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घोर लापरवाही: केरल से लौटे स्वास्थ्यकर्मी को बिना जांच पीजीआई ने कराया ज्वॉइन... बाद में हुआ संक्रमित

Wed, 22 Apr 2020 01:26 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 22 Apr 2020 01:26 AM IST
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Coronavirus in Chandigarh News in Hindi: PGI Chandigarh, Coronavirus updates, Corona in Nayagaon
पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

कोरोना को लेकर पीजीआई में लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस समय देश का पहला मरीज केरल में सामने आया था, उस समय वहां से लौटे सेक्टर-38 बी निवासी एक स्टाफ को पीजीआई ने बिना जांच के ही ड्यूटी ज्वॉइन करा दी थी। इतना ही नहीं उस स्टाफ के ज्वॉइन करने के बाद उसे कोरोना के मरीजों के बीच ड्यूटी करने भी भेज दिया। 

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नतीजतन वह स्टाफ ड्यूटी के दौरान पॉजिटिव आया। उसे पीजीआई के कोरोना वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज किया गया। दो बार रिपीट टेस्ट निगेटिव आने के बाद उस स्टाफ को पीजीआई से छुट्टी देने के बाद होम क्वारंटीन कर दिया गया है। इस पूरे मामले में यह बात अब भी पीजीआई स्टाफ और वहां काम करने वालों के बीच बातचीत का विषय है कि केरल से लौटा स्टाफ पीजीआई में कोरोना पॉजिटिव हुआ या उससे अन्य लोग पॉजिटिव हुए।     
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‘जब तक पीपीई किट मिली शायद मैं संक्रमित हो गया था’ 
पीजीआई के केरल से लौटे उस स्टाफ ने बताया कि जब उसने ड्यूटी ज्वॉइन की तो उसकी ड्यूटी इमरजेंसी 22 में लगाई गई थी। 25 मार्च को नयागांव का एक मरीज वहां गंभीर स्थिति में आया। उसे बिना टेस्ट किए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया गया। मरीज मेरी ही देखरेख में था इसलिए मैं कई घंटे उसके संपर्क में रहा। उस दौरान हमारे पास पीपीई किट और मास्क भी नहीं था। 25 मार्च की शाम को वार्ड में किट की आपूर्ति हुई। शायद तब तक मैं संक्रमित हो चुका था।   
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नयागांव वाले मरीज के वार्ड में हुई दो मौतें  
पीजीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बद्दी निवासी जिन दो मरीजों की इलाज के दौरान मौत हुई थी वह दोनों इमरजेंसी 22 में उस नयागांव वाले मरीज के साथ ही भर्ती थे। उन दो मरीजों की मौत के बाद पीजीआई प्रशासन ने आनन-फानन में अलग वार्ड बनाकर संदिग्ध मरीजों को वहां भर्ती करना शुरू किया। चौंकाने वाली बात यह है कि 31 मार्च से 21 अप्रैल के बीच पीजीआई ने कोरोना को लेकर 4 अलग-अलग गाइडलाइन बनाई हैं। गाइडलाइन में 90 % प्रोटेक्शन की बात की गई है।    


पीजीआई में अवकाश देने और ड्यूटी ज्वाइन कराने वाले अधिकारी अलग-अलग हैं। अगर कोई स्टाफ छुट्टी के दौरान बाहर गया था तो उसे ज्वाइनिंग के समय संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। जहां तक केरल से आए स्टाफ के वहां से पॉजिटिव आने या यहां आकर पॉजिटिव होने की बात है तो इसका पता लगाना अब मुश्किल है। मौजूद समय में पीजीआई में कोरोना के मरीजों को लेकर बहुत एहतियात बरता जा रहा है।  
- डॉ अशोक कुमार, पीजीआई प्रवक्ता

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