कोरोना का असर: हरियाणा में अबकी औसतन आएगा बिजली बिल, अगली बार एडजस्ट होगा
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हरियाणा में इस इस बार बिजली का औसतन बिल आएगा। लॉकडाउन की वजह से इस बार मीटर रीडिंग लेने मीटर रीडर घर-घर नहीं पहुंचेंगे। लॉकडाउन खुलने के बाद जब घरों के मीटर से रीडिंग ली जाएगी। उसके बाद इस बिल को एडजस्ट करके भेजा जाएगा। बिजली वितरण कंपनियां इस संदर्भ में मैसेज के जरिये बिजली उपभोक्ताओं को सूचना भेज रही हैं।
उधर, हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के चेयरमैन डीएस ढेसी की स्वीकृति के बाद बिजली बिलों की अदायगी की तिथि बगैर सरचार्ज के एक माह बढ़ाई गई है। बिजली वितरण कंपनियों ने इस संदर्भ में एक प्रस्ताव एचईआरसी चेयरमैन डीएस ढेसी के समक्ष पेश किया था। जिस पर आयोग ने तुरंत स्वीकृति दे दी है। ढेसी ने बिजली उपभोक्ताओं से सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की।
प्रवक्ता ने बताया कि महामारी और सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए बिल औसत आधार पर तैयार किए जा रहे हैं। अगला बिल वास्तविक खपत पर जाएगा। बीच में भुगतान अगले बिल में समायोजित किया जाएगा। उधर, बिजली वितरण निगमों- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन)ने अपने बिजली उपभोक्ताओं को कई राहत देने का निर्णय लिया है।
सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं के बिलों की अदायगी बगैर सरचार्ज के एक माह तक बढ़ा दी है। इसके अलावा एचटी, एलटी(गैर घरेलू) तथा औद्यौगिक श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं के फिक्स चार्ज माफ करने की भी घोषणा की है। लॉकडाउन में (25 मार्च से 14 अप्रैल तक) उनकी अदायगी की तिथि बगैर किसी सरचार्ज व ब्याज के एक माह तक बढ़ा दी गई है।
इसके अलावा एचटी, एलटी (गैर घरेलू) और औद्यौगिक श्रेणी के बिजली उपभोक्ता जिनका बिजली का लोड 20 किलोवाट या इससे अधिक है, इन सभी बिजली उपभोक्ताओं का मार्च और अप्रैल माह का फिक्स चार्ज माफ कर दिया गया है। लेकिन फिक्स चार्ज माफ करने की अधिकतम सीमा 10 हजार रुपये प्रति माह है और इन श्रेणी के बिजली उपभोक्ता की प्रतिमाह औसतन बिजली की खपत 50 प्रतिशत या जनवरी और फरवरी माह की उसकी औसतन बिजली खपत से कम है।