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Hindi News ›   Chandigarh ›   Woman get two different covid-19 test report in Chandigarh

गलती या लापरवाही: चंडीगढ़ के सेक्टर- 16 अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव, जीएमसीएच-32 में आई रिपोर्ट निगेटिव

Sun, 16 May 2021 08:42 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 16 May 2021 08:42 AM IST
सार

चंडीगढ़ में अलग-अलग कोरोना जांच रिपोर्ट मिलने का सिलसिला जारी है। निजी लैब के बाद अब सरकारी अस्पातल में भी एक महिला की निगेटिव और पॉजिटिव रिपोर्ट मिली है। दो भिन्न रिपोर्ट मिलने की वजह से महिला को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

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Woman get two different covid-19 test report in Chandigarh
सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

इसे लापरवाही कहें या गलती। एक व्यक्ति की अलग-अलग रिपोर्ट आने का मामला अब बढ़ता जा रहा है। चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा निवासी एक महिला की सेक्टर- 16 अस्पताल में रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई, वहीं उसने जीएमसीएच-32 में जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इस असमंजस के कारण महिला का पीजीआई में समय से इलाज नहीं हो सका। 

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काफी बहस के बाद पीजीआई में उसकी बीमारी का इलाज शुरू हो सका।  डड्डूमाजरा कालोनी निवासी मुकेश सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी अनु सिंह (30) का इलाज पीजीआई में चल रहा है। पीजीआई में दिखाने के लिए तारीख मिली तो बताया गया कि अपनी कोरोना जांच कराएं। निगेटिव आने पर रिपोर्ट साथ लेकर आएं। निजी लैब में लापरवाही की खबरों के बाद मुकेश ने 12 मई को अपनी पत्नी की कोरोना जांच सेक्टर- 16 स्थित अस्पताल में कराई।
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13 मई को जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग व निगम की टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे परिवार को एकांतवास में जाने के साथ ही कोरोना जांच कराने के निर्देश दे दिए। इधर, निगम की टीम ने दवा का छिड़काव शुरू कर दिया। मुकेश ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताया कि उन्हें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं, इसके बावजूद किसी ने नहीं सुना। 
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मुकेश ने 14 मई को अपनी पत्नी की जीएमसीएच-32 में कोरोना जांच कराई। वहां रिपोर्ट निगेटिव आ गई। मुकेश को अपनी पत्नी का पीजीआई में इलाज कराना था, इसलिए वह दोनों रिपोर्ट लेकर वहां पहुंच गए। दो अलग-अलग रिपोर्ट देख वहां भी काफी देर तक बहस हुई। बाद में डॉक्टरों ने मुकेश की बात को समझा और किसी तरह अनु का इलाज शुरू किया। मुकेश ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

सेक्टर- 16 अस्पताल में केवल नमूने लिए जाते हैं। यहां से नमूने पीजीआई, जीएमसीएच-32 व निजी लैब भेजे जाते हैं। इनकी गुणवत्ता को समय-समय पर जांच भी किया जाता है। सरकारी रिपोर्ट में इस तरह की भिन्नता का पहला मामला है। इसकी जांच करा ली जाएगी। -डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक और संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य, जीएमएसएच-16।

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