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Corona Commandos: फर्ज निभाते हुए बच्चों को समय नहीं दे पा रहे मां-बाप...जज्बे को सलाम
Wed, 22 Apr 2020 02:07 PM IST
खुशबू गोयल
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 22 Apr 2020 02:07 PM IST
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कोरोना कमांडो दंपती
- फोटो : फाइल फोटो
...पहले से मम्मा और पापा बिल्कुल बदल गए हैं, अब रोज मुझे और भाई को दादा-दादी के पास छोड़ जाते हैं। ऐसा कब तक चलता रहेगा मुझे अब कोई प्यार भी नहीं करता है...। यह कहना था छह साल के मासूम लव्य का। उसकी मम्मी अस्पताल में मरीजों का टेस्ट और पापा फायर ब्रिगेड में रहकर शहर को सैनिटाइज कर लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने में जुटे हुए हैं। ऐसे कोरोना कमांडो दंपती को सलाम जो ड्यूटी का फर्ज निभाते हुए अपने दोनों बच्चों को समय भी नहीं दे पा रहे हैं।
मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित गांव दौलतपुर के रहने वाले दिनेश कुमार (37) सेक्टर-11 फायर स्टेशन में तैनात हैं। वह सेक्टर-40 में पत्नी अंबिका (32), बेटा लव्य (6) और रिधान (1) के साथ रहते हैं। अंबिका मोहाली फेज 6 के सरकारी अस्पताल में रेडियोलोजी डिपार्टमेंट में तैनात हैं, वह कोरोना संदिग्ध समेत अन्य मरीजों की लगातार टेस्ट करने में जुटी हुई हैं। दिनेश कुमार की शहर के अलग-अलग हिस्सों को सैनिटाइज करने की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में पति-पत्नी ड्यूटी कर अपना फर्ज निभाने में जुटे हैं।
बच्चों ने बनाई दूरी
दिनेश कुमार ने बताया कि समय-समय पर ड्यूटी रोटेशन में लगती रहती है। कई बार पत्नी अंबिका और वह खुद ड्यूटी पर होते हैं। ऐसे में छोटे बेटे रिधान को काफी दिक्कत सहनी पड़ती हैं वह मम्मी को देखे बिना हरदम रोता रहता है। बड़ा बेटा लव्य समझदारी के चलते छोटे भाई से खेलता रहता है। दोनों को दादा-दादी के पास छोड़कर ड्यूटी पर जाना होता है। अब हाल यह हो गया है कि दोनों ही बच्चे मम्मी-पापा से दूरी बनाकर रखने लगे हैं।
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मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित गांव दौलतपुर के रहने वाले दिनेश कुमार (37) सेक्टर-11 फायर स्टेशन में तैनात हैं। वह सेक्टर-40 में पत्नी अंबिका (32), बेटा लव्य (6) और रिधान (1) के साथ रहते हैं। अंबिका मोहाली फेज 6 के सरकारी अस्पताल में रेडियोलोजी डिपार्टमेंट में तैनात हैं, वह कोरोना संदिग्ध समेत अन्य मरीजों की लगातार टेस्ट करने में जुटी हुई हैं। दिनेश कुमार की शहर के अलग-अलग हिस्सों को सैनिटाइज करने की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में पति-पत्नी ड्यूटी कर अपना फर्ज निभाने में जुटे हैं।
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बच्चों ने बनाई दूरी
दिनेश कुमार ने बताया कि समय-समय पर ड्यूटी रोटेशन में लगती रहती है। कई बार पत्नी अंबिका और वह खुद ड्यूटी पर होते हैं। ऐसे में छोटे बेटे रिधान को काफी दिक्कत सहनी पड़ती हैं वह मम्मी को देखे बिना हरदम रोता रहता है। बड़ा बेटा लव्य समझदारी के चलते छोटे भाई से खेलता रहता है। दोनों को दादा-दादी के पास छोड़कर ड्यूटी पर जाना होता है। अब हाल यह हो गया है कि दोनों ही बच्चे मम्मी-पापा से दूरी बनाकर रखने लगे हैं।
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इन सेक्टरों को सैनिटाइज करने का जिम्मा
कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के बचाव को लेकर फायर डिपार्टमेंट भी काफी अलर्ट है। इसके चलते कई टीमों का गठन किया गया है। इसमें दिनेश कुमार को सेक्टर 1, 2, 3, 4, 5, 7, 8, 9, कॉलोनी नंबर-4, बापूधाम, संजय कॉलोनी, ग्रेन मार्केट और पुलिस लाइन को सैनिटाइज करने का जिम्मा सौंपा गया है। रोटेशन के आधार पर ड्यूटी बदलती रहती है।
कर्फ्यू के बाद बच्चों को गले तक नहीं लगाया
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। ऐसे में पत्नी अंबिका और खुद दिनेश रोजाना ड्यूटी पर जा रहे हैं। इस दौरान कई लोगों से संपर्क भी होता है। ऐसे में सतर्कता बरतते हुए दोनों ने कर्फ्यू के बाद से बच्चों को गले तक नहीं लगाया है। इससे बच्चों को यह लगता है कि मम्मी-पापा अब उनसे प्यार नहीं करते हैं।
जरूरत पड़ने पर बढ़ती रहती है ड्यूटी
दिनेश कुमार की ड्यूटभ् शहरों में सैनिटाइज की के अलावा फायर कंट्रोल पर भी होती है। ऐसे में कई बार ड्यूटी का समय बढ़ा दिया जाता है। घर आते ही बड़ा बेटा लव्य बिना सैनिटाइज के अंदर नहीं आने देता है। बोलता है कि पापा हाथों को सैनिटाइज करके ही घर में एंट्री करनी है।
कर्फ्यू के बाद बच्चों को गले तक नहीं लगाया
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। ऐसे में पत्नी अंबिका और खुद दिनेश रोजाना ड्यूटी पर जा रहे हैं। इस दौरान कई लोगों से संपर्क भी होता है। ऐसे में सतर्कता बरतते हुए दोनों ने कर्फ्यू के बाद से बच्चों को गले तक नहीं लगाया है। इससे बच्चों को यह लगता है कि मम्मी-पापा अब उनसे प्यार नहीं करते हैं।
जरूरत पड़ने पर बढ़ती रहती है ड्यूटी
दिनेश कुमार की ड्यूटभ् शहरों में सैनिटाइज की के अलावा फायर कंट्रोल पर भी होती है। ऐसे में कई बार ड्यूटी का समय बढ़ा दिया जाता है। घर आते ही बड़ा बेटा लव्य बिना सैनिटाइज के अंदर नहीं आने देता है। बोलता है कि पापा हाथों को सैनिटाइज करके ही घर में एंट्री करनी है।