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कोरोना वायरसः एसजीपीसी का बजट अधिवेशन स्थगित हो सकता है, खर्च चलाने में होगी मुश्किल
Mon, 23 Mar 2020 11:22 AM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमृतसर
अशोक नीर, अमृतसर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 23 Mar 2020 11:22 AM IST
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एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल
- फोटो : फाइल फोटो
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कोरोना वायरस की परछाई सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के बजट अधिवेशन पर भी पड़ सकती है। एसजीपीसी के लगभग 1250 करोड़ रुपये के अधिक के बजट के प्रावधानों पर चर्चा करने और उसे पास करवाने के लिए 28 मार्च को साधारण सभा की एक बैठक तेजा सिंह समुंद्री हॉल में बुलाई गई थी। कोरोना के कारण मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश में 31 मार्च तक लॉक डाउन की घोषणा कर दी है। ऐसे में 28 मार्च का बजट इजलास स्थगित होने की संभावना बढ़ गई है।
बजट पास न होने के कारण एसजीपीसी को आगामी वित्तीय वर्ष में खर्च करने के लिए कई समस्याएं पैदा होंगी। गुरुद्वारा एक्ट के अनुसार एसजीपीसी को नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट पास करवाना जरूरी है। एसजीपीसी के साधारण सभा में कुल 190 सदस्य है। इसमें से 170 सदस्य पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ से निर्वाचित होकर आते हैं। 15 सदस्य मनोनीत होते हैं। यह मनोनीत सदस्य देश के कई राज्यों से आते हैं। पांच सिंह साहिबान भी साधारण सभा के सदस्य हैं, लेकिन इन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होता।
कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई स्थिति में एसजीपीसी सदस्यों का बजट अधिवेशन में पहुंचना आसान नहीं है। एसजीपीसी के सदस्य अपने साथ कई समर्थकों को भी ले आते हैं। एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने स्वीकार किया कि कोरोना वायरस को देखते हुए एसजीपीसी का 28 मार्च का बजट अधिवेशन स्थगित किया जा सकता है। कानूनी विशेषज्ञों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। यदि संभव हुआ तो अधिवेशन की तारीख आगे कर दी जाएगी।
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गुरुद्वारा डेरा साहिब के मुख्य ग्रंथी ने मर्यादा का किया उल्लंघन
एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारा डेरा साहिब लाहौर के मुख्य ग्रंथी द्वारा हाथों में दस्ताने व मुंह पर मास्क पहन कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश करने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ग्रंथी सिंह को अपने हजूरिये (गले में डाला गमछा) के साथ सुरक्षा करनी चाहिए।
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बजट पास न होने के कारण एसजीपीसी को आगामी वित्तीय वर्ष में खर्च करने के लिए कई समस्याएं पैदा होंगी। गुरुद्वारा एक्ट के अनुसार एसजीपीसी को नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट पास करवाना जरूरी है। एसजीपीसी के साधारण सभा में कुल 190 सदस्य है। इसमें से 170 सदस्य पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ से निर्वाचित होकर आते हैं। 15 सदस्य मनोनीत होते हैं। यह मनोनीत सदस्य देश के कई राज्यों से आते हैं। पांच सिंह साहिबान भी साधारण सभा के सदस्य हैं, लेकिन इन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होता।
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कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई स्थिति में एसजीपीसी सदस्यों का बजट अधिवेशन में पहुंचना आसान नहीं है। एसजीपीसी के सदस्य अपने साथ कई समर्थकों को भी ले आते हैं। एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने स्वीकार किया कि कोरोना वायरस को देखते हुए एसजीपीसी का 28 मार्च का बजट अधिवेशन स्थगित किया जा सकता है। कानूनी विशेषज्ञों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। यदि संभव हुआ तो अधिवेशन की तारीख आगे कर दी जाएगी।
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गुरुद्वारा डेरा साहिब के मुख्य ग्रंथी ने मर्यादा का किया उल्लंघन
एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारा डेरा साहिब लाहौर के मुख्य ग्रंथी द्वारा हाथों में दस्ताने व मुंह पर मास्क पहन कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश करने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ग्रंथी सिंह को अपने हजूरिये (गले में डाला गमछा) के साथ सुरक्षा करनी चाहिए।