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कोरोना से ऐसे कैसे लड़ेगा चंडीगढ़ का स्मार्ट रेलवे स्टेशन, न सैनिटाइजेशन और न थर्मल स्क्रीनिंग
Sat, 21 Mar 2020 12:08 PM IST
खुशबू गोयल
दीपक शाही, चंडीगढ़
दीपक शाही, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 21 Mar 2020 12:08 PM IST
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन
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न तो ट्रेनों का सैनिटाइजेशन और न ही थर्मल स्कैनिंग? इतना ही नहीं, यात्री के ट्रेन से उतरते ही वह कहां गया मालूम तक नहीं चलता। ऐसी स्थिति में रेलवे स्टेशन में कैसे मालूम हो पाएगा कि यात्री को कोरोना का संक्रमण है या नहीं। कुछ ऐसी ही है कोरोना वायरस को लेकर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की नाकाफी तैयारी। एक तरफ जहां पूरे देश में कर्फ्यू जैसा माहौल है, वहीं कई जगह धारा-144 लगा दी गई है।
ट्राइसिटी के दुकान और मॉल बंद कर दिए गए हैं। लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं सिटी ब्यूटीफुल के ग्रेड-ए रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्कैनर मशीन तक की सुविधा नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं कोरोना के संदिग्धों को पकड़ने के लिए रेलवे की ओर से हेल्प डेस्क भी तैनात नहीं किया गया है। जबकि देश के करीब सभी ग्रेड-ए श्रेणी में आने वाले रेलवे स्टेशनों पर बाकायदा ये सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
रेलवे स्टेशन पर थोड़ी बहुत सफाई जरूर दिख रही है, लेकिन स्लीपर और जनरल क्लास के हाल पहले जैसे ही हैं। यहां भेड़-बकरियों की तरह यात्री ट्रेनों में सवार होकर अपने गंतव्य स्थान तक जा रहे हैं। बता दें कि रेलवे स्टेशन पर कोरोना वायरस से जंग की अधूरी तैयारी बड़ी समस्या बन सकती है। क्योंकि यहां सिर्फ निजी कंपनी का ध्यान प्लेटफार्म टिकट बढ़ाने से लेकर पार्किंग टिकट का रेट बढ़ाने पर है, सफाई पर बिल्कुल नहीं।
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ट्राइसिटी के दुकान और मॉल बंद कर दिए गए हैं। लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं सिटी ब्यूटीफुल के ग्रेड-ए रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्कैनर मशीन तक की सुविधा नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं कोरोना के संदिग्धों को पकड़ने के लिए रेलवे की ओर से हेल्प डेस्क भी तैनात नहीं किया गया है। जबकि देश के करीब सभी ग्रेड-ए श्रेणी में आने वाले रेलवे स्टेशनों पर बाकायदा ये सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
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रेलवे स्टेशन पर थोड़ी बहुत सफाई जरूर दिख रही है, लेकिन स्लीपर और जनरल क्लास के हाल पहले जैसे ही हैं। यहां भेड़-बकरियों की तरह यात्री ट्रेनों में सवार होकर अपने गंतव्य स्थान तक जा रहे हैं। बता दें कि रेलवे स्टेशन पर कोरोना वायरस से जंग की अधूरी तैयारी बड़ी समस्या बन सकती है। क्योंकि यहां सिर्फ निजी कंपनी का ध्यान प्लेटफार्म टिकट बढ़ाने से लेकर पार्किंग टिकट का रेट बढ़ाने पर है, सफाई पर बिल्कुल नहीं।
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कालका रेलवे स्टेशन पर ज्यादा जरूरी
कालका रेलवे स्टेशन पर हिमाचल की वादियों में सैर करने के लिए देश-विदेश से सैलानी आते रहते हैं। लेकिन यहां भी कोई जांच का प्रबंध नहीं किया गया है। इसके अलावा रिजर्वेशन और टिकट काउंटरों पर गिने चुने कर्मचारी ही मास्क पहन कर कार्य कर रहे हैं, जबकि सभी को मास्क पहनना चाहिए।
