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कोरोना इफेक्टः बुड़ैल जेल में भाइयों की कलाई पर इस बार नहीं सजेगी राखी, पोस्ट होंगी सैनिटाइज

Wed, 29 Jul 2020 01:47 PM IST
खुशबू गोयल अमित गुप्ता, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 29 Jul 2020 01:47 PM IST
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Corona Effect, No Rakhi Celebration in Burail Jail Chandigarh
प्रतीकात्मक तस्वीर
रक्षाबंधन सिर्फ त्योहार नहीं है बल्कि बहनों का भाइयों के प्रति प्यार जताने का जरिया है। इस त्योहार पर इस बार कोरोना वायरस के फैलने के चलते बुड़ैल जेल में बंद भाइयों को बहनें राखी नहीं बांध सकेंगी। कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर जेल प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसा कोरोना संक्रमण के फैलने से रोकने के लिए एहतियात के तौर पर किया गया है।
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बुड़ैल जेल में इस दौरान 750 से ज्यादा पुरुष कैदी सजा काट रहे हैं। कोरोना संक्रमण न फैले, इसके चलते 24 मार्च से परिजनों के बुड़ैल जेल में कैदियों के मिलने पर पाबंदी लगी हुई है। इन कैदियों से मुलाकात का सिलसिला कब शुरू होगा, इसे लेकर अभी तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
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पोस्टल से आने वाली राखियां होंगी सैनिटाइज
बुड़ैल जेल में ऐसा पहली बार होगा, जब बहनें अपने भाइयों के कलाई पर राखी नहीं बांध सकेगी। हां, हर साल की तरह इस साल भी कुछ राखियां पोस्टल से आ सकती हैं। इसके बाद इन राखियों को सैनिटाइज किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इनकी जांच कर जेल प्रशासन फैसला लेगा कि इन राखियों को कैदियों तक कैसे पहुंचाना है।

35 के करीब महिला कैदी भी शामिल

जेल में लगभग 35 महिला कैदी शामिल हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जेल प्रशासन कोई कोताही नहीं बरतना चाहता। इसके चलते डॉक्टरों की टीम कैदियों को कोरोना वायरस से बचने के टिप्स भी देती है। जेल की अलग-अलग बैरकों में करीब 5 से 10 कैदियों को रखा गया है। सुविधा अनुसार इन बैरकों से कैदियों को कम-ज्यादा किया जा रहा है।

395 कैदियों को पैरोल व जमानत पर छोड़ा
24 मार्च से शहर में कर्फ्यू लगने से अब तक करीब 395 कैदियों को पैरोल या फिर जमानत पर छोड़ा गया है। इतनी बड़ी संख्या में कैदियों को छोड़ने की मुख्य वजह थी कि जेल में कम से कम कैदियों को रखा जाए ताकि बाकी बचे कैदियों में सोशल डिस्टेंसिंग को बनाया जा सके।

कोरोना संक्रमण से किसी भी तरीके की लापरवाही से बचने को लेकर जेल प्रशासन काफी सतर्क है। इसके चलते रक्षाबंधन के पर्व पर भी किसी को कैदियों से मिलने की अनुमति नहीं है। पोस्टल से आने वाली राखियों को सैनिटाइज करने के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा।
- विराट, आईजी, मॉडल बुड़ैल जेल
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