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चंडीगढ़: 51 वर्ष से ज्यादा उम्र वालों के लिए घातक बन रहा कोरोना, सबसे ज्यादा गई जान 

Fri, 28 May 2021 04:18 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ 
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़  Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 28 May 2021 04:18 PM IST
सार

चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से 25 मई 2021 तक 51 पार वाले कुल 549 कोरोना संक्रमितों की जान गई है।
 

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Corona is more dangerous for persons aged more than 51 years, report reveals
कोरोना - फोटो : social media

विस्तार

कोरोना वायरस बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को अपनी चपेट में ले रहा है, लेकिन 51 वर्ष से ऊपर के उम्र के लोगों के लिए यह वायरस अब तक सबसे ज्यादा घातक सिद्ध हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 और 25 मई 2021 तक 51 की उम्र पार कर चुके कुल 549 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है, यह आंकड़ा इनसे कम उम्र के मरीजों की तुलना में काफी ज्यादा है।
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ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि कोरोना से बचाव के नियमों का पालन इस आयु वर्ग के लोगों को बेहद गंभीरता से करना चाहिए क्योंकि आंकड़ों से एक बात साफ है कि कोरोना संक्रमण इनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
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वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सलाहकार डॉ. रमणीक सिंह बेदी ने बताया कि 45 वर्ष से ऊपर के लोगों में एक साथ कई बीमारियां शुरू होने का खतरा रहता है। ऐसे में उनकी रोगों से लड़ने की क्षमता भी अचानक कम होने लगती है। इसके कारण कोई भी संक्रमण इस उम्र के लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले लेता है। डॉ. बेदी का कहना है कि यह उम्र का वह पड़ाव है जिसमें शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता तेजी से कम होती है, इसलिए इस वर्ग के संक्रमित मरीजों में गंभीरता ज्यादा होती है, जिसके कारण उनकी मौत व अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो रही है। 
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पहली लहर में युवा देश होने का मिला फायदा

डॉ. बेदी का कहना है कि कोरोना संक्रमण की पहली लहर में विदेश में हुई मौत पर गौर करें तो मृत्यु दर 15 प्रतिशत थी, जबकि भारत में यह महज 2 प्रतिशत रही। इसका मुख्य कारण भारत में युवाओं की संख्या ज्यादा होना है जबकि विदेश में युवाओं की तुलना में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है लेकिन धीरे-धीरे भारत में भी अन्य आयु वर्ग के लोग संक्रमण की चपेट में तेजी से आ रहे हैं, जिसके कारण मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। 

टीकाकरण ही हथियार
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि संक्रमण के साथ ही अगर हो रही मौतों पर काबू पाना है तो जल्द से जल्द टीकाकरण करवाना होगा। डॉ. कंग ने बताया कि 45 से ज्यादा उम्र के लोगों में संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने सबसे पहले इस वर्ग का टीकाकरण शुरू किया था। अब भी इस वर्ग के लाभार्थियों को टीकाकरण में युवाओं की तुलना में ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। 

शहर में कोरोना से अब तक हुई मौतें
आयु वर्ग                   कुल मौतें 
0 से 10 साल                  5
11-20 साल                    6
21-30 साल                  17
31-40 साल                  43
42-50 साल                  94
51-60 साल                 168
61-70 साल                  149
71-80 साल                  151
81 से ज्यादा                     81
(2020 व 25 मई 2021 तक का आंकड़ा)

वर्ष 2020 और 2021 का अब तक का आंकड़ा देखा जाए तो 51 से 60 साल के बीच वाले कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत सबसे ज्यादा हुई है। इससे यह पता चल रहा है कि  कोरोना संक्रमण इस उम्र के लोगों के लिए सबसे ज्यादा घातक सिद्ध हो रहा है।  - डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक

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