चंडीगढ़ और कालका रेलवे स्टेशन के टिकट और रिजर्वेशन काउंटरों के साथ वेटिंग रूम में सैनिटाइजर प्रॉपर इंतजाम नहीं है। कोरोना को लेकर रेलवे स्टेशनों पर आइसोलेशन वार्ड भी बनाया जाना चाहिए, लेकिन उसे भी नहीं बनाया गया है।
कुछ रेलवे स्टेशनों पर एक रुपये में थर्मल स्क्रीनिंग की सुविधा
कोरोना वायरस के मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने दर्जनों रेलवे स्टेशनों पर रेल यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है। यहां रेल यात्री महज एक रुपये में बुखार की जांच थर्मल स्क्रीनिंग के जरिये करवा रहे हैं। बता दें कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए रेलवे ने एक रुपये वाला क्लीनिक मुंबई के 19 रेलवे स्टेशनों पर काम कर रहा है।
यह सर्विस दिल्ली, मुंबई के सेंट्रल, हार्बर और वेस्टर्न लाइन पर उपलब्ध है। इस क्लीनिक में यात्री तापमान, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल, कंसल्टेशन, प्रेसक्रिप्शन और काउंसिलिंग की सुविधा मिल रही है, ये सुविधाएं चंडीगढ़ में क्यों नहीं मुहैया करवाई जा रही हैं।
कालका-हावड़ा मेल से चंडीगढ़ से कानपुर जाने के लिए शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्लीपर क्लास में बर्थ की बुकिंग थी। ट्रेन में घुसने से पहले ही इतनी स्मैल थी, ट्रेन में बैठना मुश्किल हो रहा था। कोरोना से बचाव तो दूर की बात है, ट्रेनों में सफाई तक नहीं थी।
- मनोरमा, निवासी कानपुर
-कोरोना वायरस से बचाव के लिए जहां पूरा देश में अलर्ट है, वहीं कालका हावड़ा के स्लीपर क्लास की हालात देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि चंडीगढ़ से निकलने वाली बाकी ट्रेनों की सफाई का क्या हाल होगा। ट्रेनों में कोई सैनिटाइजेशन नहीं हो रहा है। रेलवे की तैयारी कोरोना को लेकर नाकाफी है।
- ओम प्रकाश बाजपेयी, निवासी कानपुर
चंडीगढ़ और कालका रेलवे स्टेशन के टिकट और रिजर्वेशन काउंटरों के साथ वेटिंग रूम में सैनिटाइजर प्रॉपर इंतजाम नहीं है। कोरोना को लेकर रेलवे स्टेशनों पर आइसोलेशन वार्ड भी बनाया जाना चाहिए, लेकिन उसे भी नहीं बनाया गया है।
कुछ रेलवे स्टेशनों पर एक रुपये में थर्मल स्क्रीनिंग की सुविधा
कोरोना वायरस के मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने दर्जनों रेलवे स्टेशनों पर रेल यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है। यहां रेल यात्री महज एक रुपये में बुखार की जांच थर्मल स्क्रीनिंग के जरिये करवा रहे हैं। बता दें कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए रेलवे ने एक रुपये वाला क्लीनिक मुंबई के 19 रेलवे स्टेशनों पर काम कर रहा है।
यह सर्विस दिल्ली, मुंबई के सेंट्रल, हार्बर और वेस्टर्न लाइन पर उपलब्ध है। इस क्लीनिक में यात्री तापमान, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल, कंसल्टेशन, प्रेसक्रिप्शन और काउंसिलिंग की सुविधा मिल रही है, ये सुविधाएं चंडीगढ़ में क्यों नहीं मुहैया करवाई जा रही हैं।
कालका-हावड़ा मेल से चंडीगढ़ से कानपुर जाने के लिए शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्लीपर क्लास में बर्थ की बुकिंग थी। ट्रेन में घुसने से पहले ही इतनी स्मैल थी, ट्रेन में बैठना मुश्किल हो रहा था। कोरोना से बचाव तो दूर की बात है, ट्रेनों में सफाई तक नहीं थी।
- मनोरमा, निवासी कानपुर
-कोरोना वायरस से बचाव के लिए जहां पूरा देश में अलर्ट है, वहीं कालका हावड़ा के स्लीपर क्लास की हालात देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि चंडीगढ़ से निकलने वाली बाकी ट्रेनों की सफाई का क्या हाल होगा। ट्रेनों में कोई सैनिटाइजेशन नहीं हो रहा है। रेलवे की तैयारी कोरोना को लेकर नाकाफी है।
- ओम प्रकाश बाजपेयी, निवासी कानपुर