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कोरोना पॉजिटिव 55 की साल वृद्धा ने कहा बेटा नहीं आया तो अस्पताल में मर जाऊंगी
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चंडीगढ़। बेटा तू मुझे अस्पताल में छोड़ कर चला गया, मैं यहां पल-पल मर रही हूं। यहां हॉस्पिटल में मुझे कोई पानी तक देने वाला नहीं है। क्या बताऊं शौचालय जाने की भी स्थिति नहीं है। अगर तू मुझे जल्दी यहां से नहीं ले गया तो फिर तू अपनी मां से कभी नहीं मिल पाएगा। हो सकता है कि मैं कोरोना संक्रमित होकर भी घर में जाकर ठीक रहती, लेकिन इस हॉस्पिटल में मेरी जान चली जाएगी। यहां कोई किसी की सुनने वाला नहीं है। डॉक्टर को छोड़ो कोई स्टाफ भी किसी मरीज के पास नहीं आता...। ये बातें मौलीजागरां निवासी 55 साल की महिला सरोज रानी ने अपने बेटे सुमित कुमार से सोमवार की रात को कहीं।
सरोज रानी कोरोना पॉजिटिव होने के बाद सेक्टर-48 हॉस्पिटल में पिछले 3 दिन से भर्ती हैं। अब उनके परिवार के अन्य सदस्यों को होम क्वारंटीन कर उन्हें अकेले हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया है। सुमित ने बताया कि उनकी मां को शुगर भी है। ऐसी स्थिति में तनाव के कारण वह हॉस्पिटल में बेड से गिर भी चुकी हैं, लेकिन उस दौरान भी कोई उनकी मदद करने नहीं आया।
सुमित ने बताया कि कोरोना की आशंका पर 5 दिन पहले उनके परिवार के सभी सदस्यों को जीएमसीएच-32 में आइसोलेट किया गया था। वहां जांच रिपोर्ट में उनकी मां में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उनके घर के सभी सदस्यों को होम क्वारंटीन कर उनकी मां को सेक्टर-48 के हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया। मां के साथ पिता भी वहां गए थे, लेकिन उन्हें सोमवार की आधी रात हॉस्पिटल से निकाल दिया गया। सुमित ने बताया कि जीएमसीएच-32 में आइसोलेशन में रखे जाने के दौरान उनकी मां को दो दिन तक स्ट्रेचर पर भर्ती रखा गया था। उनका कहना है कि जीएमसीएच में इतनी अव्यवस्था है कि वहां संदिग्ध मरीजों को सामान्य मरीजों के साथ एक ही जगह पर रखा जा रहा है। सुमित का कहना है कि अगर उनकी मां की यही स्थिति रही तो होम क्वारंटीन के मानक की अनदेखी कर वह हॉस्पिटल जाकर अपनी मां की देखभाल करेंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसडीएम से भी शिकायत की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुमित ने बताया कि उनकी मां के साथ हॉस्पिटल में 12 अन्य मरीज भर्ती हैं, उनके साथ भी ऐसा ही बर्ताव किया जा रहा है।
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उधर, इस संबंध में प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया, वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी बात करने से मना कर दिया।
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सरोज रानी कोरोना पॉजिटिव होने के बाद सेक्टर-48 हॉस्पिटल में पिछले 3 दिन से भर्ती हैं। अब उनके परिवार के अन्य सदस्यों को होम क्वारंटीन कर उन्हें अकेले हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया है। सुमित ने बताया कि उनकी मां को शुगर भी है। ऐसी स्थिति में तनाव के कारण वह हॉस्पिटल में बेड से गिर भी चुकी हैं, लेकिन उस दौरान भी कोई उनकी मदद करने नहीं आया।
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सुमित ने बताया कि कोरोना की आशंका पर 5 दिन पहले उनके परिवार के सभी सदस्यों को जीएमसीएच-32 में आइसोलेट किया गया था। वहां जांच रिपोर्ट में उनकी मां में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उनके घर के सभी सदस्यों को होम क्वारंटीन कर उनकी मां को सेक्टर-48 के हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया। मां के साथ पिता भी वहां गए थे, लेकिन उन्हें सोमवार की आधी रात हॉस्पिटल से निकाल दिया गया। सुमित ने बताया कि जीएमसीएच-32 में आइसोलेशन में रखे जाने के दौरान उनकी मां को दो दिन तक स्ट्रेचर पर भर्ती रखा गया था। उनका कहना है कि जीएमसीएच में इतनी अव्यवस्था है कि वहां संदिग्ध मरीजों को सामान्य मरीजों के साथ एक ही जगह पर रखा जा रहा है। सुमित का कहना है कि अगर उनकी मां की यही स्थिति रही तो होम क्वारंटीन के मानक की अनदेखी कर वह हॉस्पिटल जाकर अपनी मां की देखभाल करेंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसडीएम से भी शिकायत की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुमित ने बताया कि उनकी मां के साथ हॉस्पिटल में 12 अन्य मरीज भर्ती हैं, उनके साथ भी ऐसा ही बर्ताव किया जा रहा है।
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उधर, इस संबंध में प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया, वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी बात करने से मना कर दिया।