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कोरोना ने परिजन छीने, 30 बच्चों को अपने खर्चे पर निजी स्कूल में पढ़ा रहा प्रशासन

Sat, 04 Sep 2021 02:38 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 02:38 AM IST
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Corona snatched family members, administration is teaching 30 children in private school at their own expense
चंडीगढ़। कोरोना वायरस ने शहर के कई बच्चों के माता-पिता को उनसे छीन लिया है। कुछ बच्चे अनाथ हो गए हैं, तो कुछ के घर की आर्थिक स्थिति बदहाल है। ऐसे 30 बच्चों को प्रशासन अपने खर्चे पर निजी स्कूल में पढ़ा रहा है। इसके अलावा कुल 107 बच्चों के खाते में 26.50 लाख रुपये भेजे गए हैं, ताकि वह इस मुश्किल की घड़ी में संभल सकें। ये सब कुछ समाज कल्याण विभाग की परवरिश योजना के तहत किया जा रहा है।
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परवरिश योजना केतहत माता या पिता के खोने केदिन से प्रशासन प्रति महीने पांच हजार रुपये की सहायता राशि दे रहा है। समाज कल्याण विभाग की विशेष सचिव नितिका पवार ने बताया कि इस योजना के तहत फिलहाल 129 बच्चों की पहचान की गई है। इनमें से 107 बच्चों के खाते में 26 लाख 50 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। बाकी बचे 22 बच्चों के खाते में सहायता राशि जल्द भेज दी जाएगी। शिक्षा विभाग की ओर से पहले 109 बच्चों की पहचान की गई थी। इसके बाद इस योजना में 20 अन्य बच्चों को जोड़ा गया है। समय के साथ जितने योजना के लिए योग्य बच्चों की पहचान होती रहेगी, उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाएगा। कोरोना पॉजिटिव होने वाले बच्चों को भी तीन महीने के लिए 2500 रुपये की सहायता दी जाएगी। ऐसे करीब 1300 बच्चे हैं, जिन्हें यह सहायता राशि दी जानी है। विभाग ने सबसे पहले उन बच्चों के खाते में राशि भेजी, जिन्होंने कोरोना से माता और पिता दोनों को खो दिया है। इसके तहत सेक्टर-52 की टीन शेड कॉलोनी की झुग्गी में रह रही तीन बहनों को 60 हजार रुपये की मदद की गई है। इन बच्चों के माता-पिता का निधन अप्रैल 2021 को हुआ था, इसलिए प्रशासन ने चार महीने के लिए 60 हजार रुपये जारी किए हैं।
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अगर आपकेपास है ऐसे किसी बच्चे की जानकारी तो इस नंबर पर करें संपर्क
जिन बच्चों ने कोरोना के चलते अपने माता-पिता में से एक या दोनों को खो दिया है, उन्हें इस योजना में शामिल किया गया है। बच्चे के नाम पर तीन लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) भी करवाई जाएगी, जो 21 वर्ष की आयु के बाद मिलेंगे। सरकारी स्कूल में ऐसे बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी, जबकि निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। अगर वह 18 वर्ष के बाद डिप्लोमा कोर्स, ग्रेजुएशन या फिर तीन साल का डिग्री कोर्स और प्रोफेशनल डिग्री करते हैं तो भी उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। अगर किसी भी व्यक्ति के पास ऐसे किसी बच्चे की जानकारी है तो वह जिला बाल संरक्षण इकाई के हेल्पलाइन नंबर 0172-2643654 पर संपर्क कर सकता है।
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