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अमृतसरः मरीजों की जांच कर रही माइक्रो बायोलॉजिस्ट बेहोश होकर गिरीं, लगातार कर रही थीं ड्यूटी
Sat, 02 May 2020 12:39 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, अमृतसर
अमर उजाला, अमृतसर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 02 May 2020 12:39 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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गुरुनगरी अमृतसर की एक मात्र माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ. बेबीका महिंदर तख्त श्री हजूर साहिब से आए श्रद्धालुओं की जांच के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर गई। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल के आईसीयू वार्ड में दाखिल करवाया गया।
यह डॉक्टर जिला प्रशासन द्वारा कोरोना के मरीजों के लिए स्थापित एक क्वारंटीन केंद्र में तैनात थी। वीरवार देर शाम जब वह श्रद्धालुओं के सैंपल ले रही थी तो अचानक चक्कर आने से नीचे गिर गई। वहां तैनात डॉक्टरों ने उन्हें सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। डॉ. बेबीका बीते 40 दिनों से कोरोना पीड़ित मरीजों की जांच की टीम की सदस्य हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि जब भी किसी डॉक्टर को जांच के लिए क्वारंटीन केंद्र में बुलाया जाता है तो डॉक्टरों को पीपीई किटों का इंतजाम खुद करने के लिए कहा जाता है। जांच उपकरण स्टोर कीपर से लेने के लिए कहा जाता है। कोई भी वरिष्ठ अधिकारी शिकायत सुनने के लिए तैयार नहीं है। प्रशासन ने मरीजों की जांच के लिए दो टीम का गठन किया हुआ है। हर टीम में तीन डॉक्टर शामिल हैं।
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यह डॉक्टर जिला प्रशासन द्वारा कोरोना के मरीजों के लिए स्थापित एक क्वारंटीन केंद्र में तैनात थी। वीरवार देर शाम जब वह श्रद्धालुओं के सैंपल ले रही थी तो अचानक चक्कर आने से नीचे गिर गई। वहां तैनात डॉक्टरों ने उन्हें सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। डॉ. बेबीका बीते 40 दिनों से कोरोना पीड़ित मरीजों की जांच की टीम की सदस्य हैं।
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मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि जब भी किसी डॉक्टर को जांच के लिए क्वारंटीन केंद्र में बुलाया जाता है तो डॉक्टरों को पीपीई किटों का इंतजाम खुद करने के लिए कहा जाता है। जांच उपकरण स्टोर कीपर से लेने के लिए कहा जाता है। कोई भी वरिष्ठ अधिकारी शिकायत सुनने के लिए तैयार नहीं है। प्रशासन ने मरीजों की जांच के लिए दो टीम का गठन किया हुआ है। हर टीम में तीन डॉक्टर शामिल हैं।
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बीमारी का बहाना बनाकर बचना चाहती हैं
वहीं सिविल सर्जन डॉ. जुगल किशोर शर्मा का तर्क है कि डॉ. बेबिका सहित कुछ लोग ऐसे हैं, जो काम से जी चुराते हैं। उन्हें काम करने को कहो तो कोई न कोई बहाना बना देते हैं। डॉ. बेबिका की परफॉर्मेंस खराब है। उन्होंने मात्र आठ मरीजों के सैंपल ही लिए। हमारे डेंटल डॉक्टर प्रतिदिन 30 से 35 मरीजों के सैंपल ले रहे हैं। डॉ. बेबिका का काम तो छोटी-छोटी बात पर उलझना है। वह बीमारी का बहाना बनाकर बचना चाहती हैं।
सीएचसी का लैब सहायक भी कोरोना पॉजिटिव
सीमावर्ती कसबे लोपोके के कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में कार्यरत एक लैब सहायक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। केंद्र में कार्यरत सभी कर्मचारियों के सैंपल लिए गए थे। कर्मचारी को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद गुरु नानक देव अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करवा दिया गया है। यह जानकारी एसएमओ डॉ. ब्रिज भूषण ने दी है। जसवंत सिंह वेरका का रहने वाला है जो इस केंद्र में तीन दिन ड्यूटी देता है।
सीएचसी का लैब सहायक भी कोरोना पॉजिटिव
सीमावर्ती कसबे लोपोके के कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में कार्यरत एक लैब सहायक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। केंद्र में कार्यरत सभी कर्मचारियों के सैंपल लिए गए थे। कर्मचारी को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद गुरु नानक देव अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करवा दिया गया है। यह जानकारी एसएमओ डॉ. ब्रिज भूषण ने दी है। जसवंत सिंह वेरका का रहने वाला है जो इस केंद्र में तीन दिन ड्यूटी देता है।