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कोरोना का असर : 65 प्रतिशत फर्मों ने नहीं भरा जीएसटी रिटर्न
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चंडीगढ़। कोरोना के चलते लगे ढाई महीने के लॉकडाउन के बाद चंडीगढ़ में व्यापारी जीएसटी रिटर्न फाइल करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अनलॉक-1.0 के बाद भी अभी तक 65 प्रतिशत जीएसटी फर्मों ने जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं किया है। रिटर्न फाइल करवाने के लिए वस्तु एवं सेवाकर विभाग जीएसटी फर्मों को रिक्वेस्ट एसएमएस भेज रहा है और जीएसटी रिटर्न फाइल करने का आग्रह कर रहा है।
जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ में लगभग 26 हजार जीएसटी फर्म पंजीकृत हैं। इनकी देखरेख करने के लिए वस्तु एवं सेवाकर विभाग ने अलग-अलग जोन बनाए हुए हैं। इनमें विभाग के अधिकारियों के द्वारा जीएसटी रिटर्न का कामकाज देखा जाता है। कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के बाद व्यापारी जीएसटी रिटर्न फाइल करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अनलॉक-1.0 के बाद महज 35 प्रतिशत फर्मों ने रिटर्न फाइल किया है। बाकी बची 65 फीसदी फर्मों का रिटर्न फाइल करवाने के लिए फर्मों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर रिक्वेस्ट एसएमएस भेज रहा है। एसएमएस के जरिए विभाग फर्म संचालकों से जीएसटी रिटर्न फाइल करने का आग्रह कर रहा है। जीएसटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इसका लाभ हो रहा है और फर्म संचालकों ने शीघ्र ही रिटर्न फाइल करने का आश्वासन विभाग को दिया है।
जीएसटी भरने में देरी पर प्रति माह 1.5 प्रतिशत देना होगा ब्याज
जिन व्यापारियों के द्वारा जीएसटी रिटर्न भरने में देरी की जा रही है, उन्हें रिटर्न पर 1.5 प्रतिशत प्रति माह ब्याज देना होगा। विभाग भी यह मान रहा है कि लॉकडाउन के दौरान व्यापार पूरी तरह से ठप रहा है, लेकिन रिटर्न भरना आवश्यक प्रक्रिया है, इसमें फर्म संचालकों को देरी नहीं करनी चाहिए। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो व्यापारी रिटर्न फाइल कर देंगे, वे ब्याज देने से बच जाएंगे।
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जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ में लगभग 26 हजार जीएसटी फर्म पंजीकृत हैं। इनकी देखरेख करने के लिए वस्तु एवं सेवाकर विभाग ने अलग-अलग जोन बनाए हुए हैं। इनमें विभाग के अधिकारियों के द्वारा जीएसटी रिटर्न का कामकाज देखा जाता है। कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के बाद व्यापारी जीएसटी रिटर्न फाइल करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अनलॉक-1.0 के बाद महज 35 प्रतिशत फर्मों ने रिटर्न फाइल किया है। बाकी बची 65 फीसदी फर्मों का रिटर्न फाइल करवाने के लिए फर्मों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर रिक्वेस्ट एसएमएस भेज रहा है। एसएमएस के जरिए विभाग फर्म संचालकों से जीएसटी रिटर्न फाइल करने का आग्रह कर रहा है। जीएसटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इसका लाभ हो रहा है और फर्म संचालकों ने शीघ्र ही रिटर्न फाइल करने का आश्वासन विभाग को दिया है।
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जीएसटी भरने में देरी पर प्रति माह 1.5 प्रतिशत देना होगा ब्याज
जिन व्यापारियों के द्वारा जीएसटी रिटर्न भरने में देरी की जा रही है, उन्हें रिटर्न पर 1.5 प्रतिशत प्रति माह ब्याज देना होगा। विभाग भी यह मान रहा है कि लॉकडाउन के दौरान व्यापार पूरी तरह से ठप रहा है, लेकिन रिटर्न भरना आवश्यक प्रक्रिया है, इसमें फर्म संचालकों को देरी नहीं करनी चाहिए। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो व्यापारी रिटर्न फाइल कर देंगे, वे ब्याज देने से बच जाएंगे।
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