाउन खुलने के बाद सिलेबस पूरा करने के लिए स्कूलों की छुट्टियों में कटौती करेगी। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने इसके संकेत दिए हैं। अगर पहली जून से स्कूल शुरू हुए तो गर्मी व सर्दी की 15-15 दिन की छुट्टियां नहीं होंगी। जुलाई से स्कूल लगने की स्थिति में एक घंटे अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी।
शिक्षा मंत्री ने कंवर पाल ने कहा कि 1 साल में 234 पीरियड लगते हैं। गर्मी, सर्दी की छुट्टियां खत्म करने के साथ ही महीने के दूसरे शनिवार की भी छुट्टी नहीं होगी। इन छुट्टियों को रद्द कर लॉकडाउन के दिनों की भरपाई की जाएगी। सिलेबस को कवर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने पूरा प्लान बनाया हुआ है। यूजीसी की तरफ से भी गाइडलाइन आई हैं कि सिलेबस में 30 प्रतिशत छूट मिले और 50 अंक का पेपर हो। उन्होंने कहा कि औसत के आधार पर 20 तारीख तक दसवीं का रिजल्ट शिक्षा बोर्ड घोषित करेगा।
11वीं में विद्यार्थी प्रोविजनल दाखिला ले सकते हैं। शिक्षा बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट पर अभी कोई विचार नहीं किया है। उत्तर पुस्तिकाओं की मार्किंग चल रही है लेकिन रिजल्ट आउट करने को लेकर अभी सहमति नहीं बनी है। केंद्रीय मंत्री के सामने भी यह मुद्दा रखा है। कॉलेज और यूनिवर्सिटी के एग्जाम पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
सक्षम अभिभावक फीस देकर करें स्कूलों का सहयोग
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि प्राइवेट स्कूल स्टाफ को सैलरी दे रहे हैं। समाज को भी इसमें सहयोग करना चाहिए ताकि स्कूलों की भी व्यवस्था ठीक रहे। सक्षम अभिभावकों से निवेदन है कि वे फीस दें। फीस माफी का सरकार का कोई निर्णय नहीं है। एक महीने की ट्यूशन फीस स्कूल ले सकते हैं। स्कूलों की बसें नहीं चली तो ट्रांसपोर्ट फीस नहीं ले सकते।
फिलहाल स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान खोलने का कोई विचार नहीं
शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा कि जब तक एक्सपर्ट नहीं कहेंगे, तब तक स्कूल, कॉलेज व शिक्षण संस्थान नहीं खोले जाएंगे। शिक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो सकता। एजुसेट, टीवी, केबल और ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को पढ़ाई करवाई जा रही है। सरकार की तरफ से भी हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। बच्चों का सिलेबस कवर कराने की कोशिश की जा रही है। एजुसेट के माध्यम से 1 महीने का पाठ्यक्रम बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। प्राइवेट स्कूल ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ाई करा रहे हैं